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NC में बगावत की आग पर काबू! फारूक अब्दुल्ला बोले- 'पार्टी टूटने की अफवाहें बेबुनियाद, हम एकजुट हैं'

नाराज विधायकों ने फारूक अब्दुल्ला को साफ संदेश दिया है कि अब पहले की तरह अपनी मनमर्जी चलाने के दिन लद चुके हैं. अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो बगावत की चिंगारी फिर से भड़क सकती है.

Written By Khalid Hussain Edited By Bhoopendra Rai
Published: Nov 06, 2026, 05:05 PM IST | Updated: Nov 06, 2026, 05:11 PM IST
Image Credit: फारूक अब्दुल्ला ने फिलहाल पार्टी के भीतर भड़कती बगावत को शांत कर दिया है.
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डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने फिलहाल पार्टी के भीतर भड़कती बगावत की आग पर काबू पा लिया है. नाराज विधायकों की शिकायतों को जायज ठहराते हुए उन्हें शांत करने की कोशिश की है. मीटिंग के बाद फारूक ने साफ किया कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और विधायकों की जायज मांगों पर जल्द कदम उठाए जाएंगे. पिछले 10 दिनों में बागी नेताओं ने अब्दुल्ला परिवार को एक स्पष्ट और कड़ा संदेश दिया है कि अब उनकी मनमानी नहीं चलेगी. या तो उनकी मांगें पूरी की जाएं, वरना विरोध के स्वर फिर से उठ खड़े होंगे.

दरअसल, पिछले 10 दिनों में बागी विधायकों ने लगातार 4 बैठकें करके और अपनी एकजुटता दिखाकर पार्टी हाईकमान को कड़ा संदेश दे दिया था. इन नेताओं ने अपनी मांगों का एक ज्ञापन फारूक अब्दुल्ला को सौंपा, जिसके बाद फारूक को नाराज विधायकों के साथ 3 घंटे तक लंबी चर्चा करनी पड़ी.

उमर अब्दुल्ला की कार्यशैली से नाराजगी

मीटिंग के बाद फारूक अब्दुल्ला ने मीडिया के सामने आकर पार्टी में किसी भी तरह की टूट की खबरों को सिरे से खारिज तो कर दिया, लेकिन वहां मौजूद नेताओं के चेहरे कुछ और ही कहानी बयां कर रहे थे. खासकर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के, क्योंकि बागी गुट सीधे तौर पर उनकी नीतियों और काम करने के तरीके से नाराज था.

'नेशनल कॉन्फ्रेंस न कभी टूटी है, न टूटेगी'

फारूक अब्दुल्ला ने कहा, 'यह बेबुनियाद अफवाह पूरी तरह गलत है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस टूट गई है. पार्टी पूरी तरह एकजुट है, जो लोग सोचते हैं कि वे इस पार्टी को तोड़ सकते हैं, उन्हें बता दूं कि यह न तो कभी टूटी है और न ही इंशाअल्लाह कभी टूटेगी. हमने उनसे बातचीत की है, उनकी चिंताएं जायज थीं. इन मुद्दों पर गहराई से विचार किया गया है और सबकी बात सुनी गई है. इंशाअल्लाह, जैसा कि उन्होंने संकेत दिया है, कुछ कदम तुरंत उठाए जाएंगे, जबकि बाकी कदम धीरे-धीरे लागू किए जाएंगे.'

स्टेटहुड और 370 की लड़ाई जारी रहेगी

फारूक अब्दुल्ला ने कहा, 'हम पार्टी और सरकार दोनों को मजबूत करेंगे ताकि लोगों की मुश्किलें कम हो सकें. इसके अलावा, राज्य का दर्जा (स्टेटहुड) बहाल करने के लिए हमारा संघर्ष और अनुच्छेद 370 तथा 35A को लेकर हमारी लड़ाई जारी रहेगी. इंशाअल्लाह, हम इन प्रयासों को उनके सफल अंजाम तक पहुंचाएंगे.'

बागी विधायक ने बैठक को बताया सकारात्मक

बिजबेहरा के विधायक और बागी गुट के सदस्य, डॉ. बशीर विरी ने पुष्टि की कि बैठक सकारात्मक रही. डॉ. विरी ने ज़ी न्यूज़ से कहा, 'पार्टी अध्यक्ष ने धैर्यपूर्वक हमारी बातें सुनीं और हमारी मांगों पर ध्यान दिया. वे हमारे सुझावों को लागू करने के लिए सहमत हो गए हैं, क्योंकि हम सभी पार्टी को मजबूत बनाना चाहते हैं और फारूक साहब भी इस बात से सहमत हैं.'

नेतृत्व के अगले कदम पर टिकी नजरें

हालांकि, विधायकों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले कुछ दिन बहुत महत्वपूर्ण होंगे. वे बारीकी से देखेंगे कि नेतृत्व उनकी मांगों पर क्या कदम उठाता है. इस गुट के करीबी सूत्रों ने बताया कि फारूक के हस्तक्षेप से भले ही कुछ समय के लिए राहत मिली हो, लेकिन अगर वादे पूरे नहीं हुए, तो असंतोष की आवाजें फिर से उठ सकती हैं.

आखिर क्या चाहते हैं नाराज विधायक?

सत्ता में वापसी के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस के लिए यह अब तक की सबसे बड़ी अंदरूनी चुनौती बन गई है, जिसे सीधे तौर पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के काम करने के तरीके के खिलाफ बगावत माना जा रहा है. नाराज विधायकों ने साफ मांग रखी है कि सीएम के सलाहकारों को तुरंत हटाया जाए, सीनियर नेताओं को सरकार व पार्टी में सम्मान मिले, दागी मंत्रियों की छुट्टी हो और चुनाव में जनता से किए गए वादों को ईमानदारी से पूरा किया जाए.

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About the Author

सैयद खालिद हुसैन जम्मू-कश्मीर के एक पुरस्कार विजेता पत्रकार हैं, जिन्हें 24 वर्षों से अधिक का अनुभव है. साल 2014 से 'ज़ी न्यूज़' में चीफ  स्पेशल कोरेस्पोंडेंट के रूप में काम कर रहे हैं.जी मीडिया से पहले हुसैन ने न्यूज़ 18 में नौ साल तक सीनियर कोरेस्पोंडेंट के रूप में काम किया. हुसैन ने अपने करियर की शुरुआत डीडी न्यूज से की थी. हुसैन ने अपनी तालीम श्रीनगर के पब्लिक स्कूल और डीएवी हाई स्कूल से हासिल की. फिर ग्रेजुएशन तक का सफ़र एस.पी हायर सेकेंडरी स्कूल और अमर सिंह कॉलेज से पूरा किया. उसके बाद मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई के लिए दिल्ली के सर अरबिंदो इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से पूरी की. इसके अलावा हुसैन लेखक फ़िल्म/ वीडियो कैमरा का स्पेशल कोर्स एफटीआई पुणे से कर चुके हैं.  मुंबई और दिल्ली में कई साल काम करने के बाद 2004 में उन्होंने जम्मू-कश्मीर में काम करना शुरू किया. डीडी न्यूज़, डीडी कश्मीर, BAG फ़िल्म्स में फ्रीलांस काम किया. हुसैन पिछले दो दशक से भी ज्यादा समय से जम्मू-कश्मीर से जुड़े कई मुद्दों को बेहतरीन तरीके से कवर कर रहे हैं. लद्दाख से लेकर मुंबई तक हुसैन भारत के कई शहरों से रिपोर्टिंग कर चुके हैं.
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