चुनाव आयोग ने 26 सितंबर 2026 को हुई बैठक में SIR यानी Special Intensive Revision को लेकर कई अहम फैसले लिए. आयोग ने ऐसे मतदाताओं को राहत देने की बात कही है, जिन्हें SIR के दौरान नोटिस मिला है. इसके अलावा गरीब, बेघर और नाइट शेल्टर में रहने वाले लोगों के लिए भी विशेष व्यवस्था करने का फैसला लिया गया है. SIR में जिन लोगों का रिकॉर्ड अनमैप्ड है या जिनके रिकॉर्ड में लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी पाई गई है, उनके घर BLO जाएंगे. BLO इन लोगों से जरूरी दस्तावेज लेकर उन्हें ECINet पर अपलोड करेंगे. ऐसे लोगों को सामान्य तौर पर ERO ऑफिस में बुलाने की जरूरत नहीं होगी.
अनमैप्ड और लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी वाले मामलों में सामान्य तौर पर ERO ऑफिस में सुनवाई नहीं होगी. अगर जरूरत हुई तो ERO के फैसले के बाद ऑनलाइन सुनवाई की जा सकेगी. अगर किसी मतदाता के लिए खुद सुनवाई में शामिल होना संभव नहीं है, तो वह अपने परिवार के किसी वयस्क सदस्य को अपनी ओर से अधिकृत कर सकता है. यह सदस्य उसकी तरफ से सुनवाई में शामिल होकर जवाब दे सकेगा.
गरीब और बेघर लोगों के लिए विशेष कैंप
गरीब, बेघर और नाइट शेल्टर में रहने वाले लोगों की मदद के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी यानी DEO पर्याप्त हेल्प डेस्क और विशेष कैंप लगाएंगे. इन कैंपों के जरिए ऐसे लोगों को जरूरी सहायता दी जाएगी.
ECINet की होगी स्वतंत्र समीक्षा
चुनाव आयोग ने ECINet की स्वतंत्र समीक्षा करने का भी फैसला लिया है. इसके लिए वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई जाएगी. इस कमेटी में IIT या IIIT का एक स्वतंत्र विशेषज्ञ भी शामिल होगा.
दिल्ली में दावे-आपत्तियों की तारीख बढ़ी
दिल्ली में दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख अब 30 अक्टूबर 2026 कर दी गई है. इन दावे-आपत्तियों के निस्तारण की अंतिम तारीख 30 नवंबर 2026 होगी.
महाराष्ट्र में भी बढ़ी समयसीमा
महाराष्ट्र में दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख 12 अक्टूबर 2026 कर दी गई है. इनका निस्तारण 10 नवंबर 2026 तक किया जाएगा.
SIR के बाद छूटे लोगों को नाम जुड़वाने का मौका
चुनाव आयोग के मुताबिक 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR पूरा हो चुका है. ऐसे मतदाता जिनका नाम छूट गया है, साथ ही नए और पहली बार वोट देने वाले लोग Continuous Updation के तहत अपना नाम जुड़वा सकते हैं.
गोवा के 97 छूटे वोटरों पर कार्रवाई
गोवा में 97 ऐसे मतदाताओं की पहचान की गई है, जिनके नाम छूट गए हैं. इनमें से 81 लोगों ने पहले ही Form-6 भर दिया है. बाकी मतदाताओं के लिए BLO घर-घर जाकर उनसे Form-6 भरवाएंगे.
SIR के फैसले सर्वसम्मति से हुए: ECI
चुनाव आयोग ने SIR को लेकर फिर स्पष्ट किया है कि 24 जून 2025 का SIR आदेश और उसके बाद जारी की गई समय-सारिणी आयोग की सर्वसम्मत मंजूरी से जारी हुई थी.
कैबिनेट सचिव को भेजे पत्र पर भी सफाई
कैबिनेट सचिव को भेजे गए पत्र को लेकर ECI ने कहा कि यह पत्र किसी नीति या IT डिवीजन से संबंधित नहीं था. आयोग के मुताबिक यह पत्र ECI में प्रतिनियुक्त एक अधिकारी के कामकाज से जुड़ा था.
आयोग की बैठकों में नई प्रक्रिया
अब आयोग की हर बैठक का एजेंडा पहले से सभी सदस्यों को भेजा जाएगा. इसके अलावा बैठक में हुई चर्चा और फैसलों के मिनट्स भी जारी किए जाएंगे.
विदेशी यात्राओं के लिए आयोग की मंजूरी जरूरी
चुनाव आयोग ने अधिकारियों की विदेशी यात्राओं को लेकर भी फैसला लिया है. अब ऐसी यात्राओं के लिए Commission की मंजूरी लेना जरूरी होगा.
नए IT पोर्टल और मॉड्यूल पर भी नई व्यवस्था
IT से जुड़े नए पोर्टल या मॉड्यूल शुरू करने से पहले उन्हें Committee of Officers में चर्चा के लिए रखा जाएगा. इसके बाद ही उन्हें Commission के सामने पेश किया जाएगा.
26 सितंबर को हुई बैठक
चुनाव आयोग की यह बैठक 26 सितंबर 2026 को दोपहर 3 बजे हुई. आयोग ने बताया कि इस बैठक से जुड़े प्रेस नोट को पूर्ण आयोग की मंजूरी मिली है. बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ Election Commissioners एस.एस. संधू और विवेक जोशी मौजूद थे.