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जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में मंगलवार शाम CISF कैंप में हुई फायरिंग की घटना में चार जवानों की मौत हो गई. अधिकारियों के मुताबिक, बसोहली इलाके के माश्का गांव में स्थित सेवा-II हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट यूनिट में CISF के जवानों के बीच किसी बात को लेकर बहस हुई थी. इसी दौरान CISF के 2009 बैच के एक हेड कॉन्स्टेबल ने अपने साथियों पर गोली चला दी. घटना के बाद कैंप में अफरा-तफरी मच गई.
अधिकारियों ने बताया कि फायरिंग की यह घटना मंगलवार शाम करीब 7 बजे हुई. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, किसी मुद्दे को लेकर CISF के जवानों के बीच बहस हुई थी. हालांकि, बहस की असल वजह क्या थी, इसका अभी तक पता नहीं चल पाया है। CISF ने कहा है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है.
फायरिंग में घायल हुए जवानों को तत्काल इलाज के लिए हिमाचल प्रदेश की तरफ स्थित NHPC अस्पताल ले जाया गया. हालांकि, डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद चारों जवानों की जान नहीं बचाई जा सकी.
Following an argument among CISF personnel in Basohli, a CISF jawan opened fire on his colleagues. Some personnel have reportedly died in the incident. Kathua Police have arrested the accused jawan: Sources pic.twitter.com/xVnf1EyoWU
— IANS (@ians_india) September 29, 2026
मृतकों की पहचान असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडे, सब-इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह, कॉन्स्टेबल रफीक अहमद और कॉन्स्टेबल संदीप कुमार के रूप में हुई है. घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है.
CISF के मुताबिक, गोलीबारी के आरोपी हेड कॉन्स्टेबल को आगे की कानूनी जांच और कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया है. पुलिस अब घटना के कारणों, गोलीबारी की परिस्थितियों और इस्तेमाल किए गए हथियार समेत अन्य पहलुओं की जांच कर रही है.
CISF ने अपने बयान में कहा कि जिस परिस्थिति में जवानों के बीच बहस हुई और उसके बाद गोलीबारी की घटना सामने आई, उसकी जांच की जा रही है. फोर्स की ओर से घटना के कारणों का पता लगाने के लिए आंतरिक जांच भी शुरू की जा रही है.
अधिकारियों का कहना है कि घटना से जुड़ी विस्तृत जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगी. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि बहस किस मुद्दे को लेकर हुई थी और गोलीबारी के पीछे तत्काल कारण क्या था. पुलिस और CISF की जांच के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी.
इनपुट: एजेंसियां