विजय माल्या से ऐसी क्या दुश्मनी थी? डैनी डेन्जोंगपा ने सिक्किम के लिए खर्च कर दिए 40 करोड़; वजह जानकर रह जाएंगे हैरान
बॉलीवुड के मशहूर विलेन डैनी डेन्जोंगपा ने एक समय विजय माल्या को सिक्किम से दूर रखने के लिए 40 करोड़ रुपये खर्च किए थे. दोनों के बीच ऐसा क्या मामला था और डैनी ने सिक्किम के हितों के लिए इतना बड़ा कदम क्यों उठाया? जानिए इस दिलचस्प किस्से की पूरी कहानी.
दिग्गज एक्टर डैनी डेन्जोंगपा ने 1970 के दशक की शुरुआत में फिल्मों में सपोर्टिंग रोल से अपने करियर की शुरुआत की. लेकिन जल्द ही उन्होंने बॉलीवुड के सबसे खतरनाक खलनायकों में से एक के रूप में अपनी पहचान बना ली. सिक्किम में जन्मे डैनी सेना अधिकारी बनने का सपना देखते थे, लेकिन 1960 के दशक में चीन के साथ तनाव बढ़ने और युद्ध की भयावहता को देखने के बाद उनकी मां ने उनसे सेना में न जाने का आग्रह किया. डैनी ने उनकी बात मान ली और अपने दूसरे शौक यानी म्यूजिक की ओर रुख किया. उन्होंने FTII (फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया) से अभिनय का कोर्स किया, जहां म्यूजिक भी सिखाया जाता था.
देखते ही देखते डैनी सिक्किम राज्य से आने वाले उन पहले अभिनेताओं में से एक बन गए, जिन्हें पूरे देश में शोहरत मिली. हालांकि, जैसे-जैसे डैनी की पॉपुलैरिटी बढ़ती गई. उन्हें अपने घर की याद आने लगी. बाद के वर्षों में उन्होंने तय किया कि वे साल का कम से कम आधा समय सिक्किम में बिताएंगे. सिक्किम में बिताए गए इसी समय के दौरान उन्होंने अपना ब्रूअरी (शराब बनाने का) व्यवसाय शुरू किया, जो आज भारत के सबसे सफल ब्रूअरी व्यवसायों में से एक है.
डैनी ने सिक्किम में अपने गांव 'युक्सोम' के नाम पर अपनी ब्रूअरी का नाम रखा और 1987 में 'युक्सोम ब्रूअरीज' की स्थापना की. यह कंपनी शुरुआत में एक छोटे लेवल के कारोबार के रूप में शुरू हुई, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा हुए और सिक्किम की स्थानीय अर्थव्यवस्था को मदद मिली. हालांकि, बाद में यह भारत की तीसरी सबसे बड़ी ब्रूअरी और देश के पूर्वोत्तर क्षेत्र की सबसे बड़ी ब्रूअरी बन गई.
विजय माल्या को दूर रखने के लिए खर्च किए 40 करोड़
2005 में डैनी डेन्जोंगपा ने अपने बिजनेस का विस्तार शुरू किया, युक्सम ब्रेवरीज के लिए यह पहला बड़ा विस्तार था. एक्टर ने ओडिशा में डेनजोंग ब्रेवरीज की स्थापना की. इसके चार साल बाद यानी 2009 में उन्होंने असम की कंपनी राइनो एजेंसीज लिमिटेड का अधिग्रहण कर लिया. इकोनॉमिक टाइम्स की 2009 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, डैनी ने इस कंपनी को 40 करोड़ रुपये में खरीदा था.
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इसी दौरान विजय माल्या की कंपनी यूनाइटेड ब्रेवरीज (UB) पूर्वोत्तर भारत के बाजार में कदम रखने की तैयारी कर रही थी. डैनी इस बाजार में अपनी कंपनी की पकड़ बनाए रखना चाहते थे. ऐसे में उन्हें अंदेशा था कि अगर UB ने इस क्षेत्र में एंट्री की तो युक्सम ब्रेवरीज को भारी नुकसान हो सकता है. इसकी वजह भी साफ थी, यूनाइटेड ब्रेवरीज एक बड़ी मल्टीनेशनल स्तर की कंपनी थी. जबकि उस समय युक्सम ब्रेवरीज पूर्वोत्तर की एक छोटी स्थानीय कंपनी थी.
जब डैनी ने अपने ब्रूअरी (शराब बनाने के) कारोबार को बढ़ाना शुरू किया, तब उन्हें फिल्मों में काम करते हुए तीन दशक से ज्यादा हो चुके थे. लेकिन उनके ब्रूअरी बिजनेस से उन्हें अपने अभिनय के मुकाबले बेहतर कमाई हो रही थी. 2009 में 'द इंडियन एक्सप्रेस' के साथ बातचीत के दौरान जब डैनी से उनके बिजनेस और उसके प्रदर्शन के बारे में पूछा गया तो उन्होंने पूरी ईमानदारी से कहा, 'बहुत अच्छा चल रहा है. अभी सिक्किम में मेरी तीन ब्रूअरी हैं. असल में मेरी आजीविका इन्हीं से चलती है. एक्टिंग तो बस यूं ही होता रहा.' 'सेलिब्रिटी नेट वर्थ' के मुताबिक, डैनी की कुल संपत्ति (नेट वर्थ) अभी 10 मिलियन डॉलर है.
स्टारडम से ज्यादा सुकून को दी तरजीह
डैनी ने बहुत पहले ही तय कर लिया था कि वह स्टारडम की कभी न खत्म होने वाली दौड़ के बजाय अपने आराम को चुनेंगे. 2018 में 'स्क्रॉल' के साथ एक बातचीत में उन्होंने बताया कि उन्हें गर्मियों के दौरान मुंबई में रहना पसंद नहीं है और वह इस शहर में केवल नवंबर से जनवरी के बीच ही शूटिंग करते हैं. अपने बिजनेस की बदौलत उनकी आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी है कि वह ऐसे फैसले ले सकते हैं.
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उन्होंने कहा, 'मेरी शर्त यह है कि मैं बॉम्बे में केवल सर्दियों में यानी नवंबर से जनवरी के बीच ही शूटिंग करूंगा. बॉम्बे की गर्मियां बहुत खराब होती हैं. इतनी बेचैनी होती है कि आप अपने बाल भी ठीक से नहीं रख सकते. पसीना आने लगता है और स्क्रीन पर हर कोई परेशान नजर आता है.' उन्होंने आगे कहा, 'कभी-कभी, मेरा बिल्कुल भी काम करने का मन नहीं करता. मेरी काम करने की रफ्तार बहुत धीमी रही है, और मैं इसमें बहुत खुश हूं. मैं रविवार को शूटिंग नहीं करता. मैं अपने दिल की सुनता हूं और जो मन में आता है, वही करता हूं. मैं कोई प्लानिंग नहीं करता.'
पिछले कुछ दशकों में डैनी अपनी फिल्मों के चुनाव को लेकर काफी सतर्क रहे हैं. उन्होंने 2010 में रजनीकांत की फिल्म 'एंथिरन' में मुख्य विलेन का किरदार निभाया था और 'बेबी' तथा 'नाम शबाना' जैसी फिल्मों में भी अहम भूमिकाएं निभाईं. फिल्मों में उनकी आखिरी मौजूदगी 2022 की फिल्म 'ऊंचाई' में थी, जिसका निर्देशन सूरज बड़जात्या ने किया था. डैनी को 2003 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया था. उन्हें मुख्य रूप से 'धुंध', 'द बर्निंग ट्रेन', 'अग्निपथ', 'हम', 'क्रांतिवीर' और 'घातक' जैसी कई फिल्मों में अपने एक्टिंग के लिए जाना जाता है.