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  • /ऐसा 'इस्तकबाल' तो हर आतंकी का होना चाहिए! बॉर्डर पार करते वक्त लैंडमाइन पर पड़ा पैर और उड़ गए 4 दहशतगर्दों के चीथड़े

ऐसा 'इस्तकबाल' तो हर आतंकी का होना चाहिए! बॉर्डर पार करते वक्त लैंडमाइन पर पड़ा पैर और उड़ गए 4 दहशतगर्दों के चीथड़े

जम्मू-कश्मीर के पुंछ के रास्ते घुसपैठ कर रहे आतंकियों ने पहली ही गलती ऐसी कर दी कि उनकी मुलाकात मौत से हो गई. बताया जा रहा है कि मरने वाले आतंकियों की तादाद 4 है.

Written ByTahir Kamran
Published: Oct 12, 2026, 09:21 PM IST|Updated: Oct 13, 2026, 06:52 AM IST
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ऐसा 'इस्तकबाल' तो हर आतंकी का होना चाहिए! बॉर्डर पार करते वक्त लैंडमाइन पर पड़ा पैर और उड़ गए 4 दहशतगर्दों के चीथड़े
Image Credit: AI की मदद से बनाई गई तस्वीर

About the Author

Tahir Kamran

Tahir Kamran

Zee News में नेशनल डेस्क पर देश–विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरें लिखते हैं. करियर का आगाज 2015 से 'पंजाब केसरी' ग्रुप के उर्दू अखबार ‘हिंद समाचार’ से किया, जहां वे कंटेट राइटर से पेज डिजाइनर तक पहुंचे. इसके बाद उर्दू, हिंदी और पंजाबी - तीनों भाषाओं में काम करने का मौका मिला. 2018 में डिजिटल की तरफ कूच करते हुए पंजाब केसरी ग्रुप की उर्दू वेबसाइट की लॉन्चिंग टीम का नेतृत्व किया. इसके बाद 2020 में 'Zee Salaam' ज्वाइन किया, यहां भी वेबसाइट को लॉन्च करने के साथ-साथ तीन साल टीम का नेतृत्व भी किया. इसी दौरान ZEE Delhi NCR वेबसाइट भी लॉन्च हुई, जिसमें उनका अहम योगदान रहा. 2023 में India Daily Live की लॉन्चिंग टीम के साथ काम किया और शुरुआती दिनों में हिंदी के अलावा पंजाबी, तमिल, तेलुगु और गुजराती वेबसाइट टीमों को मैनेज किया. अक्टूबर 2024 में फिर से Zee Media में में वापसी करते हुए नेशनल टीम का हिस्सा बने. तकनीक में दिलचस्पी की वजह से उन्होंने React.js और वेब डिजाइनिंग सीखी. यही कारण है कि उनकी खबरों में HTML-CSS के छोटे-छोटे ग्राफिक्स दिख जाते हैं, जो मुश्किल बातों को भी आसान बना देते हैं. करियर की शुरुआत में कुछ दिनों तक फोटो स्टूडियो में भी काम किया, जहां कैमरा, Adobe Photoshop और ग्राफिक डिजाइनिंग सीखी, जो आज भी उनके डिजिटल काम में मदद करता है. उर्दू शायरी से प्यार अलग ही है. ग़ज़लें, नज़्में, गीत भी लिखते हैं और कई अखबारों में उनकी शायरी छप भी चुकी हैं. राहत इंदौरी, मुनव्वर राणा, अनवर जलालपुरी खुशबीर सिंह शाद और नवाज देवबंदी, माजिद देवबंदी  जैसे शायरों के इंटरव्यू व बातचीत का अनुभव भी उनके पास है. आप tahir.kamran@india.com पर सीधे ईमेल या फिर नीचे X और Facbook से जुड़ सकते हैं. 
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जम्मू कश्मीर के पुंछ में LoC पर घुसपैठ की एक और बड़ी साजिश आतंकियों के लिए जालनेवा साबित हुई. पुंछ जिले में कृष्णा घाटी सेक्टर के नांगी टकरी इलाके में चार हथियारबंद घुसपैठिए भारतीय सीमा में दाखिल होने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन फॉरवर्ड माइनफील्ड की चपेट में आ गए. एक जोरदार धमाके में चारों की मौत हो गई. मारे गए लोगों में लश्कर-ए-तैयबा का कथित टॉप कमांडर मुहम्मद फैजान भी शामिल बताया जा रहा है. हालांकि, पुलिस ने मृतकों की पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.

धमाके के बाद, सुरक्षा बलों ने इलाके की तलाशी लेने और किसी भी अन्य खतरे की जांच करने के लिए पूरे सेक्टर में सतर्कता बढ़ा दी और अलर्ट जारी कर दिया. हालांकि, जम्मू-कश्मीर पुलिस की पुंछ यूनिट ने कहा,'यह धमाका सीमा के उस पार, हमारे देश के अधिकार क्षेत्र से बाहर हुआ है. खबर है कि 4 लोगों की मौत हुई है, लेकिन सेना ने आधिकारिक तौर पर उनकी पहचान की पुष्टि नहीं की है. जैसे ही सेना से घटना के बारे में और जानकारी मिलेगी, उसे साझा किया जाएगा.

सूत्रों ने बताया कि सीमा पार से घुसपैठ की कोशिशों को रोकने के लिए सुरक्षा बलों ने घुसपैठ-रोधी सुरक्षा घेरे (एंटी-इनफिल्ट्रेशन बैरियर ग्रिड) के तहत LoC के पास के अग्रिम इलाकों में भारी मात्रा में बारूदी सुरंगें (माइन्स) बिछा रखी हैं.

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मारे गए चारों लोगों की पहचान पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) की हाजीरा तहसील के मंडला, मदारपुर के रहने वालों के तौर पर हुई है. हालांकि, यह नाम आधिकारिक तौर पर जारी नहीं किए गए.

  1. मुहम्मद फैजान (लश्कर-ए-तैयबा आतंकी संगठन के टॉप कमांडर के तौर पर पहचान)
  2. मुहम्मद इश्तियाक
  3. मुहम्मद वकास
  4. मुहम्मद आसिम

इससे अलग एक और घटना में सोमवार को भारतीय सेना के जवानों ने मेंढर सेक्टर के बसोनी इलाके में बॉर्डर फेंसिंग के पास ज़ंग लगी दो बारूदी सुरंगें (लैंडमाइन) देखीं. अधिकारियों ने बताया कि सुबह 8.25 बजे और दोपहर 12.10 बजे ट्रैक बनाने के काम के दौरान ये बारूदी सुरंगें देखी गईं. बाद में सेना के विशेषज्ञों ने नियंत्रित धमाके की मदद से दोनों उपकरणों को नष्ट कर दिया. पिछले एक हफ्ते के दौरान सेना ने इस इलाके में लगभग एक दर्जन बारूदी सुरंगों का पता लगाकर उन्हें नाकाम किया है.

पूंछ और राजौरी पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला में आता है. इस सुदूरवर्ती और दुर्गम इलाके में घने जंगल, पहाड़ और नालें हैं. ये सीमावर्ती गलियारा सीमा पार करने के रास्ते के रूप में काम करता है. अक्सर यहीं से पाकिस्तानी आतंकी पीओके स्थित लॉन्च पैड से नियंत्रण रेखा पार करके पीर पंजाल की ऊंची चोटियों तक पहुंचते हैं. इसके बाद आतंकवादी घने जंगलों में अपना अस्थायी ठिकाना बनाते हैं, फिर मौका देखकर कश्मीर में घुसपैठ करते हैं.

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Jammu Kashmir News