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IIT Bombay Student Death Case: IIT बॉम्बे फैकल्टी फोरम के प्रेसीडेंट प्रोफेसर राजकुमार पंत ने मंगलवार ( 22 सितंबर 2026) को प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला के खिलाफ जाति आधारित उत्पीड़न के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि मृतक छात्र साहिल रविंद्र वाकोडे ने अपनी मौत से पहले के महीनों में संस्थान के SC/ST सेल से कोई शिकायत नहीं की थी.
पंत ने बताया कि उन्होंने IIT बॉम्बे के डिप्टी डायरेक्टर प्रोफेसर रविंद्र गुड़ी से बात की, जिन्होंने उन्हें सूचित किया कि संस्थान के SC/ST सेल ने एक नोटिस जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि पिछले 3-4 महीनों में साहिल की ओर से सेल से संपर्क करने का कोई रिकॉर्ड नहीं है.
प्रोफेसर राजकुमार पंत ने कहा,' हर संस्थान की तरह हमारे यहां भी SC/ST के छात्रों के कल्याण के लिए एक डेडिकेटेड सेल है. मैंने इस बारे में संस्थान के डिप्टी डायरेक्टर, प्रोफेसर रविंद्र गुड़ी से बात की और उन्होंने मुझे पुष्टि करते हुए बताया कि SC/ST सेल ने एक नोटिस जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि पिछले 3-4 महीनों में साहिल ने सेल से संपर्क करने की कोई कोशिश नहीं की. उनकी ओर से कोई शिकायत भी दर्ज नहीं की गई.' प्रोफेसर ने कहा कि औपचारिक शिकायत तो दूर की बात है साहिल ने किसी भी बात के लिए SC/ST सेल से कॉन्टैक्ट तक नहीं किया.
18 सितंबर 2026 को साहिल की मौत के बाद से IIT बॉम्बे में प्रोफेसर दूल्ला के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं. ये वही प्रोफेसर हैं, जिन्होंने एग्जाम के दौरान साहिल को मोबाइल फोन से चीटिंग करते हुए पकड़ा था. वहीं, IIT बॉम्बे फैकल्टी फोरम ने प्रोफेसर दूल्ला का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने संस्थान की सीनेट की ओर से अप्रूव्ड एग्जाम प्रोसेस के मुताबिक काम किया. फोरम ने सोमवार ( 21 सितंबर 2026) को उनके समर्थन में परिसर में एक मार्च भी निकाला.
साहिल वाकोडे की आत्महत्या को लेकर IIT बॉम्बे अपने अकेडमिक मिसकंडक्ट रूल्स की समीक्षा कर रहा है. हालांकि, शुरुआती रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि छात्र को एग्जाम के दौरान ChatGPT का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था, लेकिन IIT बॉम्बे ने कहा कि उसकी मौत से पहले उसके खिलाफ FR ग्रेड देने समेत कोई औपचारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी.
IIT बॉम्बे में FR का अर्थ है फेल रिपीट ग्रेड. इसमें छात्रों को जीरो ग्रेड मिलते हैं और फिर उसे बाद के सेमेस्टर में पूरे कोर्स के लिए दोबारा रजिस्टर करना पड़ता है. FR ग्रेड प्राप्त करने से छात्र का सेमेस्टर परफॉर्मेंस इंडेक्स (SPI) और क्यूम्युलेटिव परफॉर्मेंस इंडेक्स (CPI) काफी गिर जाता है, जिसके चलते उसे क्रेडिट लिमिट्स, अकेडमिक प्रोबेशन या शुरुआती कैंपस प्लेसमेंट लेने में दिक्कत आ सकती है. इसके अलावा FR ग्रेड मामूली धोखाधड़ी के लिए अनुशासनात्मक दंड के तौर पर काम करता है, खासतौर से नकल के लिए.
परीक्षा के दौरान अनधिकृत सामग्री, मोबाइल फोन या AI टूल का इस्तेमास जैसे ज्यादा गंभीर उल्लंघनों के लिए FR2 ग्रेड का नियम भी रखा गया है. इसके तहत छात्र केवल फेल नहीं होता, बल्कि उसे पूरे सेमेस्टर के लिए एकेडमिक सस्पेंड किया जाता है. छात्रों का आरोप है कि निरीक्षकों ने साहिल को एक सेमेस्टर के लिए सस्पेंड करने की धमकी दी थी. वहीं प्रशासन का दावा है कि छात्र को आश्वासन दिया गया था कि इससे उसके करियर पर कोई असर नहीं पड़ेगा.