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जिस विमान से शुरू हुआ सफर, उसी से विदाई…42 साल बाद फिर पहले गुरु के संग उड़े IAF चीफ एपी सिंह

वायुसेना प्रमुख एपी सिंह इसी महीने 31 तारीख को रिटायर हो रहे हैं. इससे पहले उन्होंने आज अपनी आखिरी उड़ान भरी. यह उड़ान कई मायनों में बेहद खास थी. उनकी इस उड़ान को बहुत यादगार बनाया गया है.

Written By Tahir Kamran
Published: Oct 20, 2026, 04:54 PM IST | Updated: Oct 20, 2026, 06:39 PM IST
Image Credit: AP सिंह 31 अक्टूबर को रिटायर हो रहे हैं.
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वायुसेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने आज यानी 20 अक्तूबर 2026 अपनी आखिरी उड़ान भरी. 55 मिनट की यह उड़ान इसलिए भी खास थी, क्योंकि एपी सिंह के साथ इस उड़ान के दौरान उनके पहले फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर, विंग कमांडर वीएस कोचर (रिटायर्ड) भी उनके साथ थे. यह मौका इंस्ट्रक्टर और छात्र के बीच एक भावुक पुनर्मिलन जैसा था, जिसने सिंह को भारतीय वायु सेना में उनके यादगार सफर की शुरुआती यादों से फिर से जोड़ दिया. यह एक पायलट, उनके इंस्ट्रक्टर और उस आसमान के बीच के गहरे रिश्ते को जाहिर करता है.

यह उड़ान इसलिए भी खास है, क्योंकि उन्होंने 1984 में पहली बार जिस विमान में उड़ान भरी थी, उसी विमान में आखिरी बार भी सफर किया.  AP सिंह इंडियन एयरफोर्स के विमान HJT-16 किरण Mk-1 ट्रेनर में अपनी आखिरी उड़ान भरी. इस विमान का टेल नंबर U-707 था. सिंह ने अपनी पहली उड़ान 28 जनवरी 1984 को भरी थी. चार दशक से भी ज्यादा समय के बाद, आज 'किरण' विमान में भरी गई इस उड़ान ने उनके सफर को एक पूर्ण चक्र में ला दिया है.

एपी सिंह ने कहा,'यह सच में एक सपना सच होने जैसा है. मैंने अपना सफर इसी विमान से शुरू किया था. मुझे लगता है कि मैं शायद इकलौता ऐसा प्रमुख हूं, जो ऐसे समय में रिटायर हो रहा है, जब वह बुनियादी विमान जिससे मैंने उड़ान सीखी थी, आज भी सेवा में है. इसलिए मैं बहुत आभारी हूं. मैं अपने इंस्ट्रक्टर, वीएस कोचर सर का बहुत आभारी हूं, जिन्होंने मुझे शुरुआत में यहीं पर उड़ान भरना सिखाया था. मैं बस यही चाहता था कि यह सफर पूरा हो जाए. मैंने 1984 में 28 जनवरी को, इसी जगह पर उनके साथ अपनी पहली सॉर्टी (उड़ान) भरी थी और आज मैंने उन्हीं के साथ, उसी विमान में, अपनी आखिरी सॉर्टी भरी है.'

HJT-16 किरण Mk-1 क्या है?

HJT-16 किरण Mk-1 भारतीय वायुसेना का एक जेट ट्रेनर विमान है, इसका इस्तमाल पायलटों को उड़ान का ट्रेनिंग देने के लिए किया जाता है. इस विमान का निर्माण हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने किया था. इसमें जेट इंजन लगा है, इसलिए यह सामान्य प्रोपेलर वाले ट्रेनिंग विमानों से अलग है. यह किरण विमान का शुरुआती वर्जन है. इसके बाद किरण के कुछ और वर्जन भी बनाए गए. दो सीटों वाला विमान: इसमें पायलट और ट्रेनर के बैठने की व्यवस्था होती है, जिससे उड़ान के दौरान ट्रेनिंग दी जा सकती है. किरण विमान की रफ्तार अलग-अलग वर्जन के हिसाब से अलग अलग है. एक जानकारी के मुताबिक लगभग इसकी रफ्तार 700km प्रति घंटा है. इस विमान ने पहली बार 4 सितंबर 1964 को पहली बार उड़ान भरी थी. 

कौन हैं IAF के नए प्रमुख आशुतोष दीक्षित?

एपी सिंह 31 अक्टूबर 2026 को भारतीय वायुसेना प्रमुख के पद से रिटायर हो रहे हैं. उनके बाद एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को वायुसेना की कमान सौंपने की जिम्मेदारी मिली है. आशुतोष दीक्षित कौन हैं? पढ़ने के लिए क्लिक

भारतीय वायुसेना में एपी सिंह का सफर 21 दिसंबर 1984 को फाइटर पायलट के तौर पर शुरू हुआ था. जो आज 42 साल बाद खत्म होने जा रहा है. इस दौरान उन्होंने 5000 घंटे से ज्यादा उड़ान का अनुभव हासिल किया. वह क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर और एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट रहे.

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About the Author

Zee News में नेशनल डेस्क पर देश–विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरें लिखते हैं. करियर का आगाज 2015 से 'पंजाब केसरी' ग्रुप के उर्दू अखबार ‘हिंद समाचार’ से किया, जहां वे कंटेट राइटर से पेज डिजाइनर तक पहुंचे. इसके बाद उर्दू, हिंदी और पंजाबी - तीनों भाषाओं में काम करने का मौका मिला. 2018 में डिजिटल की तरफ कूच करते हुए पंजाब केसरी ग्रुप की उर्दू वेबसाइट की लॉन्चिंग टीम का नेतृत्व किया. इसके बाद 2020 में 'Zee Salaam' ज्वाइन किया, यहां भी वेबसाइट को लॉन्च करने के साथ-साथ तीन साल टीम का नेतृत्व भी किया. इसी दौरान ZEE Delhi NCR वेबसाइट भी लॉन्च हुई, जिसमें उनका अहम योगदान रहा. 2023 में India Daily Live की लॉन्चिंग टीम के साथ काम किया और शुरुआती दिनों में हिंदी के अलावा पंजाबी, तमिल, तेलुगु और गुजराती वेबसाइट टीमों को मैनेज किया. अक्टूबर 2024 में फिर से Zee Media में में वापसी करते हुए नेशनल टीम का हिस्सा बने. तकनीक में दिलचस्पी की वजह से उन्होंने React.js और वेब डिजाइनिंग सीखी. यही कारण है कि उनकी खबरों में HTML-CSS के छोटे-छोटे ग्राफिक्स दिख जाते हैं, जो मुश्किल बातों को भी आसान बना देते हैं. करियर की शुरुआत में कुछ दिनों तक फोटो स्टूडियो में भी काम किया, जहां कैमरा, Adobe Photoshop और ग्राफिक डिजाइनिंग सीखी, जो आज भी उनके डिजिटल काम में मदद करता है. उर्दू शायरी से प्यार अलग ही है. ग़ज़लें, नज़्में, गीत भी लिखते हैं और कई अखबारों में उनकी शायरी छप भी चुकी हैं. राहत इंदौरी, मुनव्वर राणा, अनवर जलालपुरी खुशबीर सिंह शाद और नवाज देवबंदी, माजिद देवबंदी  जैसे शायरों के इंटरव्यू व बातचीत का अनुभव भी उनके पास है. आप tahir.kamran@india.com पर सीधे ईमेल या फिर नीचे X और Facbook से जुड़ सकते हैं. 
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