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भारतीय वायु सेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह अपनी 42 वर्ष की सेवा के बाद शनिवार को रिटायर हो गए. इस मौके पर उन्होंने दिल्ली में इंडिया गेट पर बने वॉर मेमोरियल पर जाकर शहीदों को पुष्प चक्र अर्पित किया. जब वे शहीदों को श्रद्धांजलि दे रहे थे तो वहां पर उनकी पत्नी सरिता सिंह भी मौजूद थीं. उनकी जगह पर अब आशुतोष दीक्षित भारतीय वायुसेना के नए चीफ होंगे. वे 1 नवंबर से अपना पदभार संभालेंगे.
एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह PVSM, AVSM प्राप्त हैं. वे एक कुशल फाइटर पायलट और एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट रहे हैं. उन्होंने भारतीय वायु सेना की परिचालन क्षमता, युद्ध तैयारियों और उसके आधुनिकीकरण में अहम योगदान दिया. वायु सेना प्रमुख के रूप में उनका कार्यकाल निर्णायक नेतृत्व और ऑपरेशनल रेडीनेस पर अटूट ध्यान देने के लिए जाना जाएगा.
खासतौर पर 'ऑपरेशन सिंदूर' में जिस तरह भारतीय वायु सेना ने राष्ट्रीय उद्देश्यों की पूर्ति के लिए पाकिस्तानी खेमे में कहर मचाया था. उसने दुनियाभर में भारतीय वायुसेना की धाक जमा दी.

ऑपरेशनल लीडरशिप के अलावा, एयर चीफ मार्शल एपी सिंह को संगठन में वायु योद्धाओं के साथ गहरे और व्यक्तिगत जुड़ाव के लिए याद किया जाएगा. वे जमीनी स्तर पर वायुसैनिकों के साथ जुड़े थे. जब वे वायु योद्धाओं के साथ बात करते थे, तो दुनिया को मैसेज जाता था कि भारतीय वायु सेना की असली ताकत उसके लोग हैं.
चाहे कमान की अंतिम कड़ी के वायु योद्धा से जुड़ना हो या युवा अधिकारियों, वायुसैनिकों और कैडेटों से बातचीत करना हो, उन्होंने हमेशा पेशेवर रुख, जवाबदेही, पहल और सेवा में गर्व महसूस करने पर जोर दिया. युवाओं से जुड़ने और उनमें विश्वास जगाने की उनकी क्षमता, वायु योद्धाओं और नेताओं की अगली पीढ़ी को तैयार करने के उनके विश्वास को दर्शाती है.

एयर चीफ एपी सिंह ने अपने पूरे कार्यकाल में स्वदेशीकरण, इनोवेशन और उभरती प्रौद्योगिकियों के एकीकरण पर जोर दिया. उन्होंने तकनीकी रूप से सशक्त और भविष्य के लिए तैयार भारतीय वायु सेना के निर्माण पर ध्यान केंद्रित किया. उनके दृष्टिकोण और मार्गदर्शन ने सक्षम, विश्वसनीय और युद्ध के लिए तैयार एयरफोर्स के संकल्प को और मजबूत किया है.
उनके रिटायरमेंट पर भारतीय वायु सेना ने एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और उनकी पत्नी सरिता सिंह को भविष्य के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं. एयरफोर्स ने कहा कि एयर चीफ एपी पी सिंह का नेतृत्व, परिचालन संबंधी दृढ़ संकल्प और वायु योद्धाओं के साथ उनका अटूट जुड़ाव आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा.