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बिहार विधान परिषद चुनाव में निर्दलीय राहुल राज की जीत पर उठ रहे सवालों का तरैया से भाजपा विधायक एवं बिहार विधानसभा की याचिका समिति के सभापति जनक सिंह ने जवाब देने की कोशिश की है. आनंद पुष्कर की ओर से लगाए जा रहे आरोपों पर उन्होंने कहा कि कौन क्या कह रहा है और क्या आरोप लगा रहा है, यह उसका अपना विषय है. इस पर दूसरों की बात सुनने के बजाय हर व्यक्ति को खुद से सवाल करना चाहिए कि उसे क्या करना चाहिए.
जनक सिंह ने कहा कि यह लोकतंत्र है और लोकतंत्र में मतदाता ही असली मालिक होती है. मतदाता का विश्वास जीतना किसी भी राजनीतिक व्यक्ति की जिम्मेदारी है. उन्होंने अपने चुनावी अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि वह 1995 से चुनाव लड़ते आ रहे हैं. जब भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा, उन्होंने इसके लिए कभी दूसरे को जिम्मेदार नहीं ठहराया. उनकी नजर में गलती अपनी थी कि वह नाराज मतदाताओं को मना नहीं पाए और उनसे अपना संबंध मजबूत नहीं कर सके.
उन्होंने कहा कि अगर कोई मतदाता किसी प्रत्याशी को समर्थन नहीं देता है तो इसके लिए भाजपा या एनडीए को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है. एक अच्छे राजनीतिक खिलाड़ी को मतदाताओं के साथ अपना संबंध बनाना और उनका विश्वास हासिल करना आना चाहिए. उन्होंने मतदाता और जनप्रतिनिधि के रिश्ते की तुलना प्रेम और विश्वास के रिश्ते से करते हुए कहा कि जब संबंध मजबूत होगा, तभी मतदाता अपना समर्थन देगा.
अपने पुराने चुनावी संघर्ष का जिक्र करते हुए जनक सिंह ने कहा कि वर्ष 2000 में चुनाव जीतने के बावजूद बाद के चुनाव में उन्हें 265 मतों से हार का सामना करना पड़ा था. उन्होंने कभी इसके लिए किसी दूसरे को दोषी नहीं माना, बल्कि इसे अपनी राजनीतिक कमी के रूप में स्वीकार किया.
बता दें कि बिहार विधान परिषद चुनाव के बाद से एनडीए में द्वंद्व की स्थिति कायम हो गई है. बीजेपी के बागी राहुल राज की सारण शिक्षक सीट पर जीत हो गई और जेडीयू के आनंद पुष्कर की हार हो गई. राहुल राज के जीतने के 72 घंटे के भीतर ही एक और बड़ा विवाद हो गया, जब वे भारतीय जनता पार्टी के पटना स्थित प्रदेश मुख्यालय पहुंच गए.
राष्ट्रीय जनता दल और जन सुराज पार्टी के नेताओं का आरोप है कि राहुल राज और तिरहुत स्नातक सीट से जीते बंशीधर ब्रजवासी ने भाजपा की सदस्यता ले ली और पार्टी में शामिल हो गए. ऐसा करने से दोनों की सदस्यता रद्द हो सकती है. दोनों दलों ने इस बात की शिकायत विधान परिषद के सभापति रामवचन राय से भी की है. हालांकि, राहुल राज और बंशीधर ब्रजवासी का कहना है कि वे भाजपा का समर्थन करने गए थे. उन्होंने पार्टी की सदस्यता नहीं ली है.
छपरा से राकेश की रिपोर्ट