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वाह! बचत हो तो ऐसी: 10-10 के सिक्के इकट्ठे कर खरीद लिया सवा लाख का स्कूटर, 2 घंटे तक पैसे गिनते रहे शोरूम वाले

एक व्यक्ति ने तीन साल तक जमा किए गए 10-10 रुपये के सिक्कों से परिवार के लिए सवा लाख रुपये का नया इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीद लिया. वे सिक्के इतने ज्यादा थे कि उन्हें गिनने में शोरूम स्टाफ को 2 घंटे से ज्यादा का वक्त लग गया.

Written By Devinder Kumar
Published: Oct 13, 2026, 09:50 PM IST | Updated: Oct 13, 2026, 09:54 PM IST
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लोग अक्सर 5-10 रुपये चिल्लर को छोटी सी धनराशि मानकर नजरअंदाज कर जाते हैं. लेकिन एक व्यक्ति ने तीन साल तक यही चिल्लर जमा करके सवा लाख रुपये का इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदकर परिवार का सपना पूरा कर दिया. वह व्यक्ति जब स्कूटर लेने शोरूम पहुंचा तो शोरूम स्टाफ 2 घंटे तक सिक्के ही गिनता रहा. गिनती पूरी होने के बाद उसे स्कूटर की चाभी और कागज सौंप दिए गए और वह नया-नवेला स्कूटर लेकर घर पहुंच गया.

अक्सर खराब रहने लगी थी पादरी की बाइक

यह दिलचस्प वाकया तेलंगाना के मंचरियाल जिले से सामने आया है. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, मंचरियाल जिले के लक्सेट्टीपेट इलाके में बी. रवि जोसेफ (51 वर्ष) नाम का व्यक्ति रहता है. वह एक चर्च में पादरी का काम करता है.

जोसेफ के पास एक पुरानी मोटरसाइकिल थी, जो अक्सर किसी न किसी वजह से खराब रहने लगी थी. इसे देखते हुए उनका परिवार एक नया टू-व्हीलर खरीदने के बारे में सोच रहा था. लेकिन समस्या थी कि इसके लिए लाख-सवा लाख रुपये का इंतजाम कहां से क्या जाए.

अपने सफर में अफवाहों का करना पड़ा सामना

तभी जोसेफ का ध्यान अपनी गुल्लक की ओर गए. उस गुल्लक में वे पिछले 3 साल से 10-10 रुपये के सिक्के जमा करते आ रहे थे. ये पैसे उन्होंने सब्जियों, राशन और रोजमर्रा के सामान की खरीदारी से बचाए थे. उनका मकसद इस बचत से परिवार के लिए कोई उपयोगी चीज खरीदना था.

उनके सिक्के इकट्ठे करने के इस सफर में उन्हें कई अफवाहों का भी सामना करना पड़ा. कई लोगों ने कहा कि सिक्के अब बदल गए हैं और पुराने वाले सिक्के नहीं चलेंगे. कुछ ने कहा कि इतने सारे सिक्के कोई भी दुकानदार स्वीकार नहीं करेगा. कुछ ने दूसरी दिक्कतें बताई लेकिन उनका हौंसला नहीं टूटा.

 

सिक्के गिनने में स्टाफ को लगे 2 घंटे

आखिरकार उनकी आदत परिवार के काम आ ही गई. जब उन्होंने सिक्के गिने तो वे करीब 1 लाख 23 हजार रुपये थे. लेकिन अब समस्या थी कि क्या शोरूम वाले इतने सारे सिक्के लेकर इलेक्ट्रिक स्कूटर देने के लिए राजी होंगी. इस दुविधा को हल करने के लिए जोसेफ करीब 15 दिन पहले एक शोरूम में पहुंचे और वहां के मैनेजर से बात की. थोड़ा सोचने के बाद मैनेजर ने सिक्के लेने के लिए हामी भर दी.

इसके बाद जोसेफ सिक्कों से भरा कट्टा लेकर शोरूम पहुंचे. वे सिक्के इतने ज्यादा थे कि उन्हें गिनने में शोरूम स्टाफ को 2 घंटे से ज्यादा का वक्त लग गया. गिनती पूरी होने और रकम सही पाए जाने के बाद जोसेफ ने अपने परिवार की मौजूदगी में शोरूम से नई होंडा एक्टिवा की डिलीवरी ली. इसके बाद पूरा परिवार नए स्कूटर पर बैठकर खुशी के साथ घर लौट आया. 
 

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About the Author

अनुभवी पत्रकार और अंतर्राष्ट्रीय मामलों के विश्लेषक हैं. पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. अमर उजाला और नवभारत टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में काम करने के बाद, वर्तमान में वे Zee News में कार्यरत हैं. देश-दुनिया और ब्रेकिंग न्यूज पर नजर रखते हैं. अंतर्राष्ट्रीय राजनीति, वैश्विक घटनाक्रमों और खोजपरक पत्रकारिता में विशेष पकड़ है.
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