गुजरात पुलिस ने 'यौन क्षमता बढ़ाने' के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले एक बड़े गिरोह का खुलासा करते हुए 10 लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, आरोपी सोशल मीडिया पर 'बेडरूमबॉस' बनाकर लोगों को फंसाते थे. फर्जी डॉक्टरों इस साइट के जरिए लोगों को अश्लील वीडियो क्लिप भेजकर नकली दवाएं खरीदने के लिए प्रेरित करते थे. अगर ग्राहक दवाएं खरीदने से इनकार कर दे, तो फिर उन्हें बदनाम करने की धमकी देकर पैसे वसूले जाते थे. पुलिस ने राजकोट शहर में इस गिरोह के तीन ठिकानों का भंडाफोड़ किया है. पुलिस का दावा है कि इस गिरोह ने करीब 2 हजार लोगों को अपना शिकार बनाया है.
पुलिस ने राजकोट शहर के कई इलाकों में छापा मारकर इस पूरे गैंग का पर्दाफाश कर दिया. यह गैंग बड़े ही शातिराना तरीके से अवैध गतिविधियों को अंजाम दे रहा था. गैंग की ओर से लोगों को आकर्षित करने के लिए तीन अवैध कॉल सेंटर भी संचालित किए जा रहे थे. पुलिस ने मौके से 10 लोगों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि 5 आरोपी बचकर फरार हो गए. उनकी तलाश जारी है. पुलिस ने इन ठिकानों से बड़ी भारी संख्या में नकली दवाओं का जखीरा बरामद किया है. इसके अलावा 'बेडरूमबॉस' नामक एक वेबसाइट का खुलासा हुआ. इस साइट पर काफी अश्लील वीडियो पाए गए.
जानकारी के मुताबिक, पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली थी कि राजकोट शहर में कुछ अवैध कॉल सेंटर संचालित हो रहे हैं, जिनके जरिए कुछ लोग खुद को सेक्सोलॉजिस्ट या मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (MR) बताकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं. ये लोगों को फोन करके उनकी सेक्स संबंधी समस्याओं का इलाज करने का दावा करते थे. ये लोग भोले-भाले लोगों को 'सेक्स पॉवर बढ़ाने' का झांसा देकर फंसाते थे और फिर उनसे मोटी रकम ऐंठते थे. इन सूचनाओं पर पुलिस ने छापा मारा और इस नेटवर्क से जुड़े लोगों को धर दबोचने में कामयाबी हासिल की.
यह ऑपरेशन साइबर क्राइम यूनिट की सतर्कता का परिणाम है. हम लोगों से अपील करते हैं कि ऐसी संदिग्ध दवाओं से बचें और सत्यापित स्रोतों से ही खरीदारी करें.- विजय सिंह गुर्जर, एसपी, राजकोट पुलिस
इस ऑपरेशन के बाद राजकोट शहर के एसपी विजय सिंह गुर्जर ने मीडिया को बताया कि पुलिस छापेमारी में तीन अवैध कॉल सेंटरों का भंडाफोड़ हुआ है. उन्होंने बताया कि पुलिस ने कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन समेत कुल 5 लाख 16 हजार 700 रुपये का सामान जब्त किया है. एसपी गुर्जर ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 319(2), 308(2), 351(4) और 3(5) के साथ-साथ आईटी एक्ट और गुजरात मेडिकल प्रैक्टिशनर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है.