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4 दशक पुरानी यारी, मिली देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी: एक ही कोर्स से निकले दोस्त बने सेना-IAF के बॉस

साल 1985 में दो युवा अफसर भारत की एलीट नेशनल डिफेंस एकेडमी (एनडीए) से निकले. अब 4 दशक बाद दोनों देश की थलसेना और वायुसेना की कमान संभाल रहे हैं. एनडीए के साल 1985 का एक फोटो वायरल हो रहा है, जिसमें इन दोनों ही अफसरों के शुरुआती सैन्य जीवन को दिखाया गया है.

4 दशक पुरानी यारी, मिली देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी: एक ही कोर्स से निकले दोस्त बने सेना-IAF के बॉस
Image Credit: एनडीए कोर्समेट्स के पास अब सेनाओं की जिम्मेदारी.

साल 1985 में दो युवा अफसर भारत की एलीट नेशनल डिफेंस एकेडमी (एनडीए) से निकले. अब 4 दशक बाद दोनों देश की थलसेना और वायुसेना की कमान संभाल रहे हैं. एनडीए के साल 1985 का एक फोटो वायरल हो रहा है, जिसमें इन दोनों ही अफसरों के शुरुआती सैन्य जीवन को दिखाया गया है.

ये दो अफसर हैं आर्मी चीफ धीरज सेठ और भारतीय वायुसेना के अगले 'बॉस' एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित. लेकिन यह बात सिर्फ उनके शानदार नेतृत्व की ही नहीं है. यह कहानी उस दोस्ती की है, जो मुश्किल वक्त और चुनौतियों के भी बनी रही. इंटरनेट पर वायरल तस्वीर में ये दोनों युवा अफसर दिसंबर 1985 में एनडीए के 69वें कोर्स से पास आउट होते दिखाई दे रहे हैं. उनकी उम्र  उस वक्त 19 या 20 साल रही होगी.

40 साल बाद मिली बड़ी जिम्मेदारी

उस समय, शायद ही किसी ने सोचा होगा कि 40 साल से ज्यादा समय के बाद ये दोनों कोर्समेट भारत की सशस्त्र सेनाओं में सबसे ऊंचे ओहदों तक पहुंचेंगे. इनमें से एक आज भारतीय सेना की कमान संभाल रहे हैं, जबकि दूसरे भारतीय वायु सेना की कमान संभालने के लिए तैयार हैं.

जनरल सेठ ने 30 जून 2026 को भारतीय सेना के 31वें चीफ के तौर पर पदभार संभाला. जबकि एयर मार्शल दीक्षित 31 अक्टूबर को एयर चीफ मार्शल एपी सिंह के रिटायर होने के बाद एयरफोर्स प्रमुख का पद संभालेंगे.

'फॉक्सट्रॉट स्क्वॉड्रन का थे हिस्सा'

NDA में युवा कैडेट्स 'फॉक्सट्रॉट स्क्वॉड्रन' का हिस्सा थे, जो अहम स्क्वॉड्रनों में से एक है. यहीं उन्होंने कमीशनिंग से पहले की ट्रेनिंग पूरी की थी. मिलिट्री के इतिहास में शायद यह पहली बार है, जब एक ही NDA कोर्स और स्क्वॉड्रन के दो कोर्समेट एक साथ आर्मी चीफ और एयरफोर्स चीफ का पद संभाल रहे हैं.

बाद में एयर मार्शल दीक्षित को भारतीय वायु सेना की कॉम्बैट स्ट्रीम में कमीशन किया गया. एक फाइटर पायलट के तौर पर उनके पास मिराज-2000, मिग, जगुआर, हॉक और तेजस जैसे कई फाइटर एयरक्राफ्ट उड़ाने का 3,500 घंटे से ज्यादा का अनुभव है.

ऑपरेशन सफेद सागर का रह चुके हैं हिस्सा

इन वर्षों के उन्होंने 'ऑपरेशन सफेद सागर' और 'ऑपरेशन रक्षक' जैसे मिलिट्री ऑपरेशन्स में हिस्सा लिया और बाद में सीनियर कमांड और स्टाफ पदों पर काम किया. उन्होंने सेंट्रल एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी के चेयरमैन के लिए इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ के चीफ और बाद में वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ के तौर पर सेवाएं दीं.

वहीं, उनके कोर्समेट जनरल सेठ ने आर्मर्ड रेजिमेंट और ब्रिगेड से लेकर काउंटर-इंसर्जेंसी फोर्स और हाई-लेवल फॉर्मेंशन्स तक की यूनिट्स की कमान संभाली. आर्मी चीफ बनने से पहले, उन्होंने साउथ वेस्टर्न कमांड और सदर्न कमांड की अगुआई की. बाद में उन्होंने वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ के तौर पर भी काम किया.

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About the Author

Rachit Kumar

Rachit Kumar

रचित कुमार जी न्यूज डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर हैं. देश, दुनिया और डिफेंस की खबरों को आसान भाषा में बताने में महारत हासिल है. जी न्यूज से मई 2022 में जुड़े और शिफ्ट देखने का 12 साल से ज्यादा का अनुभव है. जी न्यूज में Best Performer अवॉर्ड भी मिल चुका है. जी न्यूज, आजतक और एबीपी न्यूज में शिफ्ट देखते हुए महामहिम, बिहार के बाहुबली सीरीज शुरू की और कई एक्सप्लेनर खबरों पर काम किया.  इंडिया न्यूज और जनसत्ता में शिफ्ट देखने के साथ-साथ ट्रैफिक लाने वाली खबरों को तवज्जो दी. नवभारत टाइम्स से करियर की शुरुआत हुई और वहां तकरीबन ढाई साल तक फ्रंट पेज 2 और देश-विदेश के पन्नों की जिम्मेदारी संभाली. जर्नलिज्म में पोस्टग्रेजुएट और IIMC से डिप्लोमा करने  वाले रचित कुमार 13 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. आप Rachit.kumar@India.com पर सीधे ईमेल कर इनसे जुड़ सकते हैं. 
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