)
नाबालिग बच्चों को मोटर गाड़ी देना गुनाह है. यह जानते हुए भी कई लोग लापरवाही में तो कई लोग लाड-प्यार में उन्हें गाड़ी की चाभी दे देते हैं. इसकी वजह से हर साल देशभर में हजारों लोगों को जान गंवानी पड़ती है तो काफी लोग जिंदगीभर के लिए अपाहिज हो जाते हैं. अब केरलम में ऐसा मामला सामने आया है, जिसे जानकर आप दांतों तले उंगली दबा लेंगे. वहां पर 100 किमी प्रति घंटे की स्पीड से चला रहे कार में एक व्यक्ति ने गाड़ी का स्टीयरिंग गोद में बैठे 4 साल के बच्चे को दे दिया. उसकी यह हरकत जिसने भी देखी, वह सहम गया.केरलम बाल अधिकार आयोग ने इस मामले में आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है. साथ ही, इस मामले में पुलिस और परिवहन विभाग से रिपोर्ट मांगी है.
रिपोर्ट के मुताबिक, केरलम में वायरल हुए एक वीडियो में एक व्यक्ति तेज रफ्तार कार चलाता हुआ दिख रहा था. वह कार कझक्कूटम हवाई अड्डे की सड़क पर जा रही थी. आरोपी व्यक्ति ने अपनी गोद में चार साल के बच्चे को बिठा रखा था और गाड़ी का स्टीयरिंग उसे दे रखा था.
फ्लाईओवर से गुजरते समय दूसरी कार में जा रहे लोगों ने इस घटना का वीडियो बना लिया. जब आरोपी को एहसास हुआ कि उसकी भयंकर लापरवाही का वीडियो बनाया जा रहा है तो उसने गाड़ी की स्पीड बढ़ा दी. इससे सड़क पर जा रहे दूसरे वाहन चालकों और अन्य लोगों को बड़ा खतरा पैदा हो गया.
सोशल मीडिया के जरिए केरलम बाल अधिकार आयोग को इस घटना का पता चला. इसके बाद आयोग ने मामले का स्वत संज्ञान लेते हुए आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया. साथ ही, पुलिस और ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट को नोटिस जारी करके इस घटना के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.
केरलम में यह घटना ऐसे वक्त सामने आई है, जब वहां पर जज के नाबालिग बेटे की ओर से चलाई जा रही तेज रफ्तार मर्सिडीज-बेंज की टक्कर से स्कूटी सवार 54 वर्ष के व्यक्ति की मौत का मामला तूल पकड़ा हुआ है. यह घटना इस रविवार को हुई थी. अपने बेटे की गलती पर अफसोस जताने के बजाय उन्होंने कथित तौर पर पीड़ित के परिजनों को पद की धौंस बताई. उनके इस अक्खड़ व्यवहार के बाद जज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज किया गया है.