)
Jhajjar News: दिल्ली संसद भवन में तैनात सीआईएसएफ जवान सोमप्रकाश और उनकी पत्नी लक्ष्मी का गमगीन माहौल में सैन्य सम्मान के साथ झज्जर में अंतिम संस्कार कर दिया गया. सड़क हादसे में सोमप्रकाश, उनकी पत्नी लक्ष्मी समेत तीन लोगों की मौत हो गई थी. अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में लोग, परिजन मौजूद रहे.
बताया गया कि सोमप्रकाश दिल्ली के संसद भवन में सीआईएसएफ जवान के रूप में कार्यरत थे और करीब चार माह बाद सेवानिवृत्त होने वाले थे. ड्यूटी के दौरान 30 अगस्त को दिल्ली के महिपालपुर क्षेत्र में हुए सड़क हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे. इसके बाद उनका गुरुग्राम स्थित सिग्नेचर अस्पताल में उपचार चल रहा था.
जानकारी के अनुसार, सोमप्रकाश अपनी पत्नी लक्ष्मी और बेटे पंकज के साथ टांके कटवाने के बाद झज्जर वापस लौट रहे थे. इसी दौरान हुए सड़क हादसे में शनिवार की शाम एंबुलेंस और ट्राले की हुई टक्कर में सोमप्रकाश और उनकी पत्नी लक्ष्मी की मौत हो गई, जबकि उनका बेटा पंकज घायल हो गया. हादसे में एंबुलेंस चालक की भी मौत हुई थी.
अंतिम संस्कार के दौरान सैन्य सम्मान के साथ जवान सोमप्रकाश को अंतिम विदाई दी गई. माहौल पूरी तरह गमगीन रहा और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था.
जवान की अंत्येष्टि के मौके पर प्रशासन की ओर से किसी अधिकारी के शामिल नहीं होने को लेकर परिजनों और ग्रामीणों में नाराजगी दिखाई दी. लोगों का कहना था कि देश की सेवा में तैनात रहे जवान की अंतिम विदाई के मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी अपेक्षित थी.
अधिकारियों के मौके पर नहीं पहुंचने को लेकर लोगों ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए. लोगों ने कहा कि जवान ने अपनी सेवा के दौरान देश की सुरक्षा में योगदान दिया और ऐसे समय में प्रशासन की उपस्थिति परिवार और क्षेत्र के लोगों के लिए कई सवाल छोड़ गई.
(झज्जर से सुमित कुमार की रिपोर्ट)