पालतू कुत्ते को गोद में उठाया तो छात्रा पर टूट पड़ा जर्मन शेफर्ड, बाजू और कमर पर काटा
हरियाणा के फरीदाबाद से एक मामला सामने आया है, जहां एक छात्रा पालतू कुत्ते को घुमाने निकली थी. वहीं पड़ोस के जर्मन शेफर्ड डॉग ने उसके ऊपर हमला कर दिया. इतना ही नहीं जर्मन शेफर्ड ने लड़की के दाईं बाजू और कमर पर भी काट लिया.
फरीदाबाद के सेक्टर-37 के अशोका एन्क्लेव पार्ट-2 में सुबह पालतू कुत्ते को घुमाने निकली बीटेक की छात्रा पर पड़ोसी के जर्मन शेफर्ड डॉग ने हमला कर दिया. छात्रा ने अपने कुत्ते को गोद में उठाकर बचाने की कोशिश की, लेकिन जर्मन शेफर्ड ने उसकी दाईं बाजू और कमर पर काट लिया. घायल छात्रा को अस्पताल में इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई. घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है. गुरुवार को छात्रा की शिकायत पर सराय ख्वाजा थाना पुलिस ने कुत्ते के मालिक और उनकी पत्नी के खिलाफ केस दर्ज किया है.
सुबह कुत्ते को घुमाने निकली थी छात्रा
सृष्टि शर्मा ने शिकायत में बताया कि वो निजी कॉलेज में बीटेक सेकेंड ईयर की छात्रा है. उसके पिता संजय शर्मा एक प्राइवेट कंपनी में जनरल मैनेजर है और मां पूनम शर्मा दिल्ली हाईकोर्ट में एडवोकेट हैं. 17 अक्टूबर की सुबह करीब 6:45 से 7 बजे के बीच वो अपने पालतू कुत्ते (पोमेरियन ब्रीड) को घुमाने निकली थी. इसी दौरान पड़ोसी सिकंदर शर्मा का जर्मन शेफर्ड खुला घूमते हुए अचानक उसकी तरफ दौड़ पड़ा. हमले से बचने के लिए उसने अपने कुत्ते को गोद में उठा लिया, लेकिन जर्मन शेफर्ड ने उसकी दाईं बाजू पर हमला कर दिया. वो खुद को बचाने के लिए चिल्लाती रही, लेकिन कुत्ते ने उसकी कमर पर भी काट लिया.
एंटी-रेबीज का टीका लगा
सृष्टि ने शिकायत में बताया कि उसके चिल्लाने के काफी देर बाद कुत्ते की मालकिन मौके पर पहुंची और कुत्ते को काबू किया. इसके बाद घायल छात्रा को उपचार के लिए अमृता अस्पताल ले जाया गया. वहां इमरजेंसी में उसका इलाज किया गया. एंटी-रेबीज का टीका लगाने के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई. कुत्ते को खुला छोड़ने के कारण यह घटना हुई. उसने कुत्ते के मालिक सिकंदर शर्मा और उनकी पत्नी सुषमा शर्मा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.
मामले में कार्रवाई का प्रावधान
सराय ख्वाजा थाना प्रभारी राकेश ने बताया कि शिकायत के आधार पर सिकंदर शर्मा और सुषमा शर्मा के खिलाफ BNS की धारा 291 और 125(a) के तहत मामला दर्ज किया गया है. इन धाराओं के तहत लापरवाही से कुत्ते को खुला छोड़ने और उससे चोट पहुंचने के मामलों में कार्रवाई का प्रावधान है. धारा 291 के तहत अधिकतम 6 महीने की कैद या 5,000 रुपए जुर्माना अथवा दोनों की सजा हो सकती है. वहीं, धारा 125(A) के तहत चोट पहुंचाने के मामले में अधिकतम 6 महीने की कैद या 5,000 रुपए जुर्माना अथवा दोनों की सजा का प्रावधान है.
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(फरीदाबाद से जय प्रकाश की रिपोर्ट)