Haryana में सफाईकर्मियों की हड़ताल पर सरकार का बड़ा एक्शन, 32 कर्मचारी बर्खास्त और 2 सस्पेंड
हरियाणा सरकार ने कर्मचारियों पर सफाई का काम ठीक से न करने और ड्यूटी पर मौजूद दूसरे कर्मचारियों के काम में रुकावट डालने का आरोप लगाया है. सरकार ने एक्शन लेते हुए 32 कर्मचारियों को बर्खास्त और दो कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है.
Haryana Sanitation Worker Strike: हरियाणा में करीब एक महीने से ज्यादा समय से चल रही सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच राज्य सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है. अलग-अलग शहरी निकायों में काम कर रहे 32 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया है, जबकि दो कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है.
सरकार के मुताबिक, इन कर्मचारियों पर सफाई का काम ठीक से न करने और ड्यूटी पर मौजूद दूसरे कर्मचारियों के काम में रुकावट डालने का आरोप है. इस मामले में कर्मचारियों के खिलाफ FIR भी दर्ज की गई है.
सफाई सिस्टम पर असर
सफाई कर्मचारियों की लंबी हड़ताल की वजह से राज्यभर के कई शहरों में सफाई सिस्टम पर असर पड़ा है. कई इलाकों में कूड़ा उठाने में दिक्कत आई है. गुरुग्राम समेत कई शहरों में कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. गुरुग्राम में हड़ताल के 31वें दिन कर्मचारियों ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाया, सिर मुंडवा लिया. इसके बाद वे मंत्री के घर की तरफ मार्च करने निकल पड़े.
सरकार और कर्मचारियों के बीच सबसे बड़ा झगड़ा रेगुलराइजेशन को लेकर है. कर्मचारियों की 13 मांगों में से सरकार का कहना है कि उसने 12 मान ली हैं. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा में यह भी कहा कि 12 मांगों पर सहमति बन गई है, जबकि कोर्ट में पेंडिंग मामलों में कोर्ट के निर्देशों के अनुसार फैसले लागू किए जाएंगे.
सरकार ने कर्मचारियों को सर्विस सिक्योरिटी के दायरे में लाने का प्रस्ताव दिया है. यह प्लान योग्य कर्मचारियों के लिए जॉब सिक्योरिटी का वादा करता है, जिससे अचानक नौकरी से निकाले जाने का खतरा कम हो जाता है.
HKRN के बारे में सरकार क्या कहती है?
सरकार का कहना है कि हरियाणा स्किल एम्प्लॉयमेंट कॉर्पोरेशन (HKRN) के जरिए कर्मचारियों के लिए एक सिस्टमैटिक एम्प्लॉयमेंट सिस्टम देने की कोशिश की जा रही है. इसका मकसद कॉन्ट्रैक्टर और बिचौलियों की भूमिका को कम करना है. सरकार के मुताबिक, HKRN इसी तरह के कामों के लिए एक फिक्स्ड वेज सिस्टम भी लागू करता है.
सर्विस सिक्योरिटी पोर्टल पर हजारों एप्लीकेशन मिले
सरकार के मुताबिक, योग्य कर्मचारियों को सर्विस सिक्योरिटी का फायदा देने का प्रोसेस पहले से ही चल रहा है. मुख्यमंत्री के मुताबिक, 31 अगस्त तक सर्विस सिक्योरिटी पोर्टल पर 62,497 एप्लीकेशन मिले थे. इनमें से बड़ी संख्या में एप्लीकेशन को संबंधित अधिकारियों ने मंजूरी दे दी है. सरकार ने भरोसा दिलाया है कि अगले दो महीनों में किसी भी योग्य कर्मचारी को सर्विस सिक्योरिटी बेनिफिट से बाहर नहीं रखा जाएगा.
अभी भी रेगुलराइजेशन की मांग कर रहे कर्मचारी
इस बीच, हड़ताल कर रहे सफाई कर्मचारी सर्विस सिक्योरिटी प्रस्ताव से खुश नहीं हैं. उनकी मुख्य मांग रेगुलर सरकारी कर्मचारी का दर्जा है. सर्विस सिक्योरिटी के बजाय, कर्मचारी रेगुलराइजेशन चाहते हैं.
सरकार के 12 मांगें मानने के बावजूद, हड़ताल जारी है, जिससे दोनों पक्षों के बीच गतिरोध बना हुआ है. अब, 32 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने और दो को सस्पेंड करने से मामला और बढ़ने की संभावना है. फिलहाल, सरकार सर्विस सिक्योरिटी और मौजूदा रोज़गार सिस्टम को मज़बूत करने पर ज़ोर दे रही है, जबकि कर्मचारी रेगुलराइज़ेशन की अपनी मांग पर अड़े हुए हैं.