)
Chhatron Ki Goonj: मध्य प्रदेश के इंदौर में शनिवार ( 19 सितंबर 2026) को 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम का आयोजन हुआ. सोशल मीडिया पर इस इवेंट का वीडियो भी वायरल हो रहा है. कांग्रेस की ओर से'X'पर शेयर किए गए एक वीडियो में राहुल गांधी के साथ मंच पर मौजूद एक शख्स को पीएम मोदी की नकल करते और विदेशी नेताओं के साथ उनकी बातचीत का मजाक उड़ाते हुए देखा जा सकता है.
इंटरनेट पर कई लोगों ने इस घटना की आलोचना करते हुए छात्रों और युवाओं पर फोकस्ड इस इवेंट में ऐसी हरकत पर सवाल उठाए. एक यूजर ने कहा कि विपक्ष के नेता के रूप में राहुल गांधी को इस तरह के कैरिकैचर में हिस्सा नहीं लेना चाहिए. कई यूजर्स ने इस हरकत को बचकाना और बेहद घटिया भी बताया. वहीं, एक यूजर ने लिखा,' विश्वास नहीं हो रहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी इस तरह के घटिया हथकंडे अपना रहे हैं.'
इंदौर में राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को लेकर भाजपा ने भी उनपर निशाना साधा है. पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी उन पर छात्रों की चिंताओं को लेकर मनगढ़ंत कहानी गढ़ने और इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा,' राहुल गांधी इंदौर आए और उनके पास एक माइक और सिस्टम वर्सेज छात्र का बना-बनाया नैरेटिव था. राहुल गांधी ने छात्रों की हर चुनौती को कब्जे वाले सिस्टम का सबूत बताने की कोशिश की और शिक्षा के जटिल इकोसिस्टम को राजनीतिक नारों तक सीमित कर दिया, लेकिन असलियत सिर्फ बातों से कहीं ज्यादा अहम है. छात्रों को जवाब चाहिए, न कि कोई राजनीतिक नाटक.'
Leader of Opposition Shri @RahulGandhi came to Indore with a microphone and a manufactured “System vs Students” narrative.
At Indore’s “Chhatron Ki Goonj”, Rahul Gandhi chose to portray every challenge faced by students as proof of a “captured system” and reduce a complex…— Dharmendra Pradhan (@dpradhanbjp) September 19, 2026
धर्मेंद्र प्रधान ने आगे कहा,' जब विपक्ष के नेता अपना एजेंडा फैलाने में लगे हैं, तब भारत में उच्च शिक्षा तक पहुंच बढ़ी है. GER (सकल नामांकन अनुपात) 2014-15 में 23.7 प्रतिशत से बढ़कर 2023-24 में 30 प्रतिशत हो गया है. PM-विद्यालक्ष्मी अब योग्य छात्रों को बिना गारंटी (collateral-free) के एजुकेशन लोन और इंटरेस्ट पर मदद देती है, जबकि PM-USHA राज्य के संस्थानों में इंफ्रास्ट्रक्चर और क्वालिटी को मजबूत कर रही है. पिछले दशक में हमारी QS वर्ल्ड रैंकिंग में काफी सुधार हुआ है और हमारी संस्थागत क्षमता भी बढ़ी है.
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सीआर केसवन ने छात्रों की गूंज मंच से एक बुजुर्ग महिला का मजाक बनाने पर कड़ी आपत्ति जताई. उन्होंने अपने 'X' हैंडल पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा,' कल राहुल गांधी ने ऐसे घटिया और भद्दे ट्रोल के साथ मंच साझा किया, जिन्होंने एक कमजोर बुज़ुर्ग माताजी का मजाक उड़ाते हुए उन्हें सेटिंग कहकर हमारी नारी शक्ति का अपमान किया. कोई भी सभ्य और सही सोच वाला व्यक्ति ऐसी बदज़ुबानी और हरकतों को मजेदार नहीं मानेगा, लेकिन राहुल गांधी मंच पर जोर-जोर से हंसते हुए दिखे. राहुल गांधी की इस असभ्य संस्कृति से पता चलता है कि वे युवाओं से क्यों नहीं जुड़ पाए हैं, जैसा कि उनके कांग्रेस सहयोगी शशि थरूर ने भी कहा है.'
Rahul Gandhi shared the stage yesterday with cheap, vulgar trolls who insulted our Naari Shakti by mocking a frail elderly Mataji as a “setting.” No decent, right-thinking person would find such foul-mouthed antics amusing. But Rahul Gandhi was seen laughing out loud on the… pic.twitter.com/YCL0Sw4ZBW
— C.R.Kesavan (@crkesavan) September 20, 2026
राष्ट्रीय प्रवक्ता ने आगे लिखा,' राहुल गांधी की ओर से बढ़ावा दी जाने वाली कड़वाहट और नफरत की राजनीति ही वह मुख्य वजह है जिसकी वजह से DUSU चुनावों में युवाओं ने कांग्रेस को बुरी तरह हराया और पूरी तरह नकार दिया. जहां एक तरफ पीएम मोदी ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उस बुज़ुर्ग महिला के लिए कुर्सी का इंतजाम किया, वहीं दूसरी तरफ राहुल गांधी तब मजाक-मस्ती में लगे रहे जब उनका बेशर्मी से अपमान किया जा रहा था. राहुल गांधी, जो ऐसे मसखरों और भद्दे सर्कस जैसे तमाशों का समर्थन करते हैं, उनमें एक राजनीतिक नेता के तौर पर गंभीरता और गरिमा की कमी है.'
शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने भी राहु गांधी पर निशाना साधते हुए एक पोस्ट शेयर किया. उन्होंने लिखा,' राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी नैतिक पतन के निचले स्तर पर गिर गए हैं. छात्रों के साथ बातचीत का इस्तेमाल करके PM मोदी की दिवंगत मां का मजाक उड़ाना और उनका अपमान करना, बुनियादी मानवीय संवेदना और राजनीतिक संस्कृति की चौंकाने वाली कमी को दिखाता है. राजनीतिक विरोध को इस तरह के ड्रामे या बुजुर्गों और माता-पिता के अपमान तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए. यह भारतीय तरीका नहीं है.'
Shameful and disgusting! Rahul Gandhi and the Congress party have stooped to an absolute nadir of moral bankruptcy. Weaponising a student interaction to mock and insult the late mother of PM Shri @narendramodi ji reveals a shocking lack of basic human empathy and political… https://t.co/hkyliBuYMy
— Pralhad Joshi (@JoshiPralhad) September 19, 2026
मंत्री ने आगे लिखा,' विपक्ष के नेता का पद जिम्मेदारी वाला होता है, फिर भी राहुल गांधी इस पद की गरिमा बनाए रखने में बार-बार नाकाम रहे हैं और इस प्रक्रिया में देश की बदनामी कराते हैं. राजनीतिक लड़ाई नीति और विजन के आधार पर लड़ी जानी चाहिए, लेकिन घटिया व्यक्तिगत हमले करना राजनीति नहीं है. इसी जहरीली और अपमानजनक सोच के कारण जनता ने बार-बार कांग्रेस को नकारा है.'
राहुल गांधी की आलोचना करने वालों में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी शामिल थे. उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता की भाषा और खराब होती जा रही है. उन्होंने इन टिप्पणियों को भारतीय राजनीति की गरिमा पर एक दाग बताया और कहा कि ऐसी भाषा भारत का प्रतिनिधित्व नहीं करती.
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी की स्वर्गीय माताजी के लिए आपत्तिजनक शब्द कहे जाएं और उस पर राहुल गांधी हंसें—यह दृश्य बेहद शर्मनाक और पीड़ादायक है।
मां राजनीति का विषय नहीं होती। मां का अपमान किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकता।
राजनीतिक विरोध कीजिए, लेकिन… pic.twitter.com/EYbIquTwhy— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) September 19, 2026
धामी ने यह भी कहा कि लोग राजनीतिक नेताओं के शब्दों, मूल्यों और सोच पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और वोटर्स बार-बार कांग्रेस को नकार चुके हैं.
राहुल गांधी ने छात्रों की गूंज कार्यक्रम में छात्रों से बात करते हुए कहा कि सिस्टम को स्टूडेंट नहीं, अंधभक्त चाहिए. उनके इस बयान पर शिवसेना की प्रवक्ता शायना एनसी ने तीखी प्रतिक्रिया दी.
#WATCH | Mumbai: On Lok Sabha LoP Rahul Gandhi's statement he made at 'Chhatron Ki Goonj' program in Indore, Shiv Sena Spokesperson Shaina NC said, "Rahul Gandhi, this is not ' Chhatron ki goonj', this is 'jhoot ki goonj'. You only speak lies and you spend venom. You talk about… pic.twitter.com/1XYnXab0Ip
— ANI (@ANI) September 20, 2026
उन्होंने कहा,' राहुल गांधी यह 'छात्रों की गूंज' नहीं, बल्कि 'झूठ की गूंज' है. आप सिर्फ झूठ बोलते हैं और जहर उगलते हैं. आप अंधभक्त की बात करते हैं और आपको पीएम मोदी के विकास के एजेंडे के बारे में कोई जानकारी नहीं है. कृपया 140 करोड़ भारतीयों से पूछिए कि वे क्या महसूस करते हैं, उन्होंने क्या विकास देखा है और जमीन पर कैसा इंफ्रास्ट्रक्चर है. अगर आप पीएम मोदी की तुलना भगवान विष्णु से करते हैं, तो हम उनकी तुलना भारत के अब तक के सबसे बेहतरीन प्रधानमंत्री से करते हैं और शायद आपके पूर्वज उस लिस्ट में फिट नहीं बैठते.'