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'प्रशासन में दम है तो रोककर दिखाए... 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद निर्माण होगा शुरू, बोले-30km इलाका मेरे कंट्रोल में रहेगा

मुर्शिदाबाद में प्रस्तावित 'बाबरी मस्जिद' को लेकर हुमायूं कबीर ने कहा कि 6 दिसंबर को निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा. इस दौरान उन्होंने बड़ी तादाद में लोगों के इकट्ठा होने की भी बात कही है.

Written By Tahir Kamran
Published: Nov 02, 2026, 09:42 PM IST | Updated: Nov 02, 2026, 10:05 PM IST
Image Credit: हुमायूं कबीर की फाइल फोटो
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पश्चिम बंगाल के नेता और आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के अध्यक्ष हुमायूं कबीर ने 6 दिसंबर को 'बाबरी मस्जिद' के निर्माण उद्घाटन करने की बात कही है. 6 दिसंबर वही तारीख है, जब 1992 को अयोध्या में बाबरी मस्जिद गिराई गई थी. हुमायूं कबीर ने यह भी कहा कि इस दौरान रेजीनगर में जबरदस्त भीड़ जुटने वाली है और प्रशासन के चेतावनी देते हुए कहा दावा किया कि रेजीनगर से बहरामपुर तक का 30 किलोमीटर का इलाका उनके नियंत्रण में रहेगा. उन्होंने कहा कि अगर मुर्शिदाबाद प्रशासन में दम है, तो वे इसे रोकने की कोशिश कर सकते हैं.

बंगाल की 'बाबरी मस्जिद' मुर्शिदाबाद जिले में प्रस्तावित एक नई मस्जिद है. जिसका निर्माण हुमायूं कबीर करवा रहे हैं, उन्होंने इस मस्जिद का अयोध्या की बाबरी मस्जिद के नाम रखा है. उन्होंने इस मस्जिद का निर्माण का ऐलान तब किया था, जब वो तृणमूल कांग्रेस (TMC) में थे. उनके इस ऐलान के बाद उन्हें TMC ने पार्टी से निकाल दिया था. जिसके बाद उन्हें अलग 'आम जनता उन्नयन पार्टी' बनाई थी.

राजनीति छोड़ने की बात कह चुके हैं कबीर

हुमायूं कबीर राजनीति छोड़ने की बात भी कह चुके हैं. हाल ही में रेजीनगर में हुए उपचुनाव के दौरान उनकी पुलिस के साथ झड़प हो गई थी, जिसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया था. कबीर ने पुलिस पर चुनाव में दखल देने का आरोप लगाया था. इस चुनाव में हुमायूं कबीर के बेटे गोलाम नबी आजाद उम्मीदवार थे. हुमायूं कबीर ने रेजीनगर विधानसभा सीट छोड़ दी थी, क्योंकि वह अप्रैल में हुए विधानसभा चुनाव में नाओदा सीट से भी जीते थे.

विवाद के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया. हालांकि, उसी शाम उन्हें रिहा कर दिया गया. इसके अगले दिन उन्होंने राजनीति छोड़ने का ऐलान कर दिया. कबीर ने कहा कि जब तक सुवेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री रहेंगे, वह विधानसभा नहीं जाएंगे. उन्होंने नाओदा की जनता से अपने फैसले के लिए माफी भी मांगी. मीडिया से बातचीत के दौरान वह भावुक हो गए और रोने लगे. उन्होंने रेजीनगर की जनता से भी माफी मांगी. उनका कहना था कि पांच महीने पहले जनता ने उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी थी, वह उसे पूरा नहीं कर सके.

6 दिसंबर और अयोध्या की क्या कहानी है?

16वीं सदी में मुगल शासक बाबर के शासनकाल में बनी बाबरी मस्जिद को लेकर हिंदू पक्ष का दावा था कि यह श्री राम की जन्मभूमि है. हिंदू पक्ष का दावा था कि मस्जिद राम जन्मभूमि पर बने मंदिर को तोड़कर बनाई गई थी. इस दावे को लेकर लंबे समय तक विवाद और कानूनी लड़ाई चली. 6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में जुटी कारसेवकों की भीड़ ने बाबरी मस्जिद को गिरा दिया था. इस घटना के बाद देश के कई हिस्सों में सांप्रदायिक दंगे हुए और बड़ी तादाद में लोगों की जान गई.

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About the Author

Zee News में नेशनल डेस्क पर देश–विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरें लिखते हैं. करियर का आगाज 2015 से 'पंजाब केसरी' ग्रुप के उर्दू अखबार ‘हिंद समाचार’ से किया, जहां वे कंटेट राइटर से पेज डिजाइनर तक पहुंचे. इसके बाद उर्दू, हिंदी और पंजाबी - तीनों भाषाओं में काम करने का मौका मिला. 2018 में डिजिटल की तरफ कूच करते हुए पंजाब केसरी ग्रुप की उर्दू वेबसाइट की लॉन्चिंग टीम का नेतृत्व किया. इसके बाद 2020 में 'Zee Salaam' ज्वाइन किया, यहां भी वेबसाइट को लॉन्च करने के साथ-साथ तीन साल टीम का नेतृत्व भी किया. इसी दौरान ZEE Delhi NCR वेबसाइट भी लॉन्च हुई, जिसमें उनका अहम योगदान रहा. 2023 में India Daily Live की लॉन्चिंग टीम के साथ काम किया और शुरुआती दिनों में हिंदी के अलावा पंजाबी, तमिल, तेलुगु और गुजराती वेबसाइट टीमों को मैनेज किया. अक्टूबर 2024 में फिर से Zee Media में में वापसी करते हुए नेशनल टीम का हिस्सा बने. तकनीक में दिलचस्पी की वजह से उन्होंने React.js और वेब डिजाइनिंग सीखी. यही कारण है कि उनकी खबरों में HTML-CSS के छोटे-छोटे ग्राफिक्स दिख जाते हैं, जो मुश्किल बातों को भी आसान बना देते हैं. करियर की शुरुआत में कुछ दिनों तक फोटो स्टूडियो में भी काम किया, जहां कैमरा, Adobe Photoshop और ग्राफिक डिजाइनिंग सीखी, जो आज भी उनके डिजिटल काम में मदद करता है. उर्दू शायरी से प्यार अलग ही है. ग़ज़लें, नज़्में, गीत भी लिखते हैं और कई अखबारों में उनकी शायरी छप भी चुकी हैं. राहत इंदौरी, मुनव्वर राणा, अनवर जलालपुरी खुशबीर सिंह शाद और नवाज देवबंदी, माजिद देवबंदी  जैसे शायरों के इंटरव्यू व बातचीत का अनुभव भी उनके पास है. आप tahir.kamran@india.com पर सीधे ईमेल या फिर नीचे X और Facbook से जुड़ सकते हैं. 
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