बेंगलुरु IED ब्लास्टः 100 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाल रहीं पुलिस, हर छोटा-बड़ा सुराग तलाश रहीं 5 स्पेशल टीमें
बेंगलुरु की निर्माणाधीन इमारत में विस्फोट मामले में IED के इस्तेमाल की सुराग मिले हैं. अगर लैब रिपोर्ट में यह बात सही पाई गई तो NIA मामले की जांच कर सकती है. फिलहाल, NIA की टीम ने स्थानीय पुलिस से मामले की जानकारी ली है.
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में मंगलवार (20 अक्टूबर) को एक निर्माणाधीन इमारत में अचानक जोरदार विस्फोट होने से 2 मजदूर घायल हो गए थे. पुलिस को शक है कि इस घटना में IED का इस्तेमाल किया गया है. इसके बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है. बेंगलुरु पुलिस को अब फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की रिपोर्ट का इंतजार है. पुलिस ने आज (शुक्रवार, 23 अक्टूबर) को बताया कि फॉरेंसिक लैब रिपोर्ट के बाद ही विस्फोटक का खुलासा हो सकेगा. हालांकि, पुलिस ने इस विस्फोट के लिए जिम्मेदार लोगों की तलाश शुरू कर दी गई है. इसके लिए पुलिस ने अब तक 100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की है और इस घटना की छानबीन के लिए पांच विशेष टीमें बनाई हैं.
आरोपियों को विस्फोटक सामग्री कहां से मिली और उसे घटनास्थल तक किसने पहुंचाया? इन सवालों का जवाब भी तलाशा जा रहा है. पुलिस उस व्यक्ति का भी पता लगा रही है जिसने पार्सल पहुंचाया था. पुलिस शक है कि आरोपियों के किसी साथी ने ही इसे घटनास्थल तक पहुंचाया होगा. इस मामले में पुलिस ने एक घायल के बयान दर्ज कर लिए हैं और उनसे मिली जानकारी के आधार पर आगे की जांच कर रही है. हालांकि, घायलों में से एक, अलाउद्दीन के बयानों में विरोधाभास है, जिससे जांच टीम की मुश्किलें बढ़ गई हैं.
एक घायल के बयानों से उलझी जांच
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अस्पताल से छुट्टी पा चुके अलाउद्दीन इस घटना से काफी सदमे में बताए जा रहे हैं. पुलिस पूछताछ के दौरान में उन्होंने बताया था कि एक व्यक्ति ने उन्हें पार्सल दिया था. इसके अलावा उन्होंने पार्सल को निर्माणाधीन इमारत के पास रखा होने और वहीं से उसे उठाने की बात कही है. दो अलग-अलग बयानों से वह खुद फंस सकते हैं. उधर, दूसरे घायल मजदूर (सूरज) की हालत अभी ऐसी नहीं है कि वह पुलिस को बयान दे सकें. उनकी हालत में सुधार होने पर जांचकर्ता उनका बयान दर्ज करेंगे.
इमारत के मालिक ने क्या कहा?
जिस इमारत में धमाका हुआ, उसके मालिक रहमान ने किसी भी तरह की संलिप्तता से साफ इनकार किया है. उन्होंने कहा कि उन्हें इस घटना के बारे में कोई जानकारी नहीं. उन्होंने किसी से दुश्मनी की संभावनाओं से भी इनकार किया है. उपलब्ध सबूतों, सीसीटीवी फुटेज और बयानों की जांच कर रही है, ताकि घटना के पीछे के लोगों की पहचान की जा सके और यह पता लगाया जा सके कि विस्फोटक सामग्री कहां से लाई गई और कैसे पहुंचाई गई? घटना की गंभीरता को देखते हुए ईस्ट डिवीजन के पुलिस उपायुक्त (DSP) खुद इस जांच की निगरानी कर रहे हैं.
NIA कर सकती है घटना की जांच
अगर धमाके में IED पाया गया, तो जांच को NIA अपने हाथ में ले सकती है. जानकारी के मुताबिक, एनआईए ने बेंगलुरु पुलिस से इस घटना के बारे में रिपोर्ट मांगी है और स्थानीय पुलिस तथा 'सीन ऑफ क्राइम ऑफिसर्स' टीम से भी रिपोर्ट प्राप्त कर ली है. अगर आगे और जांच की जरूरत पड़ी, तो एजेंसी घटनास्थल का मुआयना भी कर सकती है. फिलहाल, स्थानीय पुलिस और आतंकवाद-रोधी दस्ते की टीमें इस घटना की जांच कर रही हैं. अधिकारी इस बात पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं कि विस्फोटक उपकरण किन परिस्थितियों में इमारत के अंदर लाया गया और इसके पीछे कौन व्यक्ति है?
क्या गलती से हुआ था धमाका?
शुरुआती जानकारी के अनुसार, आईईडी को एक डिब्बे में छिपाकर रखा गया था, जिसे निर्माणाधीन इमारत में एक पार्सल के तौर पर पहुंचाया गया था. बताया जा रहा है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने सुरक्षा कर्मचारियों को फोन करके डिब्बा लेने और उसे इमारत के अंदर रखने के लिए कहा. फोन करने वाले ने दावा किया था कि पार्सल में एक टॉर्च है. निर्देशों का पालन करते हुए, सुरक्षा गार्ड ने डिब्बा लिया और उसे इमारत के अंदर रख दिया. बाद में जब डिब्बा खोला गया और उसकी बैटरी चालू की गई, तो विस्फोट हो गया. इस धमाके में वहां मौजूद एक पेंटर और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गए. बताया जा रहा है कि एक व्यक्ति की उंगली कट गई, जबकि दूसरे को मामूली चोटें आईं.
रिपोर्ट- आईएएनएस