पंजाब के तरनतारन में ASI को बाइक सवार बदमाशों ने भूना; एक साल में पांचवें पुलिसवाले की हत्या
पंजाब में बदमाशों ने एक एएसआई की गोली मारकर हत्या कर दी और फरार हो गए. इस साल पंजाब में पुलिसकर्मी की हत्या का यह पांचवां मामला है. विपक्षी पार्टियां कांग्रेस और बीजेपी ने आम आदमी पार्टी सरकार पर जमकर हमला बोला है.
काउंटर इंटेलिसेंस लिंग के एएसआई की दो बाइक सवार हमलावरों ने रविवार शाम मखू (अमृतसर से 70 किमी दूर) में गोली मारकर हत्या कर दी. एएसआई की पहचान 55 साल के इकबाल सिंह के तौर पर हुई है. पंजाब में इस साल यह पुलिसकर्मी की हत्या का यह पांचवां मामला है.
TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, तरनतारन से लगभग 15 किलोमीटर दूर नौशेरा पन्नुआं के रहने वाले इकबाल को हमले में दो गोलियां लगीं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई. हमलावर तेजी से भाग निकले. उनकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है.
दो बाइक सवारों ने गोली मारकर की हत्या
तरनतारन के SSP सुरेंद्र लांबा ने कहा, 'ASI का बाइक पर सवार दो हमलावर पीछा कर रहे थे. उन्होंने तरनतारन जिले के लौहका रोड पर शाम 6:15 से 6:30 बजे के बीच उन पर दो-तीन गोलियां चलाईं. हमें कुछ सुराग मिले हैं और उम्मीद है कि जल्द ही आरोपियों का पता लगा लेंगे.'
SSP ने बताया कि शुरुआती जानकारी के मुताबिक, ASI एक 'पर्सनल विजिट' से लौट रहे थे और वर्दी में नहीं थे.
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इकबाल के भतीजे अजमीत सिंह साल 2022 में सरहाली पुलिस स्टेशन पर हुए RPG हमले के मामले में आरोपी थे.उनकी 11 सितंबर को जमानत पर बाहर रहने के दौरान नौशेरा पन्नुआं में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.
क्या भतीजे की मौत से है कनेक्शन?
सूत्रों के मुताबिक, जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या ये दोनों हत्याएं आपस में जुड़ी हुई हैं.
अजमीत की हत्या का आरोपी पुलिस मुठभेड़ में घायल हो गया था और उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। पुलिस के एक सीनियर अधिकारी ने कहा, 'हम संगठित अपराध और गैंगस्टरों की तरफ से बदले की भावना से की गई हत्याओं के पहलू की जांच कर रहे हैं.'
पोस्ट में किया गया दावा
पुलिस सोशल मीडिया पर एक पोस्ट की भी जांच कर रही है जिसमें गैंगस्टरों डोनी बाल, प्रभ दसुवाल, मोहब्बत रंधावा, अफरीदी टूट, अमर खब्बे और शगनप्रीत ने कथित तौर पर इकबाल की हत्या की जिम्मेदारी ली है.
पोस्ट में दावा किया गया है कि ASI हमारे प्रतिद्वंद्वी लांडा हरिके के करीबी थे, और एक सरपंच की हत्या के बदले में की गई हत्या का इशारा किया गया. इसी समूह ने अजमीत की हत्या की जिम्मेदारी भी ली थी.
मारे गए ASI पहले फिरोजपुर काउंटर-इंटेलिजेंस में तैनात थे और हाल ही में उनका तबादला तरनतारन हुआ था. SSP ने कहा, 'इस बात की बहुत ज्यादा संभावना है कि यह संगठित अपराध नेटवर्क की तरफ से की गई टारगेटेड हत्या थी. हम मामले की हर पहलू से जांच कर रहे हैं.'
इन अफसरों पर हुए हमले
यह हत्या पंजाब में पुलिस अधिकारियों पर हुए हमलों की सबसे ताजी घटना है. 22 फरवरी को गुरदासपुर के एक पुलिस स्टेशन के अंदर ASI गुरनाम सिंह और होम गार्ड अशोक कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.
- 24 मई को मजीठा में ASI जोगा सिंह और 17 सितंबर को अमृतसर में ASI हरजीत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई.
- 12 सितंबर को अमृतसर में ASI जसवंत सिंह पर जानलेवा हमला हुआ जिसमें वे बाल-बाल बचे.
- 4 अक्टूबर को अजनाला में गोली लगने से ASI सुखचैन सिंह घायल हो गए.
कांग्रेस ने बोला हमला
इन हमलों की वजह से विपक्षी पार्टियों ने सरकार की आलोचना की है. पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा, 'पंजाब लहूलुहान हो रहा है और भगवंत मान सरकार को गंभीर सवालों के जवाब देने होंगे. बार-बार हो रही गोलीबारी और हत्याओं से पूरे पंजाब में डर का माहौल बन गया है. भगवंत मान, आपकी सरकार के जागने से पहले और कितनी जानें जाएंगी? जब पुलिसकर्मी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिक सुरक्षा की क्या उम्मीद कर सकते हैं?'
पंजाब बीजेपी अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने X पर पोस्ट में कहा, 'ऐसे पंजाब में जहां वर्दी वाले भी सुरक्षित नहीं हैं. वहां आम पंजाबी किस पर भरोसा करे? एक तरफ कानून-व्यवस्था को लेकर बड़े-बड़े विज्ञापन और दावे किए जा रहे हैं, तो दूसरी तरफ सड़कों पर खून बह रहा है. AAP कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तरह नाकाम रही है.'
SAD नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने आरोप लगाया कि CM भगवंत मान पंजाब में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में बुरी तरह नाकाम रहे हैं.
मजीठिया ने ट्वीट किया, 'CM विरोधियों की आलोचना करने और चुटकुलों से लोगों का मनोरंजन करने में व्यस्त हैं, जबकि हत्यारे हमारे पुलिसकर्मियों पर घात लगाकर हमले कर रहे हैं. अरविंद केजरीवाल पंजाब को उस दौर में वापस ले जा रहे हैं जब राज्य हिंसा की चपेट में था.'