गोगी गैंग की कुंडली क्या है? कौन था गैंगस्टर जितेंद्र... जिसके गुर्गों ने मचा रखा है आतंक
जिम से निकलते ही बाइक सवार हमलावरों ने हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की हत्या कर दी. अंकित पर 18 से 20 राउंड फायरिंग हुई. सोशल मीडिया पर गैंग से जुड़े व्यक्ति के नाम से हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया. पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की. अंकित के एक गाने को लेकर भी विवाद की बात सामने आई है.
गोगी गैंग फिर चर्चा में है. यूपी के शामली में बुधवार शाम हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की गोली मारकर हत्या कर दी गई. जिम से बाहर निकलते ही बाइक सवार बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. करीब 18 से 20 राउंड गोलियां चलाई गईं. मौके पर ही अंकित की मौत हो गई. घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और आक्रोशित लोगों ने प्रदर्शन भी किया, हालांकि पुलिस के समझाने के बाद परिवार पोस्टमार्टम के लिए राजी हुआ. अब तक पुलिस किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है. लेकिन जांच के लिए कई टीमें बना दी गई हैं. मगर गोगी गैंग की कुंडली क्या है और इसके गुर्गों ने क्यों ऐसा क्या?
असल में घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज में दो बाइकों पर सवार चार संदिग्ध नजर आ रहे हैं. पुलिस के मुताबिक इन बदमाशों ने पहले इलाके की रेकी की और फिर वारदात को अंजाम दिया. ये तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं. हत्या शामली के संभल सदर कोतवाली क्षेत्र में हुई है. वहां अंकित जिम करने गए थे और वापस अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी की ओर बढ़ ही रहे थे कि हमलावरों ने गोलियां बरसा दीं.
इस बीच सोशल मीडिया पर हरियाणा के गोगी गैंग से जुड़े सोनीपत निवासी भोलू शाहपुरिया के नाम से एक पोस्ट सामने आई है. इसमें हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया है. पोस्ट में कहा गया कि अंकित गैंग के दुश्मनों का साथ दे रहा था और उसने 'गोगी भाई' से जुड़ी एक घटना पर गाना बनाया था. धमकी भरे लहजे में लिखा गया कि जो कोई भी दुश्मनों का साथ देगा, उसका अंजाम भी यही होगा. पुलिस ने अभी तक इस सोशल मीडिया दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.
'भरी कोर्ट में गोली मारेंगे मेरी जान'
पोस्ट में जिस गाने का जिक्र है, वह अंकित का सुपरहिट गाना 'भरी कोर्ट में गोली मारेंगे मेरी जान' बताया जा रहा है. दावा है कि यह गाना गैंगस्टर जितेंद्र गोगी की मौत की घटना से प्रेरित था.
जितेंद्र गोगी की हत्या साल 2021 में दिल्ली की रोहिणी कोर्ट में भरी अदालत में हुई थी. अंकित का ये गाना इसके काफी समय बाद रिलीज हुआ. गैंगस्टर जितेंद्र गोगी का नाम इस पूरे मामले से शुरू से जुड़ रहा है. 24 सितंबर 2021 को दिल्ली की रोहिणी कोर्ट के कमरा नंबर 207 में पेशी के दौरान जितेंद्र गोगी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. हमलावर वकील की वेशभूषा में कोर्ट रूम के भीतर दाखिल हुए थे.
घटना के तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों ने जवाबी फायरिंग में दोनों हमलावरों को भी मार गिराया था. बताया जाता है कि इन दोनों शूटरों को गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया ने करीब एक महीने तक वकील बनने की ट्रेनिंग दिलवाई थी. जितेंद्र गोगी को अप्रैल 2021 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मकोका के तहत गिरफ्तार किया था. इसके बावजूद वह जेल के भीतर से ही अपना पूरा गैंग ऑपरेट कर रहा था. उस पर हत्या और हत्या के प्रयास के 19 से ज्यादा मामले दर्ज थे, इसके अलावा जबरन वसूली और डकैती जैसे दर्जनों केस भी उसके नाम पर थे.
क्राइम की दुनिया में जितेंद्र गोगी
जितेंद्र गोगी का क्राइम की दुनिया में आना भी एक मोड़ की कहानी है. स्कूल छोड़ने के बाद उसने प्रॉपर्टी का काम शुरू किया था. मगर 2010 में पिता की मौत के बाद वह अपराध की दुनिया में उतर गया. इसी दौरान वह कुख्यात गैंगस्टर संदीप उर्फ काला जठेड़ी के संपर्क में आया. दिल्ली विश्वविद्यालय के श्रद्धानंद कॉलेज में छात्र चुनाव के दौरान गोगी और उसके साथियों ने दो लोगों पर गोली चलाई थी, जिसके बाद 2011 में उसे गिरफ्तार किया गया.
जेल से बाहर आने के बाद गोगी ने रंगदारी वसूलने के लिए अपना गिरोह खड़ा कर लिया और सलाखों के पीछे से ही किडनैपिंग, फिरौती और मर्डर जैसी वारदातें कराता रहा. फरवरी 2017 में उसने अलीपुर में देवेंद्र प्रधान की हत्या करवाई थी. उसी साल नवंबर में उसके गिरोह ने एक टीचर समेत एक अन्य व्यक्ति की भी हत्या कर दी थी.
ऐसा भी माना जाता है कि हरियाणवी गायिका हर्षिता दहिया की हत्या में भी उसका हाथ था. गोगी तीन बार पुलिस कस्टडी से फरार हो चुका था और वर्षों तक दिल्ली-हरियाणा पुलिस के लिए सिरदर्द बना रहा.
उस समय तो जितेंद्र गोगी ने कुख्यात गैंगस्टर काला जठेड़ी, लॉरेंस बिश्नोई, संपत नेहरा, अशोक प्रधान और हाशिम बाबा जैसे नामों से भी हाथ मिलाया था. उधर गोगी की धुर विरोधी टिल्लू गैंग को नीरज बवाना, सुनील राठी, नवीन बाली और नासिर जैसे शूटरों का साथ मिला हुआ था. गोगी और टिल्लू गैंग के बीच यह रंजिश सालों पुरानी थी और इसने दर्जनों जिंदगियां लील ली थीं. एक बार ये खबर भी आई थी कि गोगी की हत्या की साजिश में शामिल आरोपी नवीन बाली जेल में रहते हुए भी मोबाइल फोन से इंस्टाग्राम चलाता पाया गया था. फिर हरियाणा खुफिया विभाग ने तिहाड़ प्रशासन को इसकी सूचना दी थी.
गोगी गैंग का तार सिर्फ हरियाणा-दिल्ली या एनसीआर तक ही सीमित नहीं रहा है. प्रयागराज के कुख्यात माफिया अतीक अहमद के मामले से भी इसका सीधा कनेक्शन सामने आया था. अप्रैल 2023 में अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के बाद जब पुलिस पूछताछ कर रही थी तो शूटर सनी ने खुलासा किया कि वह जितेंद्र गोगी गिरोह के संपर्क में था. वहीं से उसे वह जिगाना पिस्टल मिली थी जिससे अतीक अहमद की हत्या को अंजाम दिया गया था. वहां भी गोगी गैंग का नाम आया था.
कुछ समय पहले दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गोगी गैंग के चार शार्पशूटरों को गिरफ्तार भी किया था. उसके पास से एक रिवॉल्वर समेत 17 पिस्टल बरामद हुई थीं. गोगी गैंग सिर्फ सुपारी किलिंग तक सीमित नहीं था बल्कि हथियारों की सप्लाई चेन में भी सक्रिय रहा है. फिलहाल अंकित बालियान मर्डर केस के बाद गोगी गैंग फिर निशाने पर है.