जन्मदिन की खुशियों से फांसी के फैसले तक… 590 दिनों में अपने अंजाम तक कैसे पहुंचा 'सौरभ हत्याकांड', जानिए पूरी टाइमलाइन
मेरठ के सौरभ राजपूत हत्याकांड में 590 दिन बाद फैसला आ गया है. कोर्ट ने आरोपी मुस्कान और साहिल को दोषी मानते हुए फांसी पर लटकाने की सजा सुनाई है. आइए जानते हैं कि इस यह केस किन-किन पड़ावों से होकर अपनी मंजिल तक पहुंचा.
मेरठ के चर्चित 'नीला ड्रम हत्याकांड' यानी सौरभ राजपूत हत्याकांड में 590 दिन यानी लगभग 1 वर्ष, 7 महीने और 11 दिन बाद फैसला आ गया है. जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला के अपराध को दुर्लभ से भी दुर्लभतम मानते हुए मौत की सजा सुनाई है. अपने फैसले में कोर्ट ने कहा कि दोनों को तब तक फंदे से लटकाया जाए, जब तक उनकी मौत न हो जाए. इस फैसले के बाद जहां दोनों आरोपी फूट-फूटकर रो पड़े. वहीं मृतक की मां रेनू देवी ने फैसले पर संतोष जताते हुए पुलिस, वकील और न्यायपालिका का आभार जताया.
मां रेनू देवी ने फैसले पर जताया संतोष
उन्होंने कहा कि इस फैसले से उनका बेटा तो वापस नहीं आ सकता लेकिन उसकी आत्मा को शांति जरूर मिलेगी. सौरभ की मां ने कहा कि मुस्कान ने जो अपराध उनके बेटे के साथ किया, उनके लिए यही सजा होनी चाहिए थी. उन्होंने मुस्कान के मां-बाप के पास पल रही बड़ी बेटी को वापस देने की मांग की. कहा कि वह सौरभ की निशानी है. उसे उन्हें वापस किया जाना चाहिए. वहीं जेल में पैदा हुई दूसरी बेटी के बारे में कहा कि वे उसे नहीं अपनाएंगी. आइए आपको टाइमलाइन के साथ बताते हैं कि यह पूरी घटना कैसे हुई और अपने फाइनल अंजाम तक कैसे पहुंची.
घटना की पूरी टाइमलाइन :
जन्मदिन मनाने भारत लौटे सौरभ राजपूत
24-28 फरवरी 2025
मेरठ के रहने वाले सौरभ राजपूत लंदन में मर्चेंट नेवी की जॉब करते थे. अपनी बड़ी बेटी पीहू और पत्नी मुस्कान का जन्मदिन मनाने के लिए वे 24 फरवरी को मेरठ वापस लौटे. इसके बाद उन सबने मिलकर 28 फरवरी को धूमधाम के साथ बेटी पीहू का जन्मदिन मनाया, जिसका वीडियो भी वायरल हुआ था.
प्रेमी साहिल के साथ मिलकर किया मर्डर
3 मार्च 2025
सौरभ के अचानक लौटने से मुस्कान खुश नहीं थी. उसे अपने प्रेमी साहिल से मिलने में सौरभ का आना रोड़ा महसूस हो रहा था. लिहाजा दोनों ने मिलकर उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची. षडयंत्र के तहत मुस्कान ने सौरभ को खाने में नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोश कर दिया. इसके बाद अपने प्रेमी साहिल शुक्ला को घर बुलाया और दोनों ने मिलकर धारदार हथियारों से सौरभ की हत्या कर दी. हत्या के दौरान सौरभ तड़पा तो मुस्कान ने उसके पैर पकड़ लिए थे. इसके बाद सबूत छुपाने के लिए दोनों ने शव के टुकड़े किए और एक नीले प्लास्टिक ड्रम में भरकर सीमेंट और रेत से सील कर दिया.
हत्या के बाद निकल गए हिमाचल घूमने
4-17 मार्च 2025
वारदात को अंजाम देने के बाद मुस्कान और साहिल अपने रास्ते का बड़ा कांटा दूर होने से खुश थे. वे बेटी को मुस्कान के पैरंट्स के पास छोड़कर प्यार के लम्हे जीने के लिए हिमाचल प्रदेश के शिमला और कसोल घूमने चले गए. साजिश के तहत वे सौरभ का फोन अपने साथ ले गए थे. उसके फोन से मैसेज करके वे परिवार को इस बात का यकीन दिलाते रहे कि वह जीवित है और पत्नी के साथ घूमने गया है. इसके बाद दोनों 17 मार्च को मेरठ वापस लौट आए.
शक होने पर खुला मामला
18-19 मार्च 2025
सौरभ राजपूत अपनी पत्नी मुस्कान के साथ अलग घर में रहते थे. जब परिवार वालों की कई दिनों से सौरभ से बात नहीं हुई तो उन्हें किसी अनहोनी का संदेह गहराने लगा. उन्होंने इस बारे में पुलिस से शिकायत की. जिसके बाद पुलिस उनके पास पहुंची और मुस्कान से सख्ती से पूछताछ की. इस पूछताछ में मुस्कान टूट गई और उसने परिजनों के सामने जुर्म कबूल किया. इसके बाद पुलिस ने मुस्कान की निशानदेही पर मेरठ के ब्रह्मपुरी (इंद्रानगर) इलाके में किराये के मकान से वह नीला ड्रम बरामद कर लिया. जिसमें सौरभ का शव सील करके रखा गया था. पुलिस ने 19 मार्च को मुस्कान और साहिल को अरेस्ट करके कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया.
पेश किए गए 22 से ज्यादा गवाह
मई 2025 - सितंबर 2026
अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति को बेरहमी के साथ मौत के घाट उतारने वाली मुस्कान-साहिल के खिलाफ पुलिस ने मई 2025 में करीब एक हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की. इसके बाद जुलाई 2025 से जिला जज की अदालत में दोनों के खिलाफ नियमित ट्रायल शुरू हुआ. इस दौरान अभियोजन पक्ष ने 22 से ज्यादा गवाह पेश किए और पूरे ट्रायल में कुल 126 पेशियां हुईं.
कोर्ट से दोनों दोषी करार
30 सितंबर 2026
मुकदमे की लंबी सुनवाई और आखिरी बहस खत्म होने के बाद जिला अदालत ने 30 सितंबर 2026 को मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को हत्या और सबूत मिटाने का दोषी करार दिया. इसके बाद से दोनों के चेहरे बुझ गए थे और उन्होंने जेल में खाना-पीना कम कर दिया था.
मौत की सजा का हुआ ऐलान
14 अक्टूबर 2026
जिला अदालत ने सजा पर दोनों पक्षों की बहस सुनी. इसके बाद दोनों आरोपियों मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को मौत की सजा का एलान कर दिया. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई देख रहे दोनों आरोपी सजा सुनते ही रोने लगे और रहम की भीख मांगने लगे. वहीं जवान बेटे को खो चुकी सौरभ राजपूत की मां रेनू देवी के चेहरे पर लंबे वक्त के बाद संतोष देखा गया.
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