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असम की नौगांव लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में वोटों की गिनती की जारी है. रुझानों में बीजेपी इस सीट को कांग्रेस से छीनते हुए नजर आ रही है. बीजेपी की टिकट पर चुनावी मैदान में उतरे पूर्व IAS अधिकारी देवाशीष शर्मा 1,22,096 वोटों की लीड के साथ बड़ी जीत की ओर आगे बढ़ रहे हैं. AIUDF प्रमुख मोहम्मद बदरुद्दीन अजमल 3,45,635 वोटों के साथ दूसरे नंबर चल रहे हैं. बीजेपी उम्मीदवार उनसे बहुत आगे निकल चुका है और वोटों का अंतर लगातार बढ़ता ही जा रहा है. इसी के साथ बदरुद्दीन के लोकसभा पहुंचने का सपना भी चकनाचूर होता जा रहा है. वहीं, कांग्रेस की हालत काफी खराब हो रखी है. कांग्रेस उम्मीदवार शिवमणि बोरा तीसरे स्थान पर हैं. कांग्रेस के लिए यह बड़ा झटका है, क्योंकि इससे पहले यह सीट उसके पास थी.

कांग्रेस को लगा है बड़ा झटका
नौगांव सीट से कांग्रेस के सांसद रहे प्रद्युत बोरदोलोई ने असम विधानसभा चुनाव से पहले इस्तीफा देकर बीजेपी ज्वाइन कर ली थी. बीजेपी ने उन्हें दिसपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़वाया और आज वह विधायक हैं. प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे से खाली हुई सीट पर उपचुनाव कराया गया और अब बीजेपी बड़ी जीत की ओर आगे बढ़ रही है.
वैसे इस सीट पर हमेशा से कांग्रेस और बीजेपी के बीच ही कड़ा संघर्ष देखने को मिलता रहा है, लेकिन इस बार AIUDF प्रमुख बदरुद्दीन अजमल के मैदान में उतर जाने से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया था. पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी ने अब्दुल सलाम को खड़ा करके मुकाबले को और ज्यादा दिलचस्प कर दिया था. माना जा रहा है कि मुस्लिम वोटों के बंटवारे से बीजेपी को फायदा हुआ है.
BJP के देवाशीष शर्मा को जानिए
1992 बैच के पूर्व IAS अधिकारी देबाशीष शर्मा को बीजेपी ने मैदान में उतारा था. खास बात यह है कि देवाशीष शर्मा ने उपचुनाव से ठीक पहले ही बीजेपी ज्वाइन की थी. उन्होंने 3 सितंबर को ही VRS लिया था. 8 सितंबर को बीजेपी में शामिल हुए और 11 सितंबर को टिकट भी हासिल कर लिया. अपने प्रशासनिक सफर में देवाशीष शर्मा ने बहुत अहम जिम्मेदारियां संभालीं.
वे असम के तत्कालीन राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल एसके सिन्हा के विशेष अधिकारी और मुंबई में असम भवन के डिप्टी रेजिडेंट कमिश्नर भी रहे हैं. इसके अलावा उन्होंने गुवाहाटी नगर निगम के कमिश्नर और मोरीगांव के जिला कमिश्नर के रूप में भी काम किया है.