Jhajjar में उम्रकैद की सजा काट रहे गैंगस्टर गमैनपाल ढिल्ला को 12 घंटे की कस्टडी पैरोल, कंबोडियन पार्टनर से करेंगे शादी
Jhajjar News: झज्जर के जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे मैनपाल ढिल्ला को शादी को लिए 12 घंटे की कस्टडी पैरोल दी गई है. ढिल्ला पुलिस की निगरानी में अपनी कंबोडियन पार्टनर मेटा चान से शादी करेगा. वहीं शादी की रस्में पूरी होते ही ढिल्ला को वापस जेल ले जाया जाएगा.
Haryana News: करीब आठ साल पहले पैरोल के दौरान जेल से फरार होकर कंबोडिया पहुंचने और वहां से प्रत्यर्पित किए गए आजीवन कारावास के दोषी मैनपाल ढिल्ला 12 घंटे की कस्टडी पैरोल दी गई है. हरियाणा की झज्जर के जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे गैंगस्टर मैनपाल ढिल्ला को शादी के लिए पैरोल दी गई है. पुलिस की निगरानी में वह अपनी कंबोडियन पार्टनर मेटा चान से शादी करेगा. शादी उसकी जेल के पास के एक फार्महाउस में होगी. जैसे ही शादी की रस्में पूरी हो जाएंगी, ढिल्ला को वापस जेल ले जाया जाएगा. मैनपाल ढिल्ला झज्जर के बादली इलाके का रहने वाला है. ढिल्ला को कंबोडिया से भारत पिछले साल लाया गया था. इलाके में इस शादी को लेकर काफी चर्चा है.
कहां हुई थी मुलाकात
मैनपाल ढिल्ला की पार्टनर मेटा चान कंबोडिया की रहने वाली हैं. रिपोर्ट के अनुसार, मैनपाल ढिल्ला से उनकी मुलाकात तब हुई थी, जब जब ढिल्ला पैरोल पर जेल से बाहर आने के बाद कंबोडिया भाग गए थे. इसके बाद दोनों कंबोडिया में साथ रहने लगे. दोनों के चार बच्चे हैं. शादी में शामिल होने के लिए मेटा चान अपने तीन बच्चों के साथ भारत पहुंची हैं. वहीं, उनका चौथा बच्चा अभी कंबोडिया में ही है.
मैनपाल ढिल्ला पर कितने मामले दर्ज?
मैनपाल ढिल्ला का आपराधिक रिकॉर्ड भी काफी लंबा रहा है. उनके खिलाफ हत्या समेत करीब 22 मामले दर्ज हैं. साल 2007 और 2010 में दर्ज तीन मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद उन्हें उम्रकैद की सजा हुई थी. वो हिसार जेल में सजा काट रहे थे. जेल में रहने के दौरान भी उन पर एक व्यक्ति की हत्या करने का आरोप लगा था.
पैरोल के बाद भाग गए थे कंबोडिया
जुलाई 2018 में मैनपाल ढिल्ला को 6 हफ्ते की पैरोल मिली थी. आरोप है कि पैरोल के दौरान उन्होंने सोनू कुमार के नाम से फर्जी पहचान का इस्तेमाल किया और भारत से कंबोडिया चले गए. वहां उन्होंने अपनी पहचान बदल ली और एक कारोबार शुरू कर दिया. काफी समय तक भारत से बाहर रहने के बाद जांच एजेंसियों को उनके कंबोडिया में होने की जानकारी मिली. हरियाणा पुलिस के अनुरोध पर CBI ने नवंबर 2024 में उनके खिलाफ इंटरपोल रेड नोटिस जारी करवाया. इसके बाद कंबोडियाई अधिकारियों की मदद से उन्हें पकड़ा गया. जुलाई 2025 में उनकी गिरफ्तारी हुई और सितंबर 2025 में उन्हें भारत लाया गया. इसके बाद उन्हें दोबारा जेल भेज दिया गया.