Kurukshetra में धान खरीद पर बनी सहमति, किसानों ने खत्म किया धरना; 25 सितंबर से कटेंगे गेट पास
कुरुक्षेत्र में धान की सरकारी खरीद शुरू करने की मांग को लेकर किसानों का प्रदर्शन प्रशासन के आश्वासन के बाद खत्म हो गया, इससे पहले मंगलवार को पुलिस और किसानों के बीच झड़प हुई थी. किसानों की मांगें मानते हुए प्रशासन ने 25 सितंबर से गेट पास जारी करने का प्रोसेस शुरू करने को कहा है.
Kurukshetra News: हरियाणा के कुरुक्षेत्र में धान की सरकारी खरीद फिर से शुरू करने की मांग को लेकर चल रहा किसानों का विरोध प्रदर्शन बुधवार शाम को प्रशासन के आश्वासन के बाद खत्म हो गया. किसान सुबह से ही बरारा हाईवे( स्टेट हाईवे 4) पर विरोध कर रहे थे. इससे पहले मंगलवार को किसानों और पुलिस के बीच झड़प हुई. पुलिस ने किसानों को हाईवे की ओर बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेड्स, वॉटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया.
पुलिस डिप्टी कमिश्नर और किसान नेताओं के बीच मीटिंग
बुधवार को दोपहर करीब 12 बजे किसानों ने हाईवे की ओर बढ़ने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया. इसके बाद कुरुक्षेत्र के डिप्टी कमिश्नर विश्राम कुमार मीणा और किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी के बीच करीब दो घंटे तक बैठक चली. बैठक के दौरान डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि राज्य के प्रिंसिपल सेक्रेटरी धान खरीद को लेकर केंद्र सरकार से बातचीत कर रहे हैं और जल्द ही फैसला होने की उम्मीद है.
किसानों की इन मांगों पर बनी सहमति
प्रशासन और किसान नेताओं के बीच बातचीत के बाद कुछ तुरंत इंतजामों पर सहमति बनी है. किसानों के मुताबिक:
- धान की तुलाई गुरुवार से शुरू होगी.
- गेट पास जारी करने का प्रोसेस 25 सितंबर से शुरू होगा.
- जिन किसानों की फसलें पहले से ही मंडी में लगी हैं, उन्हें बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के लिए वापस नहीं आना पड़ेगा.
- प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर वहीं बायोमेट्रिक प्रोसेस पूरा करेगी.
इन फैसलों के बाद किसानों ने अपना प्रोटेस्ट खत्म कर दिया. प्रोटेस्ट खत्म होने के बाद कुछ किसानों ने हाईवे पर डांस करके अपनी खुशी जाहिर की और इसे अपनी मांगों की सफलता बताया.
किसान नेताओं पर एक्शन
कुरुक्षेत्र में विरोध के बीच राज्य के दूसरे जिलों से भी किसान नेताओं को हिरासत में लिए जाने की खबरें आईं. कुरुक्षेत्र में पुलिस ने भगत सिंह यूनियन के डिस्ट्रिक्ट प्रेसिडेंट संजू नंबरदार और स्टेट जनरल सेक्रेटरी संजीव आलमपुर को हिरासत में लिया. डिस्ट्रिक्ट जनरल सेक्रेटरी दिलबाग सिंह को भी हिरासत में लेने की कोशिश की गई, लेकिन वह भाग निकले. पानीपत में, किसान नेता और उग्राखेड़ी के पूर्व सरपंच बिंटू मलिक को पुलिस ने सुबह-सुबह ही हाउस अरेस्ट कर लिया. करनाल में, BKU करनाल IT सेल के स्टेट प्रेसिडेंट संदीप के घर देर रात CIA की टीम पहुंची. किसानों की तरफ से आरोप लगाया गया कि प्रोटेस्ट के दौरान घर की महिलाओं के साथ बुरा बर्ताव किया गया. यह भी सामने आया कि रतन मान और कई अन्य लोगों को किसान भवन से हिरासत में लिया गया.
यमुनानगर के शाहबाद प्रोटेस्ट में शामिल होने जा रहे BKU टिकैत से जुड़े किसानों को रादौर थाने ने हिरासत में ले लिया. प्रोटेस्ट के दौरान किसानों ने थाने में पुलिस अधिकारियों के सामने खाना खाया.
CJP ने पुलिस एक्शन पर सवाल उठाए
प्रोटेस्ट खत्म होने के बाद, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सोशल मीडिया पोस्ट भी सामने आए. आशुतोष रांका ने किसानों पर कथित लाठीचार्ज पर सवाल उठाए और उनके लिए सपोर्ट जताया. उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, "कॉकरोच आ रहे हैं."
मंगलवार की घटना में पुलिस और किसान दोनों तरफ से घायल होने की खबरें सामने आईं. पुलिस ने कहा कि हाईवे को ब्लॉक होने से रोकने के लिए एक्शन लिया गया, जबकि किसान संगठनों ने पुलिस एक्शन पर एतराज जताया.
किसानों की तीन मांगें
1. स्टॉक लोकेशन पर बायोमेट्रिक प्रोसेस: जो किसान पहले ही अपनी फसल मंडी में ला चुके हैं और उसे सुखा रहे हैं, उनका उसी जगह पर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन किया जाना चाहिए. इससे किसानों को अपनी फसल लेकर दोबारा मंडी आने की जरूरत नहीं पड़ेगी और आने-जाने का एक्स्ट्रा खर्च भी कम होगा.
2. गेट पास और टोल प्रोसेस शुरू करें: मंडी में आने वाली फसलों के लिए ऑनलाइन गेट पास और टोल प्रोसेस शुरू किया जाना चाहिए. इसका मकसद किसानों के आने-जाने को आसान बनाना है, ताकि उन्हें अलग-अलग जगहों पर गेट पास लेने के लिए परेशान न होना पड़े.
3. खरीद कैलेंडर की तारीख 25 सितंबर तय करना: आने वाली फसल खरीद के लिए खरीद कैलेंडर में 25 सितंबर से खरीद शुरू करने का नियम बनाया जाना चाहिए. पहले, खरीद की तारीख अक्टूबर में थी. किसानों की मांग है कि इसे हर साल 25 सितंबर को ही पक्का किया जाए. इसके अलावा, पेमेंट प्रोसेस को 72 घंटे के अंदर पूरा करने का नियम भी होना चाहिए.