)
Haryana News: हरियाणा सरकार ने हरियाणा रेवेन्यू पटवारी (ग्रुप C) सर्विस रूल्स, 2011 में बड़े बदलाव किए हैं. रेवेन्यू और डिजास्टर मैनेजमेंट डिपार्टमेंट के जारी एक नोटिफिकेशन के मुताबिक, नए नियुक्त पटवारियों के लिए जरूरी ट्रेनिंग पीरियड डेढ़ साल से घटाकर एक साल कर दिया गया है. यह बदला हुआ नियम 1 जनवरी 2025 से लागू होगा.
इस बदलाव से न सिर्फ नए पटवारियों के लिए ट्रेनिंग पीरियड कम हुआ है, बल्कि ट्रेनिंग के दौरान उन्हें मिलने वाले आर्थिक फायदों में भी बदलाव हुआ है. अब उन्हें स्टाइपेंड के बजाय फिक्स्ड सैलरी मिलेगी.
ट्रेनिंग के दौरान ₹19,900 सैलरी
बदले हुए नियमों के तहत, नए नियुक्त पटवारियों को अब अपनी ट्रेनिंग के दौरान स्टाइपेंड नहीं मिलेगा. इसके बजाय, उन्हें FPL-2 के तहत ₹19,900 की बेसिक सैलरी मिलेगी. ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी होने के बाद, पटवारियों को FPL-5 पे लेवल पर नियुक्त किया जाएगा. इस लेवल पर उनकी सैलरी ₹32,100 से ₹1,02,000 तक होगी. इसका मतलब है कि नए पटवारियों के लिए सरकार ने ट्रेनिंग पीरियड को स्टाइपेंड से बदलकर रेगुलर सैलरी सिस्टम कर दिया है.
एक साल की होगी पटवारी ट्रेनिंग
नए सिस्टम के तहत, पटवारी ट्रेनिंग कुल 12 महीने की होगी. इसे दो हिस्सों में बांटा गया है.
- पटवारी स्कूल में छह महीने की इंस्टीट्यूशनल ट्रेनिंग होगी.
- इसके बाद छह महीने की फील्ड ट्रेनिंग होगी.
- ट्रेनिंग पूरी होने के बाद डिपार्टमेंटल एग्जाम होगा.
ट्रेनिंग के दौरान कोई इंक्रीमेंट नहीं
बदले हुए नियमों में सैलरी बढ़ोतरी के बारे में भी स्थिति साफ की गई है. नए पटवारियों को ट्रेनिंग पीरियड के दौरान इंक्रीमेंट नहीं मिलेगा. रेगुलर अपॉइंटमेंट के बाद एक साल की सर्विस पूरी होने पर पहला इंक्रीमेंट मिलेगा. इसका मतलब है कि ट्रेनिंग के दौरान मिली ₹19,900 की बेसिक सैलरी इस दौरान रेगुलर इंक्रीमेंट में नहीं जोड़ी जाएगी.
डिपार्टमेंटल एग्जाम के लिए चार मौके
नए नियमों में डिपार्टमेंटल एग्जाम के लिए भी नियम शामिल हैं. कैंडिडेट्स को तय समय में डिपार्टमेंटल एग्जाम पास करने के लिए ज्यादा से ज्यादा चार मौके दिए जाएंगे. इसका मतलब है कि ट्रेनिंग पूरी करने के बाद तय प्रोसेस के हिसाब से एग्जाम पास करना जरूरी होगा और कैंडिडेट्स को इसके लिए लिमिटेड मौके मिलेंगे.
डिसिप्लिन और अपील के नियम भी बदले गए
ये बदलाव सिर्फ ट्रेनिंग और सैलरी तक ही सीमित नहीं हैं. पटवारियों के लिए डिसिप्लिन, पेनल्टी और अपील से जुड़े नियमों में भी बदलाव किए गए हैं. इन नियमों को हरियाणा सिविल सर्विसेज (पेनल्टी और अपील) रूल्स, 2016 के साथ जोड़ा गया है. यह पटवारियों के खिलाफ डिसिप्लिनरी एक्शन और अपील प्रोसेस को मौजूदा सर्विस नियमों के साथ जोड़ता है.