कहीं भारी बर्फबारी तो कहीं बारिश का कहर: केदारनाथ में जमा देने वाली ठंड, केरल में लैंडस्लाइड, तमिलनाडु में घरों में घुसा पानी
देश में इस वक्त मौसम के दो बिल्कुल उलट और खौफनाक रूप देखने को मिल रहे हैं. 22 अक्टूबर को तमिलनाडु में इतनी बारिश हुई की पानी घरों में घुस गया, जबकि पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी हो रही है. आइए जानते हैं देश में कहां कैसा मौसम है.
बुधवार को देश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक पलटी मारी है. केदारनाथ में जमा देने वाली ठंड है तो वहीं दक्षिण भारत में आसमानी आफत ने हाहाकार मचा दिया है. केरल और तमिलनाडु में मूसलाधार बारिश हुई है. इससे किसानों को भारी नुकसान की आशंका है. 21 और 22 अक्टूबर को केदारनाथ धाम में पारा माइन 8 डिग्री तक गिरा. हालात ये हो गए नलों में पानी तक जम गया. इधर केरल और तमिलनाडु में मूसलाधार बारिश हुई है. कहीं लैंडस्लाइड हुआ तो कहीं रेल पटरियों पर मलबा आने से ट्रेन का इंजन उतर गया.
सबसे पहले बात उत्तराखंड की. यहां केदारनाथ धाम में तापमान माइनस 8 डिग्री पहुंच गया. बुधवार को यहां जोरदार बर्फबारी हुई थी, यही वजह रही कि गुरुवार की सुबह कड़ाके की ठंड रही. गुरुवार को यहां न्यूनतम तापमान गिरकर -8°C तक पहुंच गया है. इसी वजह से पीने के पानी की पाइपलाइनों में पानी जाम हो रहा है. ऐसे में श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को पीने के पानी की चुनौती खड़ी हो रही है.
केरल में इंजन पटरी से उतरा
केरल में बारिश ने भारी तबाही मचाई है. राजधानी तिरुवनंतपुरम के परसाला रेलवे स्टेशन के पास गुरुवार सुबह तेज बारिश के बीच अचानक लैंडस्लाइड (भूस्खलन) हो गया, जिसकी चपेट में बिलासपुर-तिरुनेलवेली एक्सप्रेस ट्रेन आई और उसका इंजन पटरी से उतर गया. गनीमत ये रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ.
राजधानी तिरुवनंतपुरम में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया था. अब मौसम विभाग ने 22 से 25 अक्टूबर तक येलो अलर्ट जारी किया है. मतलब यहां अगले तीन दिन बहुत बारिश होने की आशंका है.
तमिलनाडु में घरों में घुसा पानी, धान की फसलें तबाह और स्कूल बंद
तमिलनाडु में तो हालात और ज्यादा खराब हैं. उत्तर-पूर्वी मानसून के पूरी तरह एक्टिव होने और बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के चलते लगातार बारिश हो रही है. थूथुकुडी (तूतीकोरिन) जिले में पिछले 2 दिनों से नॉनस्टॉप बारिश हो रही है. इसलिए स्कूलों में छुट्टी कर रखी गई है.
कन्याकुमारी के कोल्लमकोड नगरपालिका इलाके में रिहायशी बस्तियों में पानी भर गया है. लोग घरों में कैद हो गए हैं. कई इलाकों में गाड़ियां और घरेलू सामान पानी में डूबकर खराब हो चुका है. मदुरै जिले में भारी बारिश से 140 एकड़ से ज्यादा क्षेत्र में लगी धान की फसल बर्बाद हो गई.
राजधानी चेन्नई के कई हिस्सों में रातभर हुई बारिश के बाद जलभराव है. हालांकि अच्छी बात ये है कि प्रमुख जलाशयों और बांधों का जलस्तर भी काफी तेजी से बढ़ा है.
24 और 25 अक्टूबर को और तेज हो सकती है बारिश
भारतीय मौसम का कहना है कि 25 अक्टूबर तक तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और केरल में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है.
अगले 24 घंटों के भीतर तूतीकोरिन, कन्याकुमारी, तेनकासी, मदुरै, कोयंबटूर, नीलगिरि, तिरुवरुर, तंजावुर और मयिलादुथुरई समेत दर्जनों जिलों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट है. इसके अलावा तिरुचिरापल्ली, विल्लुपुरम और कडलूर जैसे जिलों में भी अलर्ट जारी किया गया है.
'सुपर अल नीनो' का असर, चेन्नई में हुई भारी बारिश: जीसीसी कमिश्नर
दक्षिण भारत में हो रही मूसलाधार बारिश को लेकर ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन (GCC) के कमिश्नर डॉ. जी.एस. समीरन ने बताया, 'मानसून की शुरुआत हो चुकी है. यह 'सुपर अल नीनो' का साल है, जहां प्रशांत महासागर का तापमान 3 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा बढ़ चुका है. हमें 17 अक्टूबर की आधी रात को बेहद मूसलाधार बारिश का सामना करना पड़ा था, जिससे कई इलाकों में भारी जलभराव हुआ. मौसम विभाग ने साफ किया है कि यह कोई बादल फटना नहीं था, लेकिन हमें बहुत ज्यादा मात्रा में बारिश झेलनी पड़ी है.'