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प्रदूषण की मार केवल दिल्ली एनसीआर ही नहीं, बल्कि हरियाणा भी झेल रहा है. सुबह और शाम की ठंड के साथ हवा में पॉल्यूशन का लेवल बढ़ रहा है. गाड़ियों से निकलने वाले धुएं, फैक्ट्रियों का प्रदूषण, पराली जलाने और खुले में कचरा जलाने से हवा में प्रदूषण तेजी से फैल रहा है. ऐसे में लोगों को अब सांस लेने में परेशानी हो रही है. लोगों को ठंड का तो एहसास हो रहा है, लेकिन हरियाणा में कई दिले प्रदूषण की मार भी झेल रहे हैं. दिवाली पर आतिशबाजी के कारण प्रदूषण और बढ़ने की आशंका है.
CPCB के आंकड़ों के अनुसार, हरियाणा के कई ऐसे जिले हैं, जहां वायु गुणवत्ता खराब स्थिति में पहुंच गई है. बता दें कि पंचगांव में AQI 400 दर्ज किया गया, जबकि गुरुग्राम के NISE ग्वाल पहाड़ी में 376 और बल्लभगढ़ की नाथू कॉलोनी में 368 AQI रहा. बहादुरगढ़ के आर्य नगर में 354, गुरुग्राम के तेरी ग्राम में 342 और जींद की पुलिस लाइन में 318 AQI दर्ज किया गया. वहीं मानेसर सेक्टर-2 में 324 और गुरुग्राम सेक्टर-51 में 296 AQI देखने को मिला है.
हरियाणा के कई ऐसे शहर हैं, जहां प्रदूषण का असर देखने को मिल रहा है. जींद में AQI 318, फरीदाबाद सेक्टर-30 में 271, रोहतक में 277 और कैथल में 285 दर्ज किया गया. वहीं अगर अंबाला की बात करें, तो 288, कुरुक्षेत्र में 258, सोनीपत के मुरथल में 245 और हिसार में 277 AQI रहा. दूसरी तरफ पलवल में 61 और पंचकूला में 70 AQI दर्ज किया गया, जहां हवा की बेहतर रही.
हरियाणा में हवा को खराब वाहनों से निकलने वाला धुएं और फैक्ट्रियों से निकलने वाला प्रदूषण कर रहे हैं. इसके साथ ही कई जगहों पर देखा गया है कि लोग खुले में कचरा जलाते हैं. पराली के धुएं से भी प्रदूषण बढ़ने की आशंका है. जैसे ही हवा की रफ्तार कम होती है, प्रदूषण के कण वातावरण में जमा होते जाते हैं.
दिवाली के नजदीक आते ही प्रदूषण को लेकर बढ़ गई है. पहले ही ठंड के धीरे-धीरे बढ़ने से प्रदूषण भी बढ़ रहा है. ऐसे में दिवाली पर पटाखों से निकलने वाला धुआं हवा की गुणवत्ता को और खराब कर सकते हैं. लोगों को सांस संबंधी परेशानी होने लगी है.
(अशोक कुमार की रिपोर्ट)