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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और एसआईआर में गड़बड़ियों के आरोपों के बीच अब नए शब्द शासन परिवर्तन (Regime Change) पर सत्ता और विपक्ष के बीच घमासान मचा हुआ है. विरोध-प्रदर्शनों के दौरान छात्र नेता नेहा बोरा और वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण की टिप्पणियों को लेकर सियासी विवाद और गरमा गया है.
वहीं, वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने शनिवार को लोकतंत्र में इस शब्द के इस्तेमाल का बचाव किया. यह बयान ऐसे समय में आया है, जब ज्ञानेश कुमार के खिलाफ X पर एक पोस्ट में चिदंबरम ने इस शब्द पर BJP की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाया और कहा कि 'विपक्ष का काम सरकार का विरोध करना, उसकी पोल खोलना और उसे सत्ता से हटाना' है.
उन्होंने लिखा, 'शासन परिवर्तन' शब्द के इस्तेमाल पर BJP दिखावटी गुस्से में क्यों है? लोकतंत्र में 'शासन परिवर्तन' एक आम बात है. विपक्ष का काम सरकार का 'विरोध करना, उसकी पोल खोलना और उसे सत्ता से हटाना' है. इसका मतलब है राजनीति में विरोध करना, संसद में पोल खोलना और चुनावों के जरिए सत्ता से हटाना.'
Why is the BJP apoplectic with feigned rage on the use of the phrase 'regime change'? 'Regime change' is normal in a democracy The duty of the Opposition is to 'oppose, expose and depose' the government Which means: oppose in politics, expose in Parliament and depose through elections
— P. Chidambaram (@PChidambaram_IN) October 17, 2026
यह विवाद तब शुरू हुआ, जब प्रशांत भूषण ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन को शासन परिवर्तन की लड़ाई बताया, जबकि नेहा बोरा ने बांग्लादेश में 'जेन Z' आंदोलन का जिक्र किया.
चिदंबरम के बयान पर बीजेपी ने बांग्लादेश का एक फोटो एक्स पर पोस्ट कर हमला बोला है. बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा, 'जब आप बांग्लादेश से प्रेरणा लेते हैं तो यह लोकतांत्रिक नहीं रह जाता है. इससे आपकी अराजकता की पोल खुल गई है.'
इससे पहले वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने शनिवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के उस बयान पर निशाना साधा, जिसमें उन्होंने कहा कि कांग्रेस 'बांग्लादेश के रास्ते' सत्ता परिवर्तन चाहती है. सिब्बल ने इसके उलट कहा कि जनता खुद सत्ता में बदलाव चाहती है. उन्होंने सरकार पर भ्रष्टाचार को अपनाने, संस्थाओं पर कब्जा करने और वोटर लिस्ट में हेरफेर करने का आरोप लगाया.
When you take inspiration from Bangladesh, its not democratic. It exposes Your Anarchy! https://t.co/xHcTpFjaAA
— Pradeep Bhandari(प्रदीप भंडारी)🇮🇳 (@pradip103) October 17, 2026
X पर एक पोस्ट में, सिब्बल ने राजनाथ सिंह के बयान पर सवाल उठाए और इसकी तुलना 2014 के 'इंडिया अगेंस्ट करप्शन' आंदोलन से की. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उस समय किए गए वादों से भटक गई है. राजनाथ सिंह को लेकर सिब्बल ने X पर लिखा, राजनाथ सिंह, आप आरोप लगाते हैं कि कांग्रेस बांग्लादेश के रास्ते सत्ता परिवर्तन चाहती है. नहीं. जनता 'सत्ता परिवर्तन' चाहती है. 'इंडिया अगेंस्ट करप्शन' के नारों वाले विरोध-प्रदर्शनों ने ही आपको सत्ता दिलाई थी. फिर क्या हुआ? आपने भ्रष्टाचार को अपनाया, संस्थाओं पर कब्जा किया और वोटिंग लिस्ट में हेरफेर की. अब जाने का समय आ गया है.'