भारत को मिलने वाला है पांचवां S-400: पांच और सिस्टम खरीदने के साथ 52 पैंटसिर भी खरीदने की तैयारी
2018 में रूस के साथ हुए समझौते के तहत मिलने वाला आखिरी S400 डिफेंस सिस्टम अगले साल जनवरी तक मिल सकता है. साथ ही भारत 5 और S400 के साथ-साथ 52 पैंटसिर भी खरीदने की तैयारी में है.
ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के हथियारों को नाकाम करने वाले S-400 को लेकर एक अच्छी खबर आ रही है कि भारत को 5वां और आखिरी सिस्टम अगले साल जनवरी-फरवरी तक मिल सकता है. रूस के साथ 2018 में की गई 5.43 अरब डॉलर की डील के तहत मिलने वाला आखिरी सिस्टम होगा. इसकी डिलीवरी से पहले दिसंबर में एक प्री-डिस्पैच टीम रूस का दौरा करेगी. अधिकारियों के मुताबिक पुर्जे जनवरी में आने शुरू हो सकते हैं. भारत को मई-जून 2026 में अपना चौथा S-400 वायु रक्षा तंत्र प्राप्त हुआ.
S-400 वही सिस्टम है, जिसने मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी सेना के मंसूबों पर पानी फेरा था. इसकी लंबी दूरी की मिसाइल ने पाकिस्तान के अंदर करीब 300 किलोमीटर दूर उड़ रहे एक हवाई निगरानी विमान को भी निशाना बनाया. इसके अलावा पाकिस्तान ने आदमपुर और भुज एयरबेस पर तैनात S-400 सिस्टम को निशाना बनाने के लिए कामिकाजे ड्रोन भेजे थे, लेकिन रूसी एयर डिफेंस सिस्टम ने पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों को कोई नुकसान पहुंचाने में सफल नहीं होने दिया.
भारत को कब-कब मिले S400 सिस्टम?
| S-400 सिस्टम | भारत पहुंचा |
|---|---|
| पहला | दिसंबर 2021 |
| दूसरा | अप्रैल 2022 |
| तीसरा | अक्टूबर 2023 |
| चौथा | जून 2026 |
अभी कहां-कहां तैनात हैं 4 सिस्टम?
अभी भारत के पास जो चार S-400 सिस्टम हैं, उन्हें अलग-अलग मोर्चों पर तैनात किया हुआ है. मौजूद चार S-400 सिस्टम में से तीन पश्चिमी मोर्चे पर और एक पूर्वी मोर्चे पर तैनात है. पश्चिमी मोर्चे पर इनकी तैनाती पाकिस्तान से लगती सीमा की हवाई सुरक्षा को मजबूत करने के लिए है, जबकि पूर्वी मोर्चे पर तैनात सिस्टम चीन की ओर से आने वाले हवाई खतरों पर नजर रखने के लिए है.
पांच S400 के साथ-साथ 52 पैंटसिर भी खरीदने की तैयारी
2018 में हुए समझौते के तहत खरीदे जाने वाले पांच S-400 सिस्टम के अलावा, भारत की रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने इस साल मार्च में पांच और S-400 सिस्टम खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी. हालांकि, इसके लिए अभी तक औपचारिक हस्ताक्षर नहीं हुए हैं. भारत रूस के कम दूरी के एयर डिफेंस सिस्टम पैंटसिर (Pantsir) के बारे में भी विचार कर रहा है. मामले से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, भारत 'बाय एंड मेक' (Buy and Make) व्यवस्था के तहत ऐसे 52 सिस्टम खरीदने पर गौर कर रहा है. इनमें से 13 सिस्टम रूस से आयात किए जाएंगे, जबकि बाकी 39 सिस्टम भारत में ही बनाए जाएंगे. हालांकि, इस प्रस्ताव पर भी अभी कोई अनुबंध नहीं हुआ है.
पैंटसिर सिस्टम की खासियत क्या है?
पैंटसिर एक कम दूरी का एयर डिफेंस सिस्टम है, जो ड्रोन, क्रूज मिसाइल, हेलीकॉप्टर और कम ऊंचाई पर उड़ने वाले विमानों को निशाना बनाकर उन्हें तबाह कर सकता है. भारत के बहुस्तरीय वायु रक्षा नेटवर्क में यह सिस्टम अहम रोल अदा सकता है. यह टैंक रेजिमेंट के साथ-साथ S-400 जैसी लंबी दूरी की वायु रक्षा प्रणालियों को भी ड्रोन के झुंड (Drone Swarms) के हमलों से सुरक्षा दे सकता है.