BRICS समिट से पहले दिल्ली में ट्रैफिक का मेगा प्लान, 35 से ज्यादा सड़कें होंगी कंट्रोल; सरकारी दफ्तरों में भी रहेगी छुट्टी
Traffic Management Before BRICS Summit: नई दिल्ली में 12-13 सितंबर 2026 को 18वां ब्रिक्स समिट का आयोजन होना है. इसको लेकर राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा से लेकर ट्रैफिक व्यवस्था तक हर चीज का विशेष ध्यान रखा जा रहा है. ट्रैफिक व्यवस्था को कंट्रोल करने के लिए सरकारी कार्यालयों में छुट्टी की घोषणा की गई है.
BRICS Summit 2026: नई दिल्ली के भारत मंडपम में 12-13 सितंबर 2026 को 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit)आयोजित होना है, जिसमें दुनियाभर से हिस्सा लेने वाले नेताओं की सुरक्षा, लॉजिस्टिक अरेंजमेंट और मोटर काफिले की आवाजाही को देखते हुए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है.
सड़कों पर जनता की असुविधा को कम करने के लिए 11 सितंबर 2026 को केंद्रीय और दिल्ली सरकार के ऑफिस बंद रहेंगे. दिल्ली सरकार ने पहले ही 11 सितंबर 2026 को अपने कार्यालयों में छुट्टी घोषित कर दी थी. वहीं कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय ने भी उसी दिन केंद्रीय सरकारी कार्यालयों में छुट्टी की घोषणा करते हुए एक ऑफीशियल सर्कुलर जारी किया है.
35 से ज्यादा सड़कों पर ट्रैफिक कंट्रोल
BRICS समिट से पहले, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस शिखर सम्मेलन के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था के लिए पूर्वाभ्यास कर रही है. 11-13 सितंबर तक होने वाले कार्यक्रमों के लिए ट्रैफिक मैनेजमेंट प्रैक्टिस के तहत ट्रैफिक पुलिस ने 22 प्वॉइंट्स पर रूट चेंज की प्लानिंग की है और 35 से ज्यादा सड़कों पर ट्रैफिक कंट्रोल किया जाएगा. बुधवार ( 2 सितंबर 2026) को ट्रैफिक पुलिस ने सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच ट्रैफिक कंट्रोल और रूट चेंज लागू किए. BRICS बिजनेस फोरम और 18वें BRICS नेताओं के शिखर सम्मेलन से पहले मोटर कारकेड रिहर्सल किया गया.
टेक्नोलॉजी बेस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट का इस्तेमाल
12 और 13 सितंबर, शनिवार और रविवार होने के कारण, शिखर सम्मेलन से संबंधित व्यवस्थाओं को संभालने वाले ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए अपेक्षाकृत कम चुनौतीपूर्ण रहने की उम्मीद है.इसको लेकर ACP विजयंता गोयल आर्य ने बताया कि इस बीच टेक्नोलॉजी बेस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट की दिशा में एक कदम बढ़ाते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस राष्ट्रीय राजधानी के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में ट्रैफिक की आवाजाही का वास्तविक समय में हवाई दृश्य प्राप्त करने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर रही है. आर्य ने आगे कहा कि प्रमुख चौराहों, मुख्य सड़कों और भीड़भाड़ वाले गलियारों पर ड्रोन निगरानी की जा रही है, ताकि वास्तविक समय में ट्रैफिक की स्थिति का आकलन किया जा सके, उभरते अवरोधों की पहचान की जा सके और समय पर हस्तक्षेप किया जा सके.
ड्रोन करेगा मदद
हवाई आकलन से ट्रैफिक टीमों को भीड़भाड़ की निगरानी करने और गाड़ियों के बिना परेशानी आवाजाही के लिए तत्काल उपाय करने में मदद मिलती है. आर्य ने कहा कि अंतरराज्यीय सीमा चौकियों और वाहनों की भीड़भाड़ वाली अन्य जगहों पर खास ध्यान दिया जा रहा है. ड्रोन आधारित जानकारी से कतारों की लंबाई और फैलाव का आकलन करने, भीड़भाड़ वाली जगहों की पहचान करने और जमीनी स्तर पर बेहतर रेगुलेशन और एग्जिट स्ट्रैटजी में मदद मिलती है.
अंतरराज्यीय बस टर्मिनलों (ISBT) नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और अन्य महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों समेत प्रमुख परिवहन केंद्रों के आसपास हवाई निगरानी भी की जा रही है, जहां अक्सर भारी वाहन और यात्री आवागमन देखा जाता है. वास्तविक समय की जानकारी से ऐसे अधिक भीड़भाड़ वाली जगहों पर ट्रैफिक को सुचारू बनाने और समन्वय बढ़ाने में सहायता मिलती है.