गहरे समंदर में मौत को मात...डूबते विदेशी टैंकर पर चढ़े कोस्ट गार्ड के जांबाज, बचा लाए 23 क्रू मेंबर्स की जान
भारतीय तटरक्षक बल यानी इंडियन कोस्ट गार्ड के जांबाजों को आज हर कोई सलाम कर रहा है. वजह भी बेहद खास है. कोस्ट गार्ड के जवानों ने अपनी जान दांव पर लगाकर समंदर में 23 लोगों की जान बचा ली. जवानों के हौसले और फुर्ती की वजह से समुद्र में एक बहुत बड़ा हादसा होने से टल गया.
भारत ने एक बार फिर साबित कर दिया कि गहरे समंदर में वह दूसरों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहता है. ओडिशा के पारादीप के पास भारतीय तटरक्षक बल यानी इंडियन कोस्ट गार्ड ने बड़ा हादसा होने से बचा लिया. यहां 9 हजार टन पाम ऑयल लेकर जा रहे एक जहाज का इंजन अचानक ठप पड़ गया था. लिहाजा जहाज में तेजी से पानी भरने लगा और वह डूबने की कगार पर पहुंच गया, लेकिन भारतीय तटरक्षक बल ने मोर्चा संभाला और 23 जिंदगियां बचा लीं.
ओडिशा में पारादीप तट से करीब 37 नॉटिकल मील दूर भारतीय तटरक्षक बल ने एक बड़े समुद्री हादसे को टालते हुए विदेशी टैंकर को डूबने से बचाया है.
क्या है मामला?
हुआ ये कि 9,000 टन पाम ऑयल (ताड़ का तेल) लेकर जा रहे इस जहाज का मुख्य इंजन अचानक फेल हो गया. लिहाजा बैलास्ट टैंकों में तेजी से पानी भरने लगा और जहाज एक तरफ झुककर डूबने की कगार पर पहुंच गया था. अधिकारियों के अनुसार, बेलीज देश के झंडे वाले जहाज 'एमटी सीगल 9' ने रविवार सुबह करीब 7:30 बजे खतरे का संदेश भेजा था. उस वक्त यह टैंकर पारादीप तट से करीब 37 नॉटिकल मील दूर गहरे समंदर में फंसा था और उस पर क्रू के 23 सदस्य मौजूद थे. खबर मिलते ही भारतीय तटरक्षक बल तुरंत एक्शन में आ गया और अपने गश्ती जहाज 'आईसीजीएस विश्वास' को सीधे उस जहाज की मदद के लिए भेज दिया.
जान जोखिम में डालकर जहाज पर चढ़ी टीम: तटरक्षक बल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (PRO) कमांडेंट अमित उनियाल ने बताया कि समंदर के भारी हिचकोलों और बेहद जोखिम भरे हालात के बीच कोस्ट गार्ड की स्पेशल 'डैमेज कंट्रोल टीम' झुकते हुए जहाज पर चढ़ी. एक छोटी सी चूक भी उनकी जान ले सकती थी.
पानी बाहर निकाला और पाइपलाइनों को किया सील: टीम ने मोर्चा संभालते हुए सबसे पहले सबमर्सिबल पंप लगाए और जहाज के अंदर भरे भारी पानी को बाहर निकालना शुरू किया. साथ ही, तेजी से क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों को सील कर नए पानी के रिसाव को रोका, जिससे जहाज डूबने से बचकर स्थिर हो गया और स्थिति और ज्यादा बिगड़ने से बच गई.
समुद्री प्रदूषण रोकने के लिए जहाजों और विमान तैनात: समंदर में तेल फैलने और गंदगी से बचने के लिए कोस्ट गार्ड ने प्रदूषण रोकने वाला एक खास जहाज और एक दूसरा गश्ती जहाज भी मौके पर तैनात कर दिया, ताकि दिन-रात नजर रखी जा सके. इसके साथ ही भुवनेश्वर से उड़ान भरकर कोस्ट गार्ड के डोर्नियर विमानों ने भी आसमान से जहाज और आसपास के पूरे इलाके पर लगातार पैनी नजर बनाए रखी.
हवाई निगरानी से भांपा तेल का खतरा: अधिकारियों ने बताया कि रविवार को जहाज के पास पाम ऑयल की एक हल्की परत (शीन) तैरती देखी गई थी, जो सोमवार को हवाई निगरानी के दौरान पूरी तरह गायब हो चुकी थी. इस तरह बड़ा समुद्री संकट टल गया और जांबाजों ने सभी 23 क्रू मेंबर्स की जान बचा ली.
टगबोट से सुरक्षित किनारे लाया गया जहाज: जहाज के संभलते ही पारादीप पोर्ट की टगबोट 'डॉल्फिन' की मदद से 'एमटी सीगल 9' को खींचकर किनारे के सुरक्षित इलाके में ले आया गया. कमांडेंट अमित उनियाल ने बताया कि कोस्ट गार्ड के तकनीकी माहिर जहाज के खराब इंजन को ठीक करने में जुटे हैं और मौके पर पूरी मदद दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस तरह से जान और जहाज बचाना दिखाता है कि समंदर में किसी भी मुसीबत से निपटने के लिए हमारी तैयारी कितनी मजबूत है. उन्होंने इस रेस्क्यू को 8 अक्टूबर को पारादीप तट पर होने वाले 'नेशनल मैरीटाइम सर्च एंड रेस्क्यू (SAR) अभ्यास' की तैयारियों का एक शानदार नमूना बताया है.
इंडियन कोस्ट गार्ड क्या है और क्या काम करता है?
आपको इंडियन कोस्ट गार्ड के बारे में भी जान लेना चाहिए. यह देश के समुद्री किनारों और पानी की सीमाओं की रखवाली करने वाली फोर्स है, जो रक्षा मंत्रालय के तहत काम करती है. इसकी शुरुआत 1977 में हुई थी और 1978 में इसे पूरी तरह एक अलग सुरक्षा बल का दर्जा दिया गया. इसका आदर्श वाक्य है "वयम् रक्षामः", यानी 'हम रक्षा करते हैं'. आसान भाषा में कहें तो एक तरफ जहां इंडियन नेवी गहरे समंदर में दुश्मनों से देश की रक्षा करती है, वहीं कोस्ट गार्ड समंदर के किनारों पर पहरा देने, तस्करी रोकने और लोगों की जान बचाने का काम करती है.
कोस्ट गार्ड क्या करता है?
समुद्र में 24 घंटे पहरा: भारत के करीब 7,500 किलोमीटर लंबे समुद्री तट और समुद्र के भीतर 200 नॉटिकल मील तक के इलाके में लगातार गश्त लगाकर सुरक्षा बनाए रखना.
तस्करी और घुसपैठ पर लगाम: समुद्र के रास्ते होने वाली हथियारों, ड्रग्स, सोने की तस्करी और अवैध घुसपैठियों को रोकना.
राहत और बचाव काम: तूफान, चक्रवात या समुद्री हादसों के दौरान फंसे जहाजों, नाविकों और मछुआरों को सुरक्षित बाहर निकालना.
मछुआरों की हिफाजत: समुद्र में हमारे मछुआरों को सुरक्षा देना और गलती से दूसरे देशों की सीमा में जाने से उन्हें बचाना.
समुद्री पर्यावरण की देखभाल: जहाजों से तेल रिसाव जैसी दुर्घटनाओं पर काबू पाना, ताकि समुद्री जीवों और पानी को नुकसान न पहुंचे.
खनिजों और संपदा की रक्षा: भारतीय समुद्री क्षेत्र में मौजूद तेल, गैस और मछलियों की विदेशी जहाजों द्वारा होने वाली चोरी को रोकना.
नेवी का साथ: युद्ध या बड़े संकट के वक्त इंडियन नेवी के साथ मिलकर देश की सुरक्षा में जुटना.
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