कोयंबटूर से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है. यहां ग्यारहवीं क्लास के एक छात्र ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली है. मृतक छात्र के परिवार और प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि इस मासूम को स्कूल के अंदर जाति-आधारित भेदभाव और गंभीर मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा था, जिसकी वजह से इस छात्र ने ये खौफनाक कदम उठाया.
इस घटना के बाद से पूरे इलाके में गुस्सा और शोक का माहौल है. न्याय की मांग को लेकर बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए हैं. छात्र की मौत से गुस्साए परिजनों ने कई राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के सदस्यों के साथ मिलकर कोयंबटूर जिला कलेक्ट्रेट के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया. कलेक्ट्रेट के बाहर चल रहे इस प्रदर्शन की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं, जहां लोग हाथों में तख्तियां लेकर अपनी नाराजगी जता रहे थे.
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि इस मामले में तुरंत कार्रवाई की जाए. उन्होंने मांग की है कि इसके लिए जिम्मेदार शिक्षक और हेडमास्टर को तुरंत गिरफ्तार किया जाए. आरोपी स्कूल का रजिस्ट्रेशन (मान्यता) पूरी तरह से रद्द किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटना किसी और बच्चे के साथ न हो.
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्कूल प्रबंधन ने तुरंत कदम उठाते हुए क्लास टीचर विजयकुमार और हेडमास्टर अरुणकुमार को सस्पेंड कर दिया है. वहीं, दूसरी ओर कानून ने भी इस मामले पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. पीलामेडु पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया है और पुलिस अधिकारी इस बात की गहराई से जांच कर रहे हैं कि आखिर किन परिस्थितियों और दबाव के कारण छात्र को यह खौफनाक कदम उठाना पड़ा. पुलिस का कहना है कि जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
इस पूरे मामले का संज्ञान तमिलनाडु राज्य अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आयोग ने भी लिया है. आयोग ने कोयंबटूर सिटी पुलिस कमिश्नर को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे इस मामले में अब तक की गई कार्रवाई की एक विस्तृत और पूरी रिपोर्ट तैयार करें. आयोग ने निर्देश दिया है कि यह रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर हर हाल में सौंपी जाए, ताकि मामले में निष्पक्ष और त्वरित न्याय सुनिश्चित किया जा सके.
यह घटना एक बार फिर हमारे समाज और शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव और बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य जैसे गंभीर मुद्दों पर सोचने के लिए मजबूर करती है. एक युवा छात्र का इस तरह दुनिया से चले जाना पूरे समाज के लिए एक बड़ी क्षति है.