हरियाणा में सड़क खराब हुई तो अधिकारी की ACR होगी खराब, कॉलोनाइजर से भी वसूला जाएगा पैसा
Haryana News: हरियाणा में सड़कों की गुणवत्ता को लेकर सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है. अब किसी अधिकारी की निगरानी में बनी सड़क समय से पहले खराब होती है या निर्माण में लापरवाही सामने आती है, तो उसकी वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (ACR) पर इसका असर पड़ेगा.
Haryana News: हरियाणा में अब सड़कों को लेकर सख्ती की जा रही है. अगर अब किसी अधिकारी की निगरानी में बनी सड़क समय से पहले खराब होती है या लापरवाही की बात सामने आती है, तो संबंधित अधिकारी की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) खराब होगी. सड़के को बनाने की लापरवाही को उसकी एसीआर से जोड़ा जाएगा.
शिकायतों का 10 दिन में समाधान
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सड़कों की मरम्मत से जुड़ी शिकायतों का 10 दिन में समाधान सुनिश्चित किया जाए. कोई भी शिकायत लंबित न रहे. क्वालिटी से कोई समझौता न हो. सड़क बनाने में टाइलों के बजाय आरसीसी या तारकोल का इस्तेमाल किया जाए. पंचायत विभाग, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (एचएसएएमबी) सहित सभी विभागों की सड़कें गुणवत्ता मानकों के अनुसार बनाई जाएं. सीएम ने आगे कहा कि सड़क बनाने के दौरान किसी भी तरह की अनियमितता या घटिया सामग्री के इस्तेमाल की शिकायत मिलने पर संबंधित विभाग का मोबाइल नंबर सार्वजनिक किया जाए.
बोर्ड पर क्या लिखा जाएगा?
ऐसा होने के बाद लोग रोड बनाने के दौरान गड़बड़ी की जानकारी आसानी से अधिकारियों तक पहुंत जाएगा. जहां सड़क बन रही हो, वहां पर ऐसे बोर्ड लगाए जांए , जिन पर निर्माण एजेंसी का नाम, निर्माण पूरा होने की तारीख, डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड (डीएलपी) यानी दोष दायित्व अवधि और संबंधित अधिकारियों के नाम व मोबाइल नंबर लिखे हों. ऐसा करने के बाद लोगों को सड़क निर्माण और उसकी देखभाल से डुड़ी जानकारी आसानी से मिल सकेगी.
बैठक में बताया गया है कि लोक निर्माण विभाग इस समय हर जिले में एक माडल रोड बना रहा है. 18 फीट से ज्यादा चोड़ी सड़कों पर रोड मार्किंग, किनारों की लाइन और मोड़ों सही तरीके से बनाया जाएगा. गुरुग्राम, फरीदाबाद और पंचकूला जैसे शहरों में सड़कों को आकर्षक बनाने पर काम किया जा रहा है. वहीं गुरुग्राम में भी 10 आइकोनिक सड़कें बनाई जाएंगी. इन सड़कों पर स्मार्ट लाइटें, स्ट्रीट फर्नीचर और हरियाली के साथ नो-स्मोकिंग जोन, दिव्यांगजनों के लिए व्हीलचेयर और डिस्प्ले पर जागरूकता संदेश जैसी सुविधाएं होंगी.
कॉलोनाइजर से वसूला जाएगा पैसा?
हरियाणा में कॉलोनाइजरों की तरफ से विकसित कॉलोनियों में सड़कों की देखभाल और मरम्मत की जिम्मेदारी संबंधित कॉलोनाइजर की होगी. अगर कॉलोनाइजर मरम्मत नहीं करवाता है, तो विभाग खुद काम करवाएगा और उसका खर्च कॉलोनाइजर से वसूलेगा. राज्य में लगभग 63,621 किलोमीटर सड़कों की जीआईएस मैपिंग पूरी हो चुकी है. इस व्यवस्था को एसडीओ और JE लेवल तक जोड़ा गया है, जिससे सड़क से जुड़ी शिकायत सीधे संबंधित अधिकारी तक पहुंचे और जल्द कार्रवाई हो सके.
7,352 किलोमीटर सड़कों के सुधार को मंजूरी
साल 2026-27 के लिए राज्य में 7,352 किमी लंबाई की 6,593 सड़कों की मरम्मत और सुधार के काम मंजूर किए गए हैं. इसमें से 770 किलोमीटर सड़कों का काम पूरा हो चुका है. वहीं 1,347 किलोमीटर पर काम जारी है. इसके अलावा, प्रमुख पुलों के आसपास बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, शिक्षा और कीटनाशकों के ज्यादा इस्तेमाल से होने वाले नुकसान जैसे मुद्दों पर जागरूकता संदेश भी लगाए जाएंगे.