दिल्ली प्रोटेस्ट: 'न हिरासत न गिरफ्तारी मुझे किया गया था अगवा...', अंडरटेकिंग देकर छूटे ध्रुव राठी का सोशल मीडिया पर दावा
गुरुग्राम पुलिस ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ध्रुव राठी को छोड़ दिया है. पिछले लोससभा चुनाव में अपने राजनीतिक वीडियो के चलते सुर्खियों में आए राठी के करोड़ों फॉलोवर्स हैं. 8 अक्टूबर, 1994 को हरियाणा के रोहतक में जन्मे राठी ने जर्मनी से हायर एजुकेशन पूरी करने के बाद सोशल मीडिया पर कंटेंट क्रिएशन का काम शुरू किया था.
चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए सीजेपी को समर्थन देने जर्मनी से आए यू-ट्यूबर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ध्रुव राठी को देर रात हरियाणा पुलिस ने जरूरी कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद अपनी हिरासत से रिहा कर दिया है. गुरुग्राम पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक ध्रुव राठी थाने से जा चुके हैं. आपको बताते चलें कि भारत की न्यायिक व्यवस्था के मुताबिक कानूनन किसी भी शख्स को 24 घंटे से ज्यादा की हिरासत में नहीं रखा जा सकता है. ऐसे में पुलिस को ये बड़ा फैसला लेना पड़ा.
आपको बताते चलें कि सीजेपी की टॉप लीडरशिप को प्रिवेंटिव अरेस्ट किए जाने की जानकारी सामने आने के बाद ध्रुव राठी से जुड़ा ये अपडेट सामने आया है.
'किडनैप हुआ': ध्रुव राठी
ध्रुव राठी ने अपनी रिहाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि वो गिरफ्तार या हिरासत में नहीं थे, बल्कि उनको अगवा किया गया था.
कैसे छूटे राठी?
पुलिस ने बताया कि ध्रुव राठी से बाकायदा लिखित में एक अंडरटेकिंग ले कर छोड़ा गया है. राठी ने जो पुलिस को जो अंडरटेकिंग दी है, उसमें साफ-साफ लिखा है कि अगर ध्रुव राठी जंतर मंतर पर जाने की कोशिश करेंगे तो पुलिस फिर से हिरासत में ले सकती है. बताते चलें कि ध्रुव राठी को शनिवार को उनके घर से हिरासत में लिया गया था. ये कार्रवाई मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे को लेकर दिल्ली में हो रहे प्रदर्शन में उनकी संभावित भागीदारी के चलते हुई थी.
यू-ट्यूबर पर 3 करोड़ सब्सक्राइबर्स
आपको बताते चलें कि ध्रुव राठी ने आठ अक्टूबर को 27 सेकेंड का एक वीडियो पोस्ट करके पीएम मोदी को टारगेट करके सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था. उसके बाद वो एक्स हैंडल से अपने फॉलोवर्स की ताकत दिखा रहे थे. एक्स पर उनके 3.3 मिलियन फॉलोवर्स हैं. वहीं इंस्टाग्राम पर उनके 19 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स हैं. इसी तरह यू-ट्यूब पर राठी के करोड़ों सब्सक्राइबर्स हैं.
आज भी धारा 163 लागू
सीजेपी सुप्रीमो दीपके ने कथित प्रदर्शन की कमान शिंदे को सौंपी है. उन्होंने आज 10 बजे लोगों को जंतर-मंतर आने को कहा है. ऐसे में चप्पे-चप्पे पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था है.
वाहनों को तगड़ी चेकिंग के बाद आने-जाने दिया जा रहा है. दिल्ली में पुलिस के ट्रैफिक डायवर्जन लागू हैं. हालांकि रविवार को सीपी के बाजार खुले हैं और मेट्रो रेल सेवा भी पूरी तरह खुली है.
कांग्रेस पार्टी ने पिछली बार की तरह इस बार भी सीजेपी के प्रोटेस्ट को समर्थन देने का ऐलान किया है. राहुल गांधी शनिवार को चेन्नई में थे, ऐसे में लाल सलाम वाली वामपंथी पार्टी से जुड़ी नेत्री नेहा बोरा और कुछ वकीलों के अलावा ममता बनर्जी और आम आदमी पार्टी के कुछ नेता सीजेपी वालों को समर्थन देने पहुंचे थे.
बताते चलें कि 12 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर में कथित अनियमितताओं के विरोध में 'इंडी' ब्लॉक ने दिल्ली में प्रदर्शन का ऐलान है.