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हिमाचल सरकार की वित्तीय स्थिति पर क्यों उठे सवाल? CAG रिपोर्ट का हवाला देकर BJP ने लगाए गंभीर आरोप

हिमाचल में वित्तीय कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए BJP ने CAG रिपोर्ट के हवाले से कहा कि राजस्व प्राप्तियों का 86% वेतन, पेंशन और सब्सिडी में जा रहा है, जिससे विकास कार्यों के लिए संसाधनों पर दबाव बढ़ रहा है.

Written By Renu Akarniya
Published: Sep 06, 2026, 10:19 PM IST | Updated: Sep 06, 2026, 10:23 PM IST
Image Credit: Himachal CM Sukhvinder Singh Sukhu
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Himachal News: हिमाचल प्रदेश में सरकार की आर्थिक स्थिति को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है. प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता संजय शर्मा ने शनिवार को कांग्रेस सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन का आरोप लगाया. उन्होंने हालिया CAG रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि राज्य पर बढ़ता कर्ज, राजकोषीय घाटा और सरकारी खरीद से जुड़ी कथित अनियमितताएं चिंता का विषय हैं. भाजपा ने इन मुद्दों को लेकर सरकार से वित्तीय प्रबंधन में सुधार की मांग की है.

संजय शर्मा ने कहा कि CAG की रिपोर्ट के अनुसार राज्य की राजस्व प्राप्तियों का करीब 86 फीसदी हिस्सा वेतन, पेंशन और सब्सिडी पर खर्च हो रहा है. भाजपा का कहना है कि इसका सीधा असर विकास कार्यों और बुनियादी ढांचे के लिए उपलब्ध संसाधनों पर पड़ रहा है. शर्मा ने आरोप लगाया कि लगातार बढ़ते वित्तीय दबाव के कारण हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति मुश्किल दौर से गुजर रही है और सरकार को इस दिशा में तत्काल कदम उठाने की जरूरत है.

भाजपा प्रवक्ता ने राज्य के राजस्व और राजकोषीय घाटे का भी मुद्दा उठाया. उनके मुताबिक राजस्व घाटा 6,804 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो GSDP का 2.94 फीसदी है. वहीं राजकोषीय घाटा 12,611 करोड़ रुपये बताया गया है, जो GSDP का 5.44 फीसदी है. शर्मा ने दावा किया कि यह निर्धारित FRBM सीमा से अधिक है. भाजपा ने इसे राज्य की वित्तीय स्थिति के लिए गंभीर संकेत बताते हुए सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है.

कर्ज का बढ़ता दबाव
संजय शर्मा ने दावा किया कि वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान हिमाचल सरकार ने 26,622 करोड़ रुपये के नए कर्ज लिए. इनमें से 18,169 करोड़ रुपये पुराने कर्ज की मूल राशि चुकाने में इस्तेमाल किए गए. उन्होंने सरकारी खरीद की ई-प्रोक्योरमेंट प्रक्रिया और GST से जुड़े मामलों में भी कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया. शर्मा के अनुसार GST जांच में 121 करोड़ रुपये के कारोबार को दबाए जाने का संकेत मिला, जिसमें 21.84 करोड़ रुपये की संभावित टैक्स देनदारी शामिल हो सकती है.

CAG सिफारिशों पर जोर
भाजपा ने CAG की रिपोर्ट में दी गई सिफारिशों को तत्काल लागू करने की मांग की है. संजय शर्मा ने कहा कि राजस्व में कथित लीकेज और वित्तीय अनियमितताओं के लिए जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. हालांकि, ये आरोप भाजपा प्रवक्ता द्वारा CAG रिपोर्ट के हवाले से लगाए गए हैं. सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई जवाब सामने आने पर तस्वीर और स्पष्ट होगी.

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About the Author

रेनू अकर्णिया, वर्तमान में Zee News में सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा की लेटेस्ट, ट्रेंडिंग कंटेंट, यूटिलिटी जुड़ी खबरों पर काम कर रहे हैं. रेनू पिछले 3 सालों से डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं. पत्रकारिता में ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने 2022 में Zee News से करियर की शुरुआत की.  लोकल चैनल समाचार प्लस में इंटर्न से शुरुआत की और कारवां बढ़ता हुआ जी न्यूज पहुंचा.
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