SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

किसानों के प्रदर्शन का असर: 1 अक्टूबर नहीं, आज से शुरू होगी धान की सरकारी खरीद

Haryana News: हरियाणा के धान किसानों के लिए राहत की खबर है. केंद्र सरकार ने राज्य में धान की सरकारी खरीद 1 अक्टूबर की बजाय 29 सितंबर यानी कि आज से शुरू करने की मंजूरी दे दी है. ये फैसला भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के प्रदर्शन और प्रदेश सरकार की मांग के बाद लिया गया.

Written By Akanchha Singh
Published: Sep 29, 2026, 11:45 AM IST | Updated: Sep 29, 2026, 11:52 AM IST
Image Credit: Image Credit: Zee_Archive_File
Join

Haryana News: हरियाणा के किसानों के लिए राहत की खबर है. दरअसल, केंद्र सरकार ने प्रदेश में  धान की खरीद 1 अक्टूबर के बजाय 29 सितंबर से शुरू करने की परमिशन दे दी है. ये फैसला भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के आंदोलन और प्रदेश सरकार की मांग के बाद लिया गया है. ऐसे में अब मंडियों में जो धान पहुंच चुकी है उसकी जल्द ही सरकारी खरीद का रास्ता साफ हो गया है.

पहले किया गया था प्रदर्शन 
धान की सरकारी खरीद जल्द शुरू करवाने की मांग को लेकर भाकियू (चढूनी) ने 22 सितंबर को शाहबाद में प्रदर्शन किया था. संगठन की तरफ से खरीद प्रक्रिया समय से पहले शुरू करने की मांग उठाई गई थी. इसके बाद राज्य सरकार ने 23 सितंबर को केंद्र सरकार को पत्र भेजकर 1 अक्टूबर से पहले खरीद शुरू करने का अनुरोध किया था. इसके बाद केंद्र ने अनुरोध मान लिया और 29 सितंबर से खरीद की मंजूरी दी है. भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश बैंस के अनुसार, केंद्र ने जो फैसला दिया है उसके बाद से  मंडियों में पड़ी धान की बड़ी मात्रा का उठान और खरीद जल्द शुरू हो सकेगी. ऐसे में किसानों को फसल बेचने में ज्यादा इंतजार नहीं करना होगा.  

कब तक चलेगी धान की सरकारी खरीद? 
खरीफ विपणन सत्र 2026-27 के अंदर धान की सरकारी खरीद 29 सितंबर से शुरू होकर 15 नवंबर तक चलेगी. प्रदेश में खरीद की जिम्मेदारी खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, हैफेड और हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन को दी गई है. निर्धारित व्यवस्था के तहत ये एजेंसियां मंडियों में किसानों से धान की खरीद करेगी.

धान में 17 फीसदी से ज्यादा नमी नहीं चलेगी
सरकारी खरीद के दौरान धान की क्वालिटी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. तय नियमों के अनुसार, ज्यादातर 17% तक नमी वाले धान की फसल ही खरीद के लिए मंजूर की जाएगी.  इससे ज्यादा नमी होने पर फसल मानकों पर खरी नहीं उतर सकती है. ऐसे में किसानों को सलाह दी गई  है कि मंडी में फसल लेकर जाने से पहले धान को अच्छे तरह सुखा लिया जाए. ऐसा होने के बाद  खरीद के समय आने वाली परेशानी से बचा जा सकता है. मंडी में फसल पहुंचने के बाद  उसकी गुणवत्ता और नमी की जांच की जाएगी.      

2431 रुपये प्रति क्विंटल है MSP
खरीफ सीजन 2026-27 के लिए ध्यान का  MSP 2431 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है. सरकारी खरीद के दौरान तय क्वालिटी मानकों को पूरा करने वाली धान की फसल की खरीद इसी MSP के आधार पर की जाएगी. इससे किसानों को अपनी उपज का निर्धारित समर्थन मूल्य मिलने की उम्मीद है. 
 

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

जी-न्यूज में ट्रेनी सब एडिटर. वर्तमान में दिल्ली-एनसीआर हरियाणा डिजिटल टीम में दिल्ली-एनसीआर-हरियाणा की राजनीति, हाइपर लोकल, क्राइम की खबरों पर नजर. यूटिलीटी की खबरों में दिलचस्पी है. 2023 में संस्थान से जुड़े. माखन लाल चतुर्वेदी भोपाल से पत्रकारिता में डिग्री हासिल की.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES