भाषा चुनें
  • Hindi
  • English
  • Marathi
  • Bengali
  • Tamil
  • Malayalam
  • Gujarati
  • Telugu
  • Kannada
  • Odisha
  • Z Bharat
  • ZEE PHH
  • ZEE Business
  • WION
राज्य चुनें
  • उत्तर प्रदेश
  • उत्तराखण्ड
  • मध्य प्रदेश
  • छत्‍तीसगढ़
  • हरियाणा
  • दिल्ली
  • बिहार
  • झारखण्ड
  • राजस्‍थान
  • हिमाचल प्रदेश
  • हिन्दीEnglishमराठीবাংলাதமிழ்മലയാളംગુજરાતીతెలుగుಕನ್ನಡଓଡ଼ିଶାZ BharatPHHBusinessWION
  • facebookyoutubetwitterlinkedinwhatsapp
Zee News Hindi
App
Zee News Hindi
  • News
  • वीडियो
  • फोटोज़
  • रील्स
  • लाइव ब्लॉग
  • राज्य चुनें

Add Zee Business As A Preferred Source
App
  • लेटेस्ट न्यूज़
  • देश
  • खेल
  • दुनिया
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • ओरिजनल
  • टेक
  • धर्म
  • ऑटो
  • एजुकेशन
  • एस्ट्रोलॉजी
  • राशिफल
  • LIVE टीवी
  • लेटेस्ट न्यूज़
  • देश
  • खेल
  • दुनिया
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • ओरिजनल
  • टेक
  • धर्म
  • ऑटो
  • एजुकेशन
  • एस्ट्रोलॉजी
  • राशिफल
  • ज़ी न्यूज़ हिंदी
  • /देश
  • /150 बांग्लादेशी डिपोर्ट, J&K में एक्शन तेज! अब बाकी 354 का क्या होगा? समझिए पूरा डिपोर्टेशन प्लान

150 बांग्लादेशी डिपोर्ट, J&K में एक्शन तेज! अब बाकी 354 का क्या होगा? समझिए पूरा डिपोर्टेशन प्लान

जम्मू-कश्मीर में बड़ी कार्रवाई करते हुए 150 बांग्लादेशियों को डिपोर्ट किया गया है. उन्हें वायुसेना के विमान से पश्चिम बंगाल के बागडोगरा में BSF के हवाले कर दिया गया है.

Written ByKhalid HussainEdited ByTahir Kamran
Published: Oct 05, 2026, 05:55 PM IST|Updated: Oct 05, 2026, 08:13 PM IST
joinshare
150 बांग्लादेशी डिपोर्ट, J&K में एक्शन तेज! अब बाकी 354 का क्या होगा? समझिए पूरा डिपोर्टेशन प्लान
Image Credit: AI की मदद से बनाई गई तस्वीर

About the Author

    Khalid Hussain

    Khalid Hussain

    सैयद खालिद हुसैन जम्मू-कश्मीर के एक पुरस्कार विजेता पत्रकार हैं, जिन्हें 24 वर्षों से अधिक का अनुभव है. साल 2014 से 'ज़ी न्यूज़' में चीफ  स्पेशल कोरेस्पोंडेंट के रूप में काम कर रहे हैं.जी मीडिया से पहले हुसैन ने न्यूज़ 18 में नौ साल तक सीनियर कोरेस्पोंडेंट के रूप में काम किया. हुसैन ने अपने करियर की शुरुआत डीडी न्यूज से की थी. हुसैन ने अपनी तालीम श्रीनगर के पब्लिक स्कूल और डीएवी हाई स्कूल से हासिल की. फिर ग्रेजुएशन तक का सफ़र एस.पी हायर सेकेंडरी स्कूल और अमर सिंह कॉलेज से पूरा किया. उसके बाद मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई के लिए दिल्ली के सर अरबिंदो इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से पूरी की. इसके अलावा हुसैन लेखक फ़िल्म/ वीडियो कैमरा का स्पेशल कोर्स एफटीआई पुणे से कर चुके हैं.  मुंबई और दिल्ली में कई साल काम करने के बाद 2004 में उन्होंने जम्मू-कश्मीर में काम करना शुरू किया. डीडी न्यूज़, डीडी कश्मीर, BAG फ़िल्म्स में फ्रीलांस काम किया. हुसैन पिछले दो दशक से भी ज्यादा समय से जम्मू-कश्मीर से जुड़े कई मुद्दों को बेहतरीन तरीके से कवर कर रहे हैं. लद्दाख से लेकर मुंबई तक हुसैन भारत के कई शहरों से रिपोर्टिंग कर चुके हैं.
    Read More

    ट्रेंडिंग

    • न्यूज़
    • फोटो
    • वीडियो
    'ब्लैक डे' से 'जश्न के उत्सव' तक... BJP ने कैसे विलय की वर्षगांठ को 'नए कश्मीर' के जश्न में बदला?

    'ब्लैक डे' से 'जश्न के उत्सव' तक... BJP ने कैसे विलय की वर्षगांठ को 'नए कश्मीर' के जश्न में बदला?

    2

    कल से बदल जाएगा रेलवे का नियम, लाइन में लगकर ट्रेप टिकट लेने वालों को मिलेगी यह खुशखबरी

    3

    कोटा में 16 साल के JEE स्टूडेंट ने किया सुसाइड, 6 महीने पहले करने आया था तैयारी

    4

    धनबाद में जमीन विवाद में दौलतराम की धारदार हथियार से हत्या, गांव के ही लोगों पर आरोप

    5

    अनंत सिंह की भविष्यवाणी पर JDU का करारा पलटवार, श्याम रजक बोले, पहले अपना भविष्य तो देख लेते

    logo
    • contact us
    • privacy policy
    • legal
    • investor info
    • advertise with us
    © 1998-2026 Indiadotcom Digital Private Limited, All Rights Reserved.

    जम्मू-कश्मीर में घुसपैठियों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने 150 बांग्लादेशियों को उनके देश वापस भेज दिया है. ये सभी घुसपैठिये बिना वैध दस्तावेज के जम्मू-कश्मीर में रह रहे थे. इन सभी को भारतीय वायुसेना के खास विमान से श्रीनगर से पश्चिम बंगाल के बागडोगरा पहुंचाया गया, जहां आगे की प्रक्रिया के लिए BSF के हवाले किया गया. पिछले दिनों यह जानकारी सामने आई थी कि केंद्र शासित प्रदेश के 20 जिलों में 7656 रोहिंग्या और 504 बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान की गई है.

    बागडोगरा, जहां एक सिविल एयरपोर्ट और भारतीय वायु सेना का स्टेशन भी है, देश के अन्य हिस्सों से इसी तरह के निर्वासन के लिए नियमित रूप से एक ट्रांजिट हब के तौर पर काम करता रहा है. वहां से BSF इन लोगों को बांग्लादेश वापस भेजने की प्रक्रिया पूरी करती है. ऐसे में सवाल है कि बाकी लोगों पर क्या कार्रवाई होगी और J&K में अवैध विदेशी नागरिकों की पहचान से लेकर उन्हें वापस भेजने तक की पूरी प्रक्रिया क्या है?

    पुलिस सूत्रों ने पुष्टि की है कि इन लोगों को उनके अवैध होने की पुष्टि के बाद हिरासत में लिया गया था. अधिकारियों ने इस ऑपरेशन को इलाके में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान करने और उन्हें वापस भेजने के लगातार चल रहे प्रशासनिक अभियान का हिस्सा बताया.

    7656 रोहिंग्या और 504 बांग्लादेशी

    जम्मू-कश्मीर सरकार ने जनसंख्या में बदलाव पर बनी हाई-लेवल कमेटी को बताया है कि केंद्र-शासित प्रदेश के 20 जिलों में 7656 रोहिंग्या और 504 बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान की गई है. इनमें से 458 कश्मीर डिवीजन में और 46 जम्मू डिवीजन में से थे. 150 बांग्लादेशी नागरिकों को वापस भेजने के बाद  354 लोग अभी बाकी हैं. अब इनकी पहचान, दस्तावेजों की जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.

    अधिकारी गृह मंत्रालय के जरिए जारी निर्वासन नियमावली 2025 के मुताबिक पहचाने गए अवैध प्रवासियों को होल्डिंग सेंटरों में रख रहे हैं, जिसके बाद विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण अधिकारी (FRRO) उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया पूरी करते हैं.

    ऑपरेशन की अन्य जानकारी, जैसे J&K में वे सटीक जगहें, जहां 150 नागरिकों को हिरासत में लिया गया था और इस्तेमाल किए गए विमान के प्रकार, का खुलासा नहीं किया गया. इस ऑपरेशन में स्थानीय पुलिस, भारतीय वायु सेना और BSF के समन्वित प्रयास शामिल थे.

    26 मई 2026 को बनाई गई थी कमेटी

    केंद्र सरकार ने 26 मई 2026 को हाई लेवल कमेटी ऑन डेमोग्राफिक चेंज का गठन किया था. इस कमेटी का मकसद यह था कि देश के अलग-अलग हिस्सों में वैध आप्रवासन की वजह से होने वाले जनसांख्यिकीय बदलावों की जानकारी इकट्ठा करना था. साथ ही उनसे निपटने के लिए नीति, कानूनी और प्रशासनिक उपाय सुझाना भी इस कमेटी की जिम्मेदारी का हिस्सा है.



    FAQ

    सवाल: जम्मू-कश्मीर में कितने बांग्लादेशी शहरी मिले हैं?
    जवाब: सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 504 बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान की गई है. इनमें से 458 कश्मीर डिवीजन में और 46 जम्मू डिवीजन में से थे

    सवाल: जम्मू-कश्मीर से कितने बांग्लादेशी नागरिकों को डिपोर्ट किया गया?
    जवाब: 150 लोगों को श्रीनगर से बागडोगरा ले जाकर आगे की प्रक्रिया के लिए BSF को सौंपा गया.

    सवाल: इन्हें बांग्लादेश कैसे भेजा जाता है?
    जवाब: पहचान और सत्यापन के बाद संबंधित प्रक्रिया पूरी की जाती है और फिर सीमा पर संबंधित एजेंसियों के समन्वय से उन्हें वापस भेजा जाता है.

    Add Zee News as a Preferred Source
    TAGS:
    Jammu Kashmir News