SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

वर्दी की आड़ में ‘गंदी डिमांड’: कैदी की रिहाई के लिए पत्नी का यौन उत्पीड़न, जांच के बाद अधिकारी पहुंचा जेल; फर्जी आदेश भी बनाए थे

बेंगलुरु में एक बड़े जेल अधिकारी पर महिला को लालच देकर उत्पीड़न करने का आरोप लगा है. यह भी आरोप है कि अधिकारी ने महिला के पति की रिहाई में मदद करने का लालच दिया था. अब इस मामले में पुलिस जांच कर रही है.

Written By abhinav tripathi
Published: Oct 06, 2026, 09:32 AM IST | Updated: Oct 06, 2026, 09:38 AM IST
Image Credit: बेंगलुरु में यौन उत्पीड़न के आरोप में पूर्व जेल अधिकारी गिरफ्तार.
Join

बेंगलुरु से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां पर एक बड़े जेल अधिकारी को यौन उत्पीड़न के मामले में गिरफ्तार किया गया है. बेंगलुरु सेंट्रल जेल के पूर्व मुख्य अधीक्षक श्री सोमशेखर पर आरोप है कि उन्होंने एक कैदी की रिहाई करने के बदले उसकी पत्नी का यौन उत्पीड़न किया. सोमशेखर फिलहाल जेल और सुधार सेवा विभाग में डीआईजी (DIG) के ऊंचे पद पर कार्यरत हैं.

दरअसल, जेल अधिकारी पर एक महिला ने आरोप लगाया कि उसके पति को उम्रकैद की सजा मिली है और पिछले कई सालों से जेल में बंद है. ऐसे में जेल अधिकारी ने कैदी की रिहाई के लिए महिला का यौन उत्पीड़न किया और लालच दिया कि वह उसके पति को जेल से रिहा करने में मदद करेगा.  शंकर ए. नाम का कैदी साल 2004 से ही उम्रकैद की सजा काट रहा है. फास्ट ट्रैक कोर्ट-1 से यह सजा सुनाई थी.

क्या है पूरा मामला

उम्र कैद की सजा काट रहे शंकर ए. को ऊपरी अदालतों से भी राहत नहीं मिली. ऊपरी अदालतों ने भी उसकी उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा था। हैरान करने वाला मोड़ तब आया, जब शंकर 13 नवंबर 2018 को जेल से बाहर आ गया. वह अचानक बेंगलुरु सेंट्रल जेल से रिहा हो गया था। बताया गया कि उसकी रिहाई सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हुई थी. हालांकि, जब इस आदेश की जांच की गई, तो पता चला कि शीर्ष न्यायालय का यह आदेश फर्जी था. इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की.

पुलिस की जांच में आया नया ट्विस्ट

पुलिस ने जब रिहाई की मामले की जांच शुरू, तो इसमें एक नया मोड़ आ गया. पुलिस ने शंकर की पत्नी से लंबीपूछताछ की. इस दौरान महिला ने सोमशेखर के अपराध का खुलासा किया। उसने बताया कि कैसे उसके पति को बाहर निकालने का लालच देकर उसका यौन उत्पीड़न किया गया.

इस फर्जी रिहाई मामले में एक अन्य जेल कर्मचारी श्रीकांत एस. का नाम भी शामिल है. साल 2018 में श्रीकांत एस. कैदी अनुभाग में एसडीए (SDA) के पद पर कार्यरत था. पुलिस का आरोप है कि श्रीकांत नेही वह फर्जी रिहाई का आदेश बनाया था. कागजों में हेराफेरी करने के बाद उसने कैदी की रिहाई में मदद की.

जांच में जुटी पुलिस

पूरे मामले में पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर शंकर को भगाने में सोमशेखर की क्या भूमिका रही है. पुलिस ने आरोपी डीआईजी सोमशेखर को हिरासत में ले लिया है. पुलिस ने पाया कि सोमशेखर जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं.

उन्होंने इस मामले में पुलिस से कई अहम जानकारियां भी छिपाईं. यही कारण है कि उन्हें गिरफ्तार किया गया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने भी आगे की पूछताछ के लिए सोमशेखर को पुलिस हिरासत में भेज दिया है. 

यह भी पढ़ें: लकड़ी के घर, आल्प्स की वादियां और सादगी भरी जिंदगी: भारतीय कपल ने दिखाया स्विट्जरलैंड के गांव का असली रंग; Video Viral

यह भी पढ़ें: 'गांव के लड़कों को नहीं मिल रहीं दुल्हनें, कुछ करो सरकार...': CM शिवकुमार के सामने किसान की अजीबोगरीब फरियाद

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

अभिनव त्रिपाठी जी न्यूज हिंदी में बतौर सब एडिटर कार्यरत हैं।  पत्रकारिता के क्षेत्र में 3 साल से अधिक समय का अनुभव रखते हैं। डेस्क पर रियल टाइम की देश-विदेश की खबरों को कवर करते हैं। राष्ट्रीय राजनीति और अंतरराष्ट्रीय खबरों को लिखना पसंद है। वैश्विक घटनाक्रम के किसी भी जटिल मुद्दे को आसान भाषा में समझाना अच्छी तरीके से आता है। इससे पहले जागरण डॉट कॉम के साथ सब एडिटर के तौर पर काम कर चुके हैं।  करियर की शुरुआत एक सैटेलाइट चैनल से की थी। पत्रकारिता की पढ़ाई काशी विद्यापीठ वाराणसी से की है। 
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES