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11वीं सदी के शिव मंदिर को बनाया चर्चः क्रॉस लगाकर प्रार्थना सभा की योजना, थलपति विजय सरकार पर BJP का आरोप

तमिलनाडु के बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने मालमपट्टी के पास लिंगामलाई इलाके में स्थित एक 11वीं-12वीं सदी के शिव मंदिर को चर्च बनाने की साजिश रचे जाने का दावा किया है. उन्होंने इसके लिए थलपति विजय सरकार को दोषी ठहराया है.

Written By K. Raj Mishra
Published: Nov 05, 2026, 12:38 PM IST | Updated: Nov 05, 2026, 01:08 PM IST
Image Credit: 11वीं सदी पुराने शिव मंदिर को चर्च बनाने का आरोप (Photo- X: @NainarBJP)
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बीजेपी ने तमिलनाडु की थलपति विजय सरकार पर एक ऐतिहासिक शिव मंदिर को चर्च में बदलने का बड़ा गंभीर आरोप लगाया है. तमिलनाडु के बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन का आरोप है कि थलपति विजय सरकार में लिंगामलाई समुदाय और हिंदू मंदिरों को निशाना बनाया जा रहा है. नैनार नागेंद्रन ने एक्स पर एक ट्वीट करके दावा किया कि पुदुकोट्टई जिले के मालमपट्टी के पास लिंगामलाई इलाके में स्थित एक 11वीं-12वीं सदी के शिव मंदिर को चर्च बनाने की साजिश रची जा रही है. उन्होंने कहा कि ऐसी खबरें सामने आई हैं कि वहां कथित तौर पर अवैध रूप से एक क्रॉस (ईसाई प्रतीक) लगा दिया गया है और महा कार्तिगई दीपम त्योहार के दिन यानी 24 नवंबर को वहां पर एक प्रार्थना सभा आयोजित करने की योजना बनाई गई है.

पुलिस-प्रशासन पर भी भड़के नैनार

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने पुलिस-प्रशासन पर हिंदू समुदाय के धार्मिक अधिकारों की रक्षा करने में विफल रहने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि तहसीलदार के रोक लगाने के आदेश की अवहेलना करते हुए, वहां पर महा कार्तिगई दीपम त्योहार के दिन यानी 24 नवंबर को एक प्रार्थना सभा आयोजित करने की योजना बनाई गई है. इतना ही नहीं इसका विरोध करने वाले हिंदू श्रद्धालु मारी मुथु पर बेरहमी से हमला किया गया. नैनार ने इस घटना की निंदा की है. 

 

'ऐसा करने की हिम्मत कैसे हुई?'

थलपति विजय सरकार पर निशाना साधते हुए नैनार ने पूछा कि क्या तिरुपरनकुंद्रम के बाद अब लिंगामलाई को भी निशाना बनाया जा रहा है? उन्होंने कहा कि लिंगामलाई का क्षेत्र चोल-युगीन ऐतिहासिक साक्ष्यों जैसे दुर्लभ शिलालेखों, मूर्तियों और नंदी की प्रतिमा से समृद्ध है. ऐसे में वहां कुछ लोगों की ओर से ईसाई प्रार्थना सभा आयोजित करने की हिम्मत कैसे हुई? क्या यह उस सरकार के रवैये से मिली हिम्मत है, जो तिरुपरनकुंद्रम दीपम स्तंभ पर कार्तिगई दीपम जलाने से रोकने की कोशिश कर रही है.

सरकार पर हिंदू विरोधी होने का आरोप

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि वहां हिंदुओं के अधिकारों पर कोई भी बेझिझक हमला कर सकता है और कोई सवाल नहीं उठाता? उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि स्पीकर से लेकर मुख्यमंत्री और उनके मंत्री, सभी ईसाई हैं. यही वजह है कि ऐसे लोगों को भरोसे है कि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी. नैनार ने कहा कि यह सरकार किसी भी परिस्थिति में हिंदुओं के समर्थन में आवाज नहीं उठाएगी. उन्होंने कहालकि अगर मौजूदा सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी रहे और हिंदुओं की पारंपरिक आस्थाओं और पूजा के अधिकारों के खिलाफ हो रहे ऐसे दमन को देखती रहे, तो समाज में भाईचारा कैसे पनप सकता है और समानता की जड़ें कैसे जम सकती हैं?

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About the Author

कर्मराज मिश्रा ज़ी न्यूज (डिजिटल) टीम में बतौर चीफ सब एडिटर कार्यरत हैं. वे यहां देश-विदेश की राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लिखते हैं. कानपुर यूनीवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर की डिग्री हासिल करके IBN-7 न्यूज चैनल से इंटर्नशिप की. इसके बाद खबर फास्ट, नेशन लाइव और साधना न्यूज न्यूज चैनलों में काम करने के बाद डिजिटल का रुख किया और 2017 से 2020 तक हिंदुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में बतौर सीनियर सब एडिटर काम किया. इसके बाद News Nation, India Ahead के बाद वर्तमान में Z Media का हिस्सा हैं. मीडिया में 10 साल के कार्यकाल के दौरान यूपी, बिहार, छत्तीसगढ़ और दिल्ली विधानसभा चुनावों के अलावा 2019 और 2024 का लोकसभा चुनाव कवर किया है.
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