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Gurugram News: गुरुग्राम के सेक्टर 50 में बागी महंत बालक नाथ मंदिर परिसर में तोड़फोड़ का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. सोमवार को संतों और ग्रामीणों ने मंदिर परिसर में हुई कार्रवाई के विरोध में जिला अतिरिक्त उपायुक्त को एक ज्ञापन सौंपा. तोड़फोड़ ने प्रशासन के सामने कई मांगें रखीं, जिसमें कहा गया कि अगर जल्द ही कोई हल नहीं निकला तो आने वाले दिनों में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा.
ग्रामीणों की मांगे क्या हैं ?
ज्ञापन में संतों और ग्रामीणों द्वारा मांग की गई कि मंदिर परिसर में बनी महंत बालक नाथ की समाधि को फिर से बनाया जाए.
उन्होंने यह भी मांग की कि मंदिर से हटाई गई सभी मूर्तियों को फिर से लगाया जाए.
वहीं तोड़फोड़ ने कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार किए गए संतों और दूसरे लोगों को तुरंत रिहा करने की भी मांग की.
उन्होंने मंदिर परिसर में चल रही गौशाला से हटाई गई गायों को वापस करने की भी मांग की.
मंदिर परिसर से जुड़ी धार्मिक गतिविधियां और व्यवस्थाएं फिर से शुरू की जानी चाहिए.
ज्ञापन मिलने के बाद जिला अतिरिक्त उपायुक्त सोनू भट्ट ने आश्वासन दिलाया कि उनकी मांगों को संबंधित बड़े अधिकारियों और मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाएगा. जिसके बाद ही सही फैसला लिया जाएगा.
40 साल पुराने मंदिर परिसर को गिराने का आरोप
बता दें कि स्थानीय लोगों के अनुसार, सेक्टर 50 में स्थित यह मंदिर परिसर लगभग 40 साल पुराना है. बाबा बालक नाथ की समाधि भी यहीं है. परिसर में तोड़फोड़ कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में साधु-संत और गांव वाले मौके पर पहुंचे और विरोध किया. स्थिति को कंट्रोल करने के लिए पुलिस फोर्स तैनात की गई.
गांव वालों का आरोप है कि प्रशासन की टीम ने अचानक कार्रवाई करते हुए मंदिर में बनी गौशाला, तालाब और धर्मशाला को गिरा दिया. इस कार्रवाई से इलाके में तनाव पैदा हो गया और लोगों ने प्रशासन के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया.
इस बीच, MLA महंत बालक नाथ ने भी मंदिर कॉम्प्लेक्स में की गई कार्रवाई का विरोध किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ जमीन माफिया अपने स्वार्थ के लिए अधिकारियों को गुमराह करके मंदिर की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने मांग की है कि प्रशासन अपनी कार्रवाई का कारण बताए और धार्मिक स्थल की सुविधाएं बहाल करें.
संतों और गांववालों के दिए गए ज्ञापन के बाद सबकी नजरें प्रशासन के अगले कदम पर हैं. लोगों का साफ कहना है कि अगर उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं तो बड़े स्तर पर आंदोलन होगा.
(गुरुग्राम से देवेंद्र भारद्वाज की रिपोर्ट)