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हिरासत में लिए गए अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका, समझाने की आखिरी कोशिश फेल

दिल्ली में एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन जारी है. दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. साथ ही 50 से अधिक मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया गया है. ट्रेनें भी डायवर्ट की गई हैं.

हिरासत में लिए गए अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका, समझाने की आखिरी कोशिश फेल
Image Credit: सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपके

समझाने की सारी कोशिशें जब फेल हो गईं, तब दिल्ली पुलिस ने शनिवार को एयरपोर्ट पर सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में ले लिया. दिल्ली पुलिस एयरपोर्ट पर दीपके को समझाने पहुंची थी कि वे जंतर-मंतर ना जाएं. लेकिन जब वे नहीं माने तो पुलिस ने उनको हिरासत में ले लिया. इसके बाद उनको विमान के अंदर से ही हिरासत में ले लिया गया. अब उनको डिटेंशन सेंटर ले जाया जाएगा. 

 कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का दिल्ली में एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन चल रहा है. पुलिस ने किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए सेंट्रल दिल्ली में सुरक्षा के भारी बंदोबस्त किए हैं. पुलिस ने जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रोटेस्ट को परमिशन नहीं दी है. बावजूद इसके प्रदर्शन किया जा रहा है. 

इससे पहले दिल्ली पुलिस ने यूट्यूबर ध्रुव राठी के अलावा CJP की लीगल टीम की हेड रत्ना सिंह को उनके साथ मौजूद 3 अन्य वकीलों समेत हिरासत में ले लिया है. पुलिस ने उन्हें 25 से ज्यादा पुलिसकर्मियों से घिरी एक कार में रखा है और हिरासत में लेने का कोई कारण नहीं बताया है.

दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, अब तक करीब 500 से ज्यादा लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है जो प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पहुंच रहे थे.  इसके साथ ही 50 ऐसे आपराधिक छवि वालों को भी पुलिस ने डिटेन किया है, जो जंतर-मंतर की ओर जा रहे थे.

सीजेपी के प्रोटेस्ट के कारण दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में भारी ट्रैफिक जाम लग गया है. कालिंदी कुंज पर 3 किमी लंबा जाम है. एक तरफ का पूरा रास्ता बंद कर दिया गया है. 

अपने नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने इसकी आलोचना की. पार्टी के एक्स हैंडल से कहा गया कि वह दिल्ली में उतरते ही अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को मनमाने ढंग से हिरासत में लिए जाने की कड़ी निंदा करती है.

दिल्ली पुलिस की यह पहले से तय कार्रवाई आज के शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के नेताओं को प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने से पहले ही रोकने और कमजोर करने की कोशिश है. CJP आवाजाही की आजादी के इस खुले उल्लंघन की निंदा करती है और दीपके, दास व रांका की तुरंत और बिना शर्त रिहाई की मांग करती है.

'तमाशबीन बनकर नहीं रह सकती सरकार'

CJP के प्रदर्शनों पर केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा, 'अगर कानून-व्यवस्था बिगड़ने, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और आम नागरिकों को चोट पहुंचाने की कोशिश की जाती है, तो सरकार सिर्फ तमाशबीन बनकर नहीं रह सकती; उसे जरूरी कदम उठाने होंगे. बीजेपी ने हाल के चुनाव जीते हैं और उम्मीद है कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और गोवा में भी उसकी जीत का सिलसिला जारी रहेगा. पश्चिम बंगाल में बीजेपी की बढ़त ममता बनर्जी सरकार के कुशासन और भ्रष्टाचार की वजह से है.मेट्रो सेवाओं पर पाबंदियों के मामले में, मुख्य न्यायाधीश ने उचित पाबंदियां लगाने को कहा है. दिल्ली पुलिस जरूरी कदम तय करेगी. सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है. ये सब राजनीतिक ड्रामे हैं और अपनी चुनावी हार को स्वीकार न करने की कोशिश है.'

कांग्रेस बोली- घबराए हुए हैं पीएम-एचएम

वहीं, कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा, देश की राजधानी को एक किले में तब्दील कर दिया गया है. हर तरफ हथियारबंद सुरक्षाकर्मी तैनात हैं. संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत मिले वोट देने के अधिकार को सुनियोजित तरीके से छीनने की कोशिश को लेकर चिंतित युवाओं के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन से PM-HM की जोड़ी बुरी तरह घबराई और बौखलाई हुई है.

इस बात के पक्के सबूत हैं कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने अपनी नियुक्ति के समय इस विनाशकारी जोड़ी की ओर से दिए गए आदेशों का पूरी वफादारी से पालन किया. दिसंबर 2023 में, जब विपक्ष के 145 सांसदों को निलंबित कर दिया गया था, तब उन्हें आजीवन कानूनी संरक्षण देने वाला कानून संसद से जबरन पारित कराया गया था.

सुप्रीम कोर्ट तक से झूठ बोलने वाले CEC का इस्तीफा अब एक नैतिक अनिवार्यता बन गया है. लेकिन यह हमारे लोकतंत्र की बुनियाद को वापस हासिल करने की दिशा में सिर्फ पहला कदम है. लोकतंत्र की इस बुनियाद को फिर से मजबूत करना सभी लोगों, खासकर युवाओं की उम्मीदों और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए बेहद जरूरी है।

SIR की प्रक्रिया को रोकना भी जरूरी है, जिसके जरिए अब तक करीब 14 करोड़ भारतीयों से उनका मताधिकार छीना जा चुका है. हमारी चुनावी व्यवस्था में जनता का भरोसा और विश्वास बहाल करने के लिए SIR को रद्द करना जरूरी है.

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About the Author

Rachit Kumar

Rachit Kumar

रचित कुमार जी न्यूज डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर हैं. देश, दुनिया और डिफेंस की खबरों को आसान भाषा में बताने में महारत हासिल है. जी न्यूज से मई 2022 में जुड़े और शिफ्ट देखने का 12 साल से ज्यादा का अनुभव है. जी न्यूज में Best Performer अवॉर्ड भी मिल चुका है. जी न्यूज, आजतक और एबीपी न्यूज में शिफ्ट देखते हुए महामहिम, बिहार के बाहुबली सीरीज शुरू की और कई एक्सप्लेनर खबरों पर काम किया.  इंडिया न्यूज और जनसत्ता में शिफ्ट देखने के साथ-साथ ट्रैफिक लाने वाली खबरों को तवज्जो दी. नवभारत टाइम्स से करियर की शुरुआत हुई और वहां तकरीबन ढाई साल तक फ्रंट पेज 2 और देश-विदेश के पन्नों की जिम्मेदारी संभाली. जर्नलिज्म में पोस्टग्रेजुएट और IIMC से डिप्लोमा करने  वाले रचित कुमार 13 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. आप Rachit.kumar@India.com पर सीधे ईमेल कर इनसे जुड़ सकते हैं. 
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