Maharashtra Pimpri-Chinchwad Patient Fall News: क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि मरीज को लेकर जा रही एंबुलेंस का अचानक दरवाजा और खुल जाए और मरीज सड़क पर जा गिरे. इसके बाद भी एंबुलेंस को पता न चले और वह आगे चलती जाए. महाराष्ट्र के पिंपरी-चिंचवाड इलाके में ऐसा ही सनसनीखेज मामला सामने आया है. वहां पर मरीज की गंभीर हालत को देखते हुए दूसरे अस्पताल में शिफ्ट किया जा रहा था. तभी यह हैरान करने वाली घटना हुई. हालांकि, गनीमत रही कि पीछे कोई गाड़ी नहीं आ रही थी. जिसके चलते मरीज की जान बच गई. इस घटना के बाद शहर के लोगों ने दोषी कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की.
लोकमत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, संक्रामक रोग से पीड़ित एक मरीज का इलाज यशवंतराव चव्हाण मेमोरियल (YCM) अस्पताल में इलाज चल रहा था. उसकी हालत गंभीर होने पर उसे अस्पताल की एंबुलेंस से ससून जनरल हॉस्पिटल में शिफ्ट किया जा रहा था. मरीज के साथ कोई परिजन नहीं था. इसलिए अस्पताल की ओर से एंबुलेंस ड्राइवर और वॉर्ड ब्वॉय के साथ एक पुलिस कर्मी को भी भेजा गया था.
मरीज को स्ट्रेचर समेत एंबुलेंस के पिछले हिस्से में लिटाने के बाद तीनों लोग आगे बैठ गए और मरीज ससून अस्पताल की ओर बढ़ने लगी. YCM अस्पताल से कुछ आगे बढ़ते ही स्पीड ब्रेकर आने की वजह से अचानक ड्राइवर ने ब्रेक लगाया, जिससे स्ट्रेचर एंबुलेंस के दरवाजे से टकराया और वह खुल गया. इसके साथ ही मरीज स्ट्रेचर से नीचे हुए सड़क पर गिर गया.
इस घटना से बेखबर एंबुलेंस आगे बढ़ गई. जब पीछे आ रहे वाहन चालकों ने मरीज को एंबुलेंस से गिरते देखा तो उन्होंने शोर मचाकर ड्राइवर को इस बारे में भगाया. इसके बाद एंबुलेंस लेकर ड्राइवर वापस लौटा और मरीज को उठाकर फिर से अंदर लिटाया और ससून अस्पताल ले जाया गया. एंबुलेंस से गिरने की वजह से मरीज को खासी चोट आई, जिसकी वजह से उसकी हालत और गंभीर हो गई है.
मामले की शुरुआती जांच में कई गंभीर चूक का पता चला है. जांच में सामने आया कि स्ट्रेचर अंदर करने के बाद उसके पहियों को एंबुलेंस के अंदर ढंग से लॉक नहीं किया गया था, जिसके चलते वह खिसककर दरवाजे से टकरा गया. दूसरी कमी यह पता चली कि एंबुलेंस का दरवाजा पूरी तरह बंद नहीं किया गया था, जिस वजह से वह हल्की सी टक्कर से खुल गया.
तीसरी और सबसे बड़ी कमी यह सामने आई कि वॉर्ड ब्वॉय मरीज के पास पीछे बैठने के बजाय आगे ड्राइवर के पास बैठा था. यही नहीं, डेढ़ मिनट बाद जब एंबुलेंस वापस लौटी तो मरीज को सड़क से उठाने के बजाय ड्राइवर और वॉर्ड बॉय आपस में ही उलझ गए और एक-दूसरे को दोषी ठहराने लगे. लोगों के गुस्से को देखते हुए YCM अस्पताल के डीन डॉ. राजेंद्र वाबले ने लापरवाही को लेकर एंबुलेंस ड्राइवर और वॉर्ड ब्वॉय को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.