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गुरुग्राम-नूंह में बिजली वितरण का लाइसेंस निजी कंपनी को क्यों? विरोध में उतरे कर्मचारी और किसान; 22 से 24 अक्टूबर तक हड़ताल का ऐलान

हरियाणा के गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी को बिजली वितरण लाइसेंस देने के फैसले के विरोध में कर्मचारी और भाकियू टिकैत प्रदर्शन कर रहे है. कर्मचारियों ने लाइसेंस रद्द करने की मांग के साथ 22 से 24 अक्टूबर तक हड़ताल का ऐलान किया है.

Written By Renu Akarniya
Published: Oct 21, 2026, 04:26 PM IST | Updated: Oct 21, 2026, 04:41 PM IST
Image Credit: गुरुग्राम-नूंह में बिजली वितरण का लाइसेंस निजी कंपनी को क्यों? विरोध में उतरे कर्मचारी और किसान; 22 से 24 अक्टूबर तक हड़ताल का ऐलान
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11 पावर प्राइवेट लिमिटेड को लाइसेंस जारी करने के विरोध में कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर सरकार के फैसले के प्रति रोष जताया. प्रदर्शनकारियों ने सरकार के आदेशों की प्रतियां जलाकर अपना विरोध दर्ज करवाया और लाइसेंस रद्द करने के साथ-साथ बिजली निगम में निजीकरण की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग उठाई. प्रदर्शन का नेतृत्व एचएसबीपी वर्कर यूनियन के सर्कल सचिव सतिन्द्र मोंगा ने किया.

प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने सरकार के फैसले के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि बिजली निगम में निजीकरण को बढ़ावा देने वाले निर्णय कर्मचारियों के हितों के विपरीत हैं. उन्होंने मांग की कि 11 पावर प्राइवेट लिमिटेड को जारी किया गया लाइसेंस तत्काल रद्द किया जाए और बिजली निगम में किसी भी प्रकार का निजीकरण न किया जाए. कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर 22, 23 और 24 अक्टूबर को हड़ताल पर रहने का ऐलान किया है.

उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर सरकार ने उनकी मांगों को पूरा नहीं किया तो संयुक्त मोर्चा की ओर से लिए जाने वाले निर्णय के अनुसार आंदोलन को और तेज किया जाएगा और हड़ताल की अवधि बढ़ाई जा सकती है.

एचएसबीपी वर्कर यूनियन से श्याम लाल और मदन लाल ने प्रदर्शनकारियों की ओर से बताया कि प्रदेश सरकार से मांग की है कि कर्मचारियों की चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए निजीकरण संबंधी फैसलों पर पुनर्विचार किया जाए. उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी होने तक उनका विरोध जारी रहेगा. कर्मचारियों ने एकजुटता दिखाते हुए सरकार से जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की.

रादौर में भाकियू टिकैत और बिजली कर्मचारियों का प्रदर्शन
हरियाणा बिजली नियामक आयोग द्वारा गुरुग्राम और नूंह जिलों में एक निजी कंपनी को समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस दिए जाने के फैसले के विरोध में बुधवार को यमुनानगर के रादौर में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) और बिजली कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया तथा सरकार के खिलाफ रोष जताया.

प्रदर्शन के दौरान भारतीय किसान यूनियन टिकैत के जिला उपाध्यक्ष यादविंदर कांबोज ने कहा कि सरकार ने हाल ही में नियामक आयोग के माध्यम से बिजली व्यवस्था के निजीकरण का पत्र जारी किया है. इसकी शुरुआत गुरुग्राम और नूंह जिलों से की गई है, जहां बिजली की पूरी व्यवस्था एक निजी कंपनी को सौंपी जा रही है.

यादविंदर कांबोज ने आरोप लगाया कि इस फैसले के जरिए सरकार अपनी जिम्मेदारियों से पूरी तरह पल्ला झाड़ना चाहती है. उन्होंने आशंका जताई कि यदि बिजली व्यवस्था का निजीकरण हो गया, तो निजी कंपनी अपनी मनमर्जी से बिजली के रेट और प्रति यूनिट दरें तय करेगी, जिससे आम जनता, किसानों और बिजली उपभोक्ताओं पर भारी आर्थिक बोझ पड़ेगा.

(विजय कुमार और कुलवंत सिंह की रिपोर्ट)

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About the Author

रेनू अकर्णिया, वर्तमान में Zee News में सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा की लेटेस्ट, ट्रेंडिंग कंटेंट, यूटिलिटी जुड़ी खबरों पर काम कर रहे हैं. रेनू पिछले 3 सालों से डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं. पत्रकारिता में ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने 2022 में Zee News से करियर की शुरुआत की.  लोकल चैनल समाचार प्लस में इंटर्न से शुरुआत की और कारवां बढ़ता हुआ जी न्यूज पहुंचा.
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