नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला अपने एक विवादित बयान को लेकर चर्चा में आए गए हैं. उन्होंने कहा, 'कश्मीरी सिर्फ इसलिए बचे हुए हैं, क्योंकि पाकिस्तान हर जगह कश्मीर का मुद्दा उठाता रहता है, वरना भारत के इरादे ठीक नहीं हैं.' फारूक शनिवार को बारामूला के डाक बंगले में पार्टी कार्यकर्ताओं के एक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे, तभी उन्होंने यह दावा किया कि कश्मीरी सिर्फ इसलिए सुरक्षित हैं, क्योंकि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस मुद्दे को जिंदा रखे हुए है.
फारूक अब्दुल्ला ने कश्मीर के मुद्दे पर केंद्र सरकार की नीतियों और नीयत पर सवाल उठाया. उनका आरोप है कि केंद्र सरकार कश्मीरी पहचान को खत्म करने की कोशिश कर रही है और केवल अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण ही रुकी हुई है.
Baramulla, Jammu and Kashmir: National Conference President Farooq Abdullah says, "They are completely independent. When I saw those documents, what can you expect from Delhi? Do you expect them to deliver justice for you? Have the courage to fight, or you will be wiped out, and your identity will disappear. They are silent today because of the pressure from the world. Our neighbour is constantly after them. He goes everywhere saying that the Kashmir issue has not been resolved. He is protecting us; otherwise, their intentions are not good."
— IANS (@ians_india) October 24, 2026
अब्दुल्ला ने कहा, 'वे पूरी तरह से आजाद हैं. जब मैंने वे डॉक्यूमेंट्स देखे, तो आप दिल्ली से क्या उम्मीद कर सकते हैं? क्या आप उनसे उम्मीद करते हैं कि वे आपको इंसाफ दिलाएंगे? लड़ने की हिम्मत रखो, वरना तुम्हें खत्म कर दिया जाएगा और तुम्हारी पहचान खत्म हो जाएगी. वे आज दुनिया के प्रेशर की वजह से चुप हैं. हमारा पड़ोसी लगातार उनके पीछे पड़ा है. वह हर जगह जाकर कहता है कि कश्मीर का मसला हल नहीं हुआ है, वह हमें बचा रहा है; वरना, उनके इरादे अच्छे नहीं हैं.'
इस सम्मेलन के जरिए फारूक अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा वापस देने और आर्टिकल 370 की बहाली को लेकर आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है. उन्होंने कहा, 'अगर आप में हिम्मत है, तो हम उनसे लड़ेंगे, अगर हिम्मत नहीं है, तो आप मिट जाएंगे. उन्होंने कहा कि आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट हुए बिना अधिकारों की लड़ाई जीतना संभव नहीं है. अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव और परिसीमन के बाद राज्य का दर्जा लौटाने की बात कही गई थी, लेकिन वह वादा अब तक अधूरा है.
Baramulla, Jammu and Kashmir: National Conference President Farooq Abdullah says, "Until you stand on your own feet, you will never gain respect—remember this word of mine. If you want to stand on your own feet, then first remember your Almighty, walk on His path. That is the true power, there is no other power. Many came, many left. We have seen big stalwarts in politics who committed atrocities against us... Remember, you will not achieve anything until you stand united... In the rest of India, where there is a BJP government, do you see how their settlements are being demolished, their houses are being bulldozed, their shops are being demolished? Is anything hidden from you..."
— IANS (@ians_india) October 24, 2026
कश्मीर के मुद्दे पर फारूक अब्दुल्ला ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा 'जब तक आप अपने पैरों पर खड़े नहीं होंगे, तब तक आपको कभी सम्मान नहीं मिलेगा. मेरी यह बात याद रखना. अगर आप अपने पैरों पर खड़े होना चाहते हैं, तो सबसे पहले अपने ईश्वर को याद करें और उनके दिखाए रास्ते पर चलें. यही असली ताकत है, इसके अलावा कोई और ताकत नहीं है'.
फारूक अब्दुल्ला ने मंच से कहा, 'बहुत से लोग आए और चले गए. हमने राजनीति में ऐसे बड़े-बड़े दिग्गज देखे हैं, जिन्होंने हम पर जुल्म किए. याद रखें, जब तक आप एकजुट नहीं होंगे, तब तक आप कुछ हासिल नहीं कर पाएंगे. भारत के बाकी हिस्सों में, जहां बीजेपी की सरकार है, क्या आप देख रहे हैं कि कैसे लोगों की बस्तियां उजाड़ी जा रही हैं, उनके घरों पर बुलडोजर चलाए जा रहे हैं और उनकी दुकानें तोड़ी जा रही हैं? क्या आपसे कुछ छिपा है'.
फारूक अब्दुल्ला ने पार्टी कार्यकर्ताओं को नसीहत दी कि सत्ता के पीछे भागकर अपनी निष्ठा न बदलें, बल्कि अपनी ईमानदारी और सिद्धांतों पर टिके रहें. उन्होंने पीडीपी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि बीजेपी के साथ उसके गठबंधन की वजह से ही जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा छिनने का रास्ता साफ हुआ. इसके साथ ही उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपने इलाके के इतिहास को समझें और जात-पात व धर्म के भेदों को भुलाकर एकजुट रहें.
फारूक अब्दुल्ला ने ये भी कहा अपने हक और पहचान के लिए आवाज उठाना कोई देशद्रोह नहीं है. उन्होंने लोगों से एकजुट होने की अपील की और भरोसा जताया कि जम्मू-कश्मीर को उसका विशेष दर्जा एक दिन जरूर वापस मिलेगा.