मेवात इंजीनियरिंग कॉलेज में 38 दिन से हड़ताल जारी, 9 दिन से भूख हड़ताल पर छात्र; MLA मामन खान ने दिया समर्थन
नूंह के मेवात इंजीनियरिंग कॉलेज में वेतन, सुविधाओं और अन्य लंबित मांगों को लेकर 38 दिनों से आंदोलन जारी है. जहां कांग्रेस विधायक मामन खान ने प्रदर्शनकारियों का समर्थन करते हुए विधानसभा में मुद्दा उठाने का ऐलान किया.
नूंह के पल्ला गांव स्थित मेवात इंजीनियरिंग कॉलेज (वक्फ) में शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है. रविवार को हड़ताल 38वें दिन में प्रवेश कर गई. आंदोलन के 38वें दिन फिरोजपुर झिरका से कांग्रेस विधायक मामन खान इंजीनियर कॉलेज पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से मुलाकात कर उनकी मांगों का समर्थन किया. इस दौरान उन्होंने वक्फ बोर्ड प्रशासन और प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा.
मेवात इंजीनियरिंग कॉलेज में सुविधाएं उपलब्ध
विधायक मामन खान ने कहा कि कॉलेज में कार्यरत प्रोफेसरों और कर्मचारियों से लेकर यहां पढ़ने वाले छात्रों तक को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं. शिक्षकों और कर्मचारियों को पिछले तीन महीने से वेतन नहीं मिला है, जबकि छात्र भी अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि दीपावली जैसे त्योहार पर भी कॉलेज के कर्मचारियों और छात्रों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
भूख हड़ताल पर बैठे दो छात्र
मामन खान ने कहा कि कॉलेज के दो छात्र हुजैफा और अरबाज पिछले नौ दिनों से अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे हैं. उनकी सेहत लगातार प्रभावित हो रही है. यदि भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों को कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी भाजपा सरकार की होगी.
विधानसभा सत्र में मेवात इंजीनियरिंग कॉलेज का मुद्दा उठाएंगे MLA आफताब अहमद
विधायक ने कहा कि आगामी विधानसभा सत्र में वह अपने साथी विधायक आफताब अहमद के साथ मेवात इंजीनियरिंग कॉलेज का मुद्दा प्रमुखता से उठाएंगे. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से इस मामले में सीधे जवाब मांगा जाएगा और कॉलेज की समस्याओं को लेकर सरकार को जवाबदेह बनाया जाएगा.
इस दौरान छात्रों की ओर से जिले के सभी कांग्रेस विधायकों से एक दिन की सांकेतिक भूख हड़ताल पर बैठने की मांग किए जाने के सवाल पर मामन खान ने कहा कि वह अपने सभी साथी विधायकों से बातचीत करेंगे और इस प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा.
लंबित मांगों को लेकर 38 दिनों से धरना जारी
गौरतलब है कि कॉलेज के शिक्षक और कर्मचारी लंबे समय से लंबित वेतन, महंगाई भत्ता और पदोन्नति का लाभ देने की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं. वहीं छात्र आधुनिक प्रयोगशालाओं, खेल सुविधाओं, बेहतर लाइब्रेरी, बुनियादी संसाधनों और जर्जर छात्रावासों की मरम्मत की मांग उठा रहे हैं. लगातार 38 दिनों से जारी आंदोलन और दो छात्रों की भूख हड़ताल के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से कॉलेज का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है.
(अनिल मोहनिया की रिपोर्ट)