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हाल ही में अभिनेत्री दीया मिर्जा का दिवाली पर पटाखों से जुड़े जागरूकता का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रहा. मुंबई महानगर पालिका (BMC) द्वारा इस वीडियो को अपने आधिकारिक प्लेटफॉर्म से हटाने के बाद यह मुद्दा कोर्ट तक पहुंचा, जहां बॉम्बे हाईकोर्ट ने बीएमसी को इस वीडियो को दोबारा अपलोड करने का निर्देश दिया.
इस पूरे घटनाक्रम पर अब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने इस मुद्दे को बेहद छोटा बताते हुए बीएमसी के फैसले का समर्थन किया और कहा कि सोशल मीडिया हैंडल संभालने वाली अथॉरिटी को यह तय करने का पूरा अधिकार है कि कौन सा कंटेंट रखा जाए और कौन सा हटाया जाए.
देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया कि वीडियो को डिलीट करने का निर्णय पूरी तरह से मुंबई महानगर पालिका (BMC) का अपना प्रशासनिक फैसला था. उन्होंने कहा कि किसी भी संस्था या अथॉरिटी के पास अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स को प्रबंधित करने का पूर्ण अधिकार होता है. मुख्यमंत्री के अनुसार, किस कंटेंट को प्लेटफॉर्म पर बनाए रखना है और किसे हटाना है, इसका फैसला वही अथॉरिटी करती है जो उस हैंडल को चला रही है. इसमें किसी बाहरी दबाव या बड़ी राजनीति की भूमिका देखना सही नहीं है.
बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा बीएमसी को वीडियो फिर से अपलोड करने के निर्देश पर टिप्पणी करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें लगता है कि यह मामला असल में हाईकोर्ट के समक्ष जाने लायक भी नहीं था. अदालत ने शायद अपनी एक राय व्यक्त की है, लेकिन इसे एक बड़े कानूनी या प्रशासनिक विवाद के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह एक बहुत ही मामूली और छोटा विषय है, जिसे जरूरत से ज्यादा तूल दिया जा रहा है.
अभिनेत्री दीया मिर्जा के संदर्भ में बोलते हुए फडणवीस ने कहा कि दीया मिर्जा बेशक एक अच्छी और बेहतरीन अभिनेत्री हो सकती हैं, लेकिन वे देश की कोई बहुत बड़ी राजनीतिक हस्ती नहीं हैं. इसलिए उनके किसी वीडियो को हटाने या रखने जैसे विषयों को राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं देखा जाना चाहिए. बात को खत्म करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य स्तर पर कई बड़े और गंभीर मुद्दे होते हैं. ऐसे में इस तरह के छोटे-मोटे विवाद उनके स्तर के नहीं हैं कि उन पर बहुत अधिक ध्यान दिया जाए या राजनीति की जाए.