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बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर नाना पाटेकर अब हमारे बीच नहीं रहे. 75 साल की उम्र में कार्डियक अरेस्ट की वजह से उनका निधन हो गया. लेकिन उनके अंतिम संस्कार को लेकर फैंस के मन में एक बड़ा सवाल था. आमतौर पर हिंदू परंपराओं के मुताबिक सूर्यास्त यानी सूरज ढलने के बाद अंतिम संस्कार नहीं किया जाता है. लेकिन नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार रात के समय किया गया. अब उनके बेटे मल्हार पाटेकर ने मीडिया के सामने आकर इसकी पूरी वजह बताई है.
नाना पाटेकर के बेटे मल्हार पाटेकर ने अंतिम संस्कार के बाद मीडिया से बात की. उन्होंने बताया कि नाना पाटेकर का निधन गोवा में सुबह तड़के हुआ था. इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को गोवा से पुणे जिले के डोंजे गांव स्थित फार्महाउस लाना था. यात्रा काफी लंबी थी और इस सफर में उम्मीद से ज्यादा वक्त लग गया. मल्हार ने बताया कि निधन को काफी घंटे बीत चुके थे. इतने लंबे समय तक पार्थिव शरीर को रखना सही नहीं था. इसी वजह से परिवार को मजबूरी में सूर्यास्त के बाद अंतिम संस्कार का फैसला लेना पड़ा.
पुणे के डोंजे गांव वाले फार्महाउस पर गुरुवार को नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार किया गया. महाराष्ट्र सरकार की ओर से उन्हें पूरे राजकीय सम्मान के साथ विदाई दी गई. पुलिस जवानों ने 3-गन सलूट देकर इस महान कलाकार को श्रद्धांजलि दी. इस दौरान डोंजे गांव में अपने चहेते एक्टर की आखिरी झलक पाने के लिए हजारों लोगों की भीड़ जमा हो गई थी. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुणे एयरपोर्ट पर पहुंचकर नाना पाटेकर को श्रद्धांजलि दी. इसके अलावा उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे खुद उनके फार्महाउस पहुंचे और परिवार को सांत्वना दी.
#WATCH | Pune, Maharashtra: On the demise of his father and veteran actor Nana Patekar, Malhar Patekar says, "... A person like Nana Saheb never truly leaves us. Through their work, they become immortal. Secondly, his mindset was always consistent; he would frequently repeat the line, 'Let's get together in the name of humanity and work for the betterment of the world.'... Through our organisation, work was already underway in the water sector, and large-scale initiatives in education and health had begun in Kashmir as well. Thirdly, he assigned specific responsibilities to everyone before he left... Regarding the Marathwada work, I spoke to the Chief Minister just a short while ago, and he noted that the work being done through the Naam Foundation is proceeding under the guidance of our CEO, Ganesh Thorat. The Chief Minister acknowledged that we have collaborated in the past, but he emphasised that Nana Saheb had intended to push even harder this time around. So, the Chief Minister stated that we must ensure that what he had envisioned actually comes to pass..."
— ANI (@ANI) October 8, 2026
नाना पाटेकर सिर्फ एक बेहतरीन एक्टर ही नहीं थे बल्कि एक बहुत बड़े समाजसेवक भी थे. उन्होंने नाम फाउंडेशन के जरिए महाराष्ट्र के किसानों और जरूरतमंदों की बहुत मदद की थी. बेटे मल्हार ने कहा कि नाना पाटेकर जैसे लोग कभी मरते नहीं हैं. वे अपने काम के जरिए हमेशा अमर रहते हैं. उन्होंने बताया कि उनके पिता ने समाज सेवा की जिम्मेदारियां पहले ही सही लोगों को सौंप दी थीं. मल्हार ने वादा किया कि उनके पिता के जो भी सपने अधूरे रह गए हैं उन्हें वह हर हाल में पूरा करेंगे.
गोवा पुलिस ने दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन के मामले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 194 के तहत मेडिको-लीगल 'अप्राकृतिक मौत' का मामला दर्ज किया है, जिसकी जांच PSI नितिन नाइक द्वारा की जा रही है. डोना पाउला स्थित उनके आवास से मणिपाल अस्पताल लाए जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें 'ब्रॉट डेड' घोषित कर दिया था. पुलिस मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए इनक्वेस्ट जांच (शव की पंचनामा पड़ताल), गोवा मेडिकल कॉलेज (GMC) में पोस्टमार्टम और परिजनों व अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी कर रही है. फिलहाल पुलिस मौत की परिस्थितियों की विस्तृत जांच में जुटी है, जिसके तहत यदि मौत प्राकृतिक पाई जाती है तो केस बंद कर दिया जाएगा, वहीं किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या संदिग्ध परिस्थिति सामने आने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
Goa Police have registered a medico-legal Unnatural Death (UD) case in connection with the death of veteran actor Nana Patekar. The case has been registered under Section 194 of the BNSS, with PSI Nitin Naik conducting the inquiry. Nana Patekar was brought to Manipal Hospital from his residence in Dona Paula and was declared brought dead by doctors. As part of the inquiry, police will conduct an inquest, arrange a post-mortem at GMC and record statements of family members and other relevant persons to establish the cause of death. At present, police are investigating the circumstances and cause of death. If the death is found to be natural, the case may be closed accordingly. If any foul play or other suspicious circumstances emerge, further legal action may follow.
— IANS (@ians_india) October 8, 2026
नाना पाटेकर के जाने से पूरा बॉलीवुड और देश सदमे में है. उनके अंतिम संस्कार में जैकी श्रॉफ, डायरेक्टर अनिल शर्मा, अनीस बज्मी और प्रोड्यूसर फिरोज नाडियाडवाला जैसे बड़े नाम पहुंचे. सोशल मीडिया पर भी बॉलीवुड सितारों ने अपना दुख जाहिर किया. सलमान खान ने इंस्टाग्राम पर लिखा 'नाना... रेस्ट इन पीस भाऊ'. अजय देवगन ने फिल्म अपहरण का एक सीन शेयर करते हुए लिखा कि नाना की एक्टिंग और उनकी मौजूदगी का कोई मुकाबला नहीं था. साउथ के सुपरस्टार कमल हासन ने भी कारगिल युद्ध और किसानों के लिए नाना के काम को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी.
नाना पाटेकर गोवा में थे जब उन्हें अचानक सीने में दर्द हुआ. उन्हें तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया. डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक सीपीआर दिया और उन्हें बचाने की हर संभव कोशिश की. लेकिन दुर्भाग्य से डॉक्टरों की सारी कोशिशें नाकाम रहीं और उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. नाना पाटेकर भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनकी फिल्में और उनका सोशल वर्क हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेगा.
(इनपुट आईएएनएस से भी)