धान खरीद में अब नहीं चलेगी हेराफेरी! हरियाणा में जियो-फेंसिंग से होगी राइस मिलों की निगरानी
हरियाणा सरकार ने धान खरीद में गड़बड़ी रोकने के लिए सख्ती बढ़ा दी है. अब चावल मिलों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ किसानों का सत्यापन भी किया जा रहा है. इससे खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और फर्जीवाड़े पर रोक लगाने में मदद मिलेगी.
हरियाणा में धान खरीद में गड़बड़ी को रोकने के लिए सरकार ने सख्ती की है. अब चावल मिलों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ किसानों का सत्यापन भी किया जा रहा है. ऐसा होने के बाद से खरीद के प्रोसेस में पारदर्शिता बनी रहेगी. साथ ही फर्जीवाड़े को रोका जा सके.
चावल मिलों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन
इसे लेकर राज्य के 1433 चावल मिलों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किया जा चुका है. वहीं 1215 मिलों का जियो-फेंसिंग आधारित भौतिक सत्यापन पूरा कर लिया गया है. वहीं मिलिंग प्रक्रिया पर निगरानी मजबूत करने के लिए मिलों की बिजली खपत और बिजली बिलों पर नजर रखी जा रही है.
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने क्या कहा?
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने अधिकारियों को मंडियों में खरीद व्यवस्था सुचारू रखने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने डिजिटल सत्यापन, गेट पास, फसल की तुलाई और नमी की जांच की प्रक्रिया को बेहतर बनाने पर जोर दिया. इसके साथ ही खरीद में गड़बड़ी रोकने के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन भी किया जा रहा है.
कितने किसानों का हो गया सत्यापन?
हरियाणा में अब तक 1,52,136 किसानों का सत्यापन पूरा हो चुका है. धान खरीद में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए राइस मिलों का ऑनलाइन पंजीकरण और जियो-फेंसिंग के जरिए भौतिक सत्यापन किया जाएगा. इसके अलावा, मिलों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए बिजली की खपत और बिलों की भी जांच होगी. मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने अधिकारियों को खरीद एजेंसियों, मंडी कर्मचारियों, ढुलाईकर्ताओं और चावल मिल मालिकों के बीच बेहतर तालमेल बनाने के निर्देश दिए हैं. प्रदेश में धान खरीद 15 नवंबर तक जारी रहेगी.
किसानों के रिकॉर्ड का भी सत्यापन
अब चावल मिलों की गतिविधियों के साथ किसानों के रिकॉर्ड का भी सत्यापन किया जा रहा है. राज्य की 1,433 चावल मिलों का ऑनलाइन पंजीकरण हो चुका है, जबकि 1,215 मिलों का जियो-फेंसिंग के जरिए भौतिक सत्यापन पूरा कर लिया गया है. इसके अलावा मिलों की बिजली खपत और बिलों की निगरानी भी की जा रही है, ताकि मिलिंग से जुड़ी गतिविधियों का रिकॉर्ड जांचा जा सके.
कब तक धान खरीद जारी?
सरकार का जोर खरीद एजेंसियों, मंडी अधिकारियों, ढुलाईकर्ताओं और चावल मिल मालिकों के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर है. ताकि धान की खरीद और उठान के दौरान आने वाली समस्याओं को समय रहते दूर किया जा सके। इन व्यवस्थाओं के जरिए खरीद प्रक्रिया पर नजर रखने और अनियमितताओं की आशंका कम करने की कोशिश की जा रही है. हरियाणा में धान खरीद 15 नवंबर तक जारी रहेगी.