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हरियाणा रोडवेज के निजीकरण और लंबित मांगों को लेकर रोडवेज कर्मचारियों ने एक बार फिर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. हांसी में रोडवेज कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का आज पांचवां दिन है. बसों का संचालन ठप होने से आम यात्रियों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है. हांसी बस स्टैंड पर यात्री घंटों बसों का इंतजार करते नजर आए. कोई गांव जाने के लिए बस पूछता रहा, तो कोई दिल्ली, हिसार, चंडीगढ़ और करनाल जाने के लिए परेशान होता दिखाई दिया. बसें नहीं मिलने के कारण यात्रियों को निजी वाहनों और अन्य साधनों का सहारा लेना पड़ा.
वहीं अब से कुछ दिन बाद ही दीपावली का त्योहार है. ऐसे में अगर रोडवेज बसों का संचालन बहाल नहीं हुआ तो त्योहार पर अपने घर जाने वाले यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों, विद्यार्थियों और नौकरीपेशा यात्रियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. हिसार डिपो और हांसी सब-डिपो में लंबित वित्तीय भत्तों और बकाया भुगतान की मांग को लेकर कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन चक्का जाम किया हुआ है. हड़ताल के कारण हिसार डिपो की 181 और हांसी सब-डिपो की 71 बसों सहित कुल 259 बसों का संचालन प्रभावित होने का दावा किया जा रहा है.
कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मेन मांगों में नाइट ड्यूटी भत्ता, टीए, एलटीसी और मेडिकल बिलों का लंबित भुगतान शामिल है. कर्मचारियों के अनुसार, करीब साढ़े चार करोड़ रुपये का टीए भुगतान अभी तक लंबित है. उनका दावा है कि पांच दिनों से बसों का संचालन बंद रहने के कारण करीब एक करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है. रोडवेज कर्मचारी जयबीर सिवाच और मंजीत कुमार ने बताया कि कर्मचारी लंबे समय से अपने वित्तीय लाभों के भुगतान की मांग कर रहे हैं. अधिकारियों को कई बार ज्ञापन सौंपने और धरना-प्रदर्शन करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ. कर्मचारियों ने साफ कहा कि जब तक बकाया राशि उनके खातों में नहीं आती, तब तक हड़ताल खत्म नहीं होगी.
कर्मचारियों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो इस बार कर्मचारी काली दिवाली मनाएंगे. साथ ही साझा मोर्चा के आह्वान पर पूरे हरियाणा में रोडवेज बसों का चक्का जाम किया जा सकता है. कर्मचारियों का कहना है कि सरकार ने समय रहते उनकी मांगों का समाधान नहीं किया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा. फिलहाल एक तरफ रोडवेज कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन पर अड़े हुए हैं. वहीं दूसरी तरफ दीपावली का त्योहार नजदीक आने के साथ यात्रियों की चिंता बढ़ती जा रही है. अब देखना होगा कि सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत से कोई समाधान निकलता है या फिर इस बार त्योहारों के सीजन में यात्रियों को बसों के लिए परेशान होना पड़ेगा.
(हांसी से नवीन शर्मा की रिपोर्ट)